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यहां हाथों की नब्ज देखकर तय होती है कौन सी कॉकटेल मिलेगी? चीन का अनोखा बार वायरल

चीन के शंघाई में एक ऐसा बार चर्चा में है, जहां कॉकटेल ऑर्डर करने से पहले ग्राहकों की पल्स चेक की जाती है. इसके बाद उसके पल्स के आधार पर जड़ी-बूटियों और दूसरी चीजों से खास कॉकटेल तैयार की जाती है.

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यहां आपकी ड्रिंक आपकी पसंद नहीं, बल्कि आपकी पल्स तय करती है. ( Photo: ITG)
यहां आपकी ड्रिंक आपकी पसंद नहीं, बल्कि आपकी पल्स तय करती है. ( Photo: ITG)

आमतौर पर बार में जाने के बाद लोग अपनी पसंद की ड्रिंक ऑर्डर करते हैं. लेकिन चीन के शंघाई में एक ऐसा बार है, जहां कॉकटेल ऑर्डर करने से पहले आपकी नब्ज चेक की जाती है. इसके बाद आपकी नब्ज की जांच के आधार पर खास तरह की ड्रिंक तैयार की जाती है. इस अनोखे तरीके ने लोगों का ध्यान खींचा है और यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है.

शंघाई के न्यांग किंग बार (Niang Qing Bar)  में ग्राहक पहुंचते हैं तो वहां पारंपरिक चीनी चिकित्सा यानी Traditional Chinese Medicine (TCM) के जानकार उनकी नब्ज चेक करते हैं. इसके लिए ग्राहक अपनी दोनों कलाइयां आगे करते हैं. नब्ज देखने के बाद बार का मिक्सोलॉजिस्ट यानी ड्रिंक बनाने वाला व्यक्ति कुछ खास जड़ी-बूटियों और जड़ों का इस्तेमाल करके ग्राहक के लिए कॉकटेल तैयार करता है. यानी यहां हर किसी को एक जैसी ड्रिंक नहीं मिलती.

बार में शराब की जगह दिखती हैं जड़ी-बूटियां
इस बार की एक खास बात इसका माहौल भी है. आम बार की तरह यहां सिर्फ शराब की बोतलें नहीं दिखतीं. दीवारों पर कई तरह की जड़ी-बूटियां और जड़ें रखी होती हैं. इनमें गोजी बेरीज और एंजेलिका रूट जैसी चीजें शामिल हैं. इन्हीं चीजों का इस्तेमाल कुछ खास ड्रिंक तैयार करने में किया जाता है. 

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युवाओं के बीच बढ़ रहा है 'पंक वेलनेस' ट्रेंड
चीन के कई शहरों में इस तरह के टीसीएम बार सामने आ रहे हैं. यह ट्रेंड खास तौर पर उन युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है, जो काम के दबाव और व्यस्त जिंदगी के बीच अपनी सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं. इसे 'पंक वेलनेस' कहा जा रहा है. आसान शब्दों में समझें तो लोग देर रात तक जागने, फास्ट फूड खाने और काम के तनाव जैसी आदतों के बीच सेहत को लेकर जागरूक रहने की कोशिश कर रहे हैं.

क्या ये बार इलाज करता है?
बार से जुड़े टीसीएम एक्सपर्ट डिंग के मुताबिक, चीनी चिकित्सा और शराब का मेल कोई बिल्कुल नई चीज नहीं है. इसे पहले 'मेडिसिनल वाइन' यानी औषधीय शराब के तौर पर भी जाना जाता था. हालांकि, इस बार का मकसद किसी बीमारी का इलाज करना नहीं है. यहां पल्स टेस्ट और खास ड्रिंक के जरिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाती है.

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