पंकज चौधरी (Pankaj Chaudhary) उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं. उन्हें 14 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया. केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में लखनऊ पार्टी दफ्तर में आयोजित कार्यक्रम में उनके नाम की औपचारिक घोषणा की.
2024 के चुनाव में उन्होंने महराजगंज सीट से कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी को 35,451 वोटों से हराया. पंकज चौधरी को 591,310 वोट मिले थे. पंकज चौधरी रिकॉर्ड बनाते हुए सातवीं बार सांसद चुने गए और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री बनाए गए.
सांसद पंकज चौधरी ने अपनी राजनीति की शुरुआत 1990 में गोरखपुर नगर निगम चुनाव से की थी. वह गोरखपुर नगर निगम के उप महापौर रह चुके हैं. साल 1991 में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर महाराजगंज से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इसके बाद उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीते. लेकिन, 1999 के चुनाव में पंकज चौधरी को हार का सामना करना पड़ा. 2004 में पंकज चौधरी ने फिर से बीजेपी का परचम लहराया और 2014, 2019 और 2024 तक इसे कायम रखा.
वे महराजगंज जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. 2022 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवप्रताप शुक्ल को हटाकर पंकज चौधरी को जगह दी थी.
चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के मुताबिक, पंकज चौधरी ने अपनी चल सम्पत्ति 1 करोड़ 14 लाख 43 हजार 314 रुपये बताई है. इसके अलावा उनकी पत्नी भाग्यश्री के पास भी 11 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है. पंकज के पास तीन बंदूकें भी हैं.
15 नवंबर 1964 में जन्में पंकज एक बिजनेस फैमिली आते हैं.उनके पिता स्वर्गीय भगवान प्रसाद चौधरी थे. उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की है.
उनकी पत्नी का नाम भाग्य श्री चौधरी है और उनके दो बच्चे हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने क्षेत्रीय प्रभारियों और मोर्चा प्रभारियों की नई टीम का ऐलान किया है. बीजेपी अभी से चुनावी तैयारियों में जुट गई है.
उत्तर प्रदेश में भले ही अभी चुनाव का ऐलान न हुआ हो, लेकिन बीजेपी ने अपनी सियासी एक्सरसाइज तेज कर दी है. बीजेपी ने सूबे की सभी 403 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन में जुट गई है. ऐसे में सपा-बसपा के मजबूत आधार वाले बूथ को फतह करने की तैयारी बीजेपी ने की है.
लखनऊ में बुधवार को आयोजित आजतक के कार्यक्रम 'पंचायत आजतक' में आमंत्रित रहे उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी. जहां उन्होंने 'फिर एक बाद बीजेपी सरकार' नाम के सेशन में यूपी में 2027 में होने वाले चुनाव की तैयारियों से लेकर राममंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दा के असर तक पर बात की. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी पूरे दमखम के साथ जुट गई है. एसआईआर प्रक्रिया के आंकड़े सामने आने के बाद अब उसी लिहाज से अपनी बूथ कमेटी के गठन का प्लान बनाया है, जिसके लिए पार्टी अपने अभियान की शुरुआत करने जा रही है.
यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अयोध्या राम मंदिर दान हेराफेरी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच जारी है और ट्रस्ट स्वतंत्र रूप से काम करता है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने 2027 में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का दावा किया.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ प्रवास के दौरान पार्टी के बड़े नेताओं की एकजुटता का संदेश दिया. उन्होंने नेताओं को यह संदेश दे दिया कि पार्टी की लाइन पर ही चलना होगा.
केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपनी तीसरी सरकार में पहली बार कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं. संभावित बदलावों में नए चेहरों को मौका मिलने, कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने और चुनावी राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखने की चर्चा भी तेज है.
अयोध्या राम मंदिर दान विवाद के बीच बीजेपी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अखिलेश यादव की चुप्पी को तुष्टिकरण की राजनीति बताया है. सीएम योगी और पंकज चौधरी ने उनसे मथुरा पर रुख स्पष्ट करने को कहा. वहीं, अखिलेश ने अयोध्या जाने की बात कही, लेकिन मथुरा विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं की.
उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों राम मंदिर के चंदा चोरी के मुद्दे पर सपा ने आक्रामक तेवर अपना रखा है, जिसे काउंटर करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने भी बड़ा दांव चल दिया है. सीएम योगी ने एक तरफ मथुरा का मुद्दा उठाकर प्रहार किया तो दूसरी तरफ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राम मनोहर लोहिया के परिजनों से मुलाकात की.
उत्तर प्रदेश बीजेपी संगठन का ऐलान गुरुवापर को कर दिया गया है. पंकज चौधरी की अगुवाई वाली टीम में कुल 64 सदस्यों को जगह मिली है, जिसमें सबसे ज्यादा ओबीसी नेताओं को जगह मिली है तो सवर्ण जातियों का भी पूरा ख्याल रखा गया है. इस तरह बीजेपी ने मंडल और कंमडल का संतुलन बनाने का दांव चला है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष पकंज चौधरी की टीम का ऐलान कर दिया है. बीजेपी ने टीम पकंज के जरिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ-साथ सपा के पीडीए फार्मूले को काउंटर करने का दांव चला है. अब देखना है कि 2027 के चुनाव में अखिलेश यादव के लिए चिंता का सबब कैसे बनेगी?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने अपनी नई प्रदेश टीम का ऐलान किया है. संगठन में ओबीसी, दलित और सवर्ण नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है. माना जा रहा है कि नई टीम के जरिए पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ आगामी चुनाव के लिए अपनी रणनीति को धार देना चाहती है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के संगठन का ऐलान गुरुवार को हो गया है. बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्री बनाए गए हैं. इसके अलावा बीजेपी ने अलग-अलग मोर्चे के अध्यक्ष का नाम भी ऐलान कर दिया है और साथ ही में जाति और जोन यानि क्षेत्र का भी ख्याल रखा है.
यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पूर्व राज्यसभा सांसद और बजरंग दल के पूर्व संयोजक विनय कटियार से मुलाकात की, जिसे 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि विनय कटियार सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अपने सियासी समीकरण को दुरुस्त करने में जुट गई है. योगी मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद अब संगठनात्मक बदलाव का प्लान है. इसी मद्देनजर योगी सरकार के कई मंत्रियों सहित दोनों डिप्टीसीएम को दिल्ली बुलाया गया है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है. पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बने हुए छह महीने से ज्यादा हो गए हैं, पर अभी तक अपनी टीम का गठन नहीं कर सके हैं. यूपी में बीजेपी के सामने सत्ता की हैट्रिक लगाने की चुनौती है तो जातीय और क्षेत्रीय बैलैंस बनाने का चैलेंज है.
उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले अपने संगठन और सरकार के सियासी समीकरण को दुरुस्त कर लेना चाहती है. ऐसे में बीजेपी यूपी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके लिए योगी के मंत्रिमंडल से लेकर पार्टी संगठन में भी बड़ा फेरबदल करने की प्लानिंग है.
उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन में कार्यकर्ता सर्वप्रथम के संकल्प के साथ बड़े बदलाव शुरू किए हैं. उन्होंने कार्यालय की बड़ी मेजें हटाकर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद को बढ़ावा दिया है. 'ट्राएंगल मॉडल' के तहत संगठनात्मक अनुशासन, विकास योजनाओं की निगरानी और जनता से संवाद को प्राथमिकता दी गई है.
उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक, दो अफसरों के इस्तीफों ने ब्राह्मण बनाम ठाकुर राजनीति को नए सिरे से हवा दे डाली है. अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफे के बाद अविमुक्तेश्वरानंद और सपा नेता माता प्रसाद पांडेय से बात करना - और जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह का मोदी-शाह-योगी के सपोर्ट में इस्तीफा देना, तो यही बता रहा है.
यूपी में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद बीजेपी अब संगठन से सरकार तक बड़े बदलाव की तैयारी में है. योगी कैबिनेट का विस्तार मकर संक्रांति के बाद हो सकता है, जिसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के साथ ही पश्चिम का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर मंगलवार को बीजेपी कोर कमेटी की बैठक हुई. इस दौरान संगठन को धार देने और योगी कैबिनेट विस्तार की चर्चा हुई. इस बैठक के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी दिल्ली लौट गए और माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन कर कैबिनेट विस्तार का ऐलान कर दिया जाएगा.