नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उनके वकील अयान भट्टाचार्य ने कोर्ट को बताया कि प्रधान को 18 सितंबर को 19 साल पुराने पांच मामलों के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था. उन्होंने मांग की कि उनके क्लाइंट के खिलाफ चल रहे सभी दूसरे मामलों की जानकारी दी जाए और पुलिस की और उत्पीड़न से बचाने के लिए सुरक्षा की मांग की.
6 अक्टूबर को चुनाव होने हैं, इसलिए वकील ने इस मामले पर कल सुनवाई की मांग की. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने भरोसा दिलाया कि सुनवाई मंगलवार (22 सितंबर) को होगी. इससे पहले ही नंदीग्राम में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला था. शुक्रवार (18 सितंबर) को ममता खेमे की उम्मीदवार ने अपनी दावेदारी वापस ले ली थी.
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था और इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बंगाल पुलिस ने प्रधान को गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस के मुताबिक, मिलन प्रधान को पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया था. मिलन प्रधान के खिलाफ चार गिरफ्तारी वारंट जारी हुए थे, जिनमें तीन हत्या के मामलों और एक आर्म्स एक्ट के मामले में जारी किया गया था.
कांग्रेस ने साधा था निशाना
राहुल गांधी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा था. उन्होंने एक्स पोस्ट में आरोप लगाया था कि यह गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध था और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया था. राहुल गांधी ने कहा था कि बीजेपी को निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं है, इसलिए वह कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी के जरिए सत्ता बचाने की कोशिश करती है. बीजेपी चुनाव लड़ने के बजाय चुनावी मुकाबला खत्म करना चाहती है. राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस न डरेगी और न झुकेगी, बल्कि चुनाव लड़ेगी और जीतेगी.
कांग्रेस ने कहा था कि वह हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी और चुनाव आयोग में लिखित शिकायत भी देगी. कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया था. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि पुलिस अपना काम कर रही है और गिरफ्तारी का राजनीति से कोई संबंध नहीं है.