योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश के 22वें मुख्यमंत्री हैं (UP Chief Minister). वे भारतीय जनता पार्टी (BJP)के वरिष्ठ नेता हैं. वे उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं तथा लगातार दो कार्यकाल पूरा करने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री भी हैं.
मुख्यमंत्री बनने से पहले योगी आदित्यनाथ ने लगभग दो दशकों तक (1998–2017) गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसद के रूप में कार्य किया. वर्ष 1998 में मात्र 26 वर्ष की आयु में वे देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल हुए और गोरखपुर से लगातार पांच बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे.
वर्ष 2017 में उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति से राज्य की राजनीति की ओर रुख किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. शुरुआत में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रहे, जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर शहरी सीट से जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने.
राजनीति के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ के महंत भी हैं. सितंबर 2014 में अपने आध्यात्मिक गुरु महंत अवैद्यनाथ के निधन के बाद उन्होंने मठ की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना भी की थी, जो वर्तमान में सक्रिय नहीं है.
योगी आदित्यनाथ 1998 से लगातार पांच बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनकर संसद पहुंचे (MP from Gorakhpur).
उनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था और वे गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ के महंत यानी मुख्य पुजारी भी रहे (Chief Priest of Gorakhnath Temple). आदित्यनाथ आनंद सिंह बिष्ट और सावित्री देवी के बेटे हैं (Yogi Adityanath Parents) और उनके पास गणित में स्नातक की डिग्री है (Yogi Adityanath Education).
महज 21 साल की उम्र में, 1993 में घर छोड़ने के बाद वे राम मंदिर आंदोलन में शामिल हुए. आदित्यनाथ महंत अवैद्यनाथ के चेले बन गए और उन्हें 14 सितंबर 2014 को गोरखनाथ मठ का मुख्य पुजारी बनाया गया. उन्हें 1996 में महंत अवैद्यनाथ के चुनावी अभियान को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी.
आदित्यनाथ का राजनीति में पदार्पण 1998 में तब हुआ जब वे सिर्फ 26 साल की उम्र में गोरखपुर से सबसे युवा लोकसभा सदस्य चुने गए (Yogi Adityanath Political debut). इस दौरान उन्होंने कई विभागों का संचालन किया जिसमें भोज्य पदार्थों पर आधारित समिति, सलाहकार समिति और गृह मंत्रालय शामिल हैं. वे 2017 उत्तर प्रदेश विधान सभा के चुनावी अभियान में बीजेपी का सबसे प्रमुख चेहरा थे. योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का शपथ लिया.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @myogiadityanath है और उनका ऑफिशियल फेसबुक पेज MYogiAdityanath है. वे इंस्टाग्राम पर myogi_adityanath यूजरनेम से एक्टिव हैं.
उत्तर प्रदेश की आज की बड़ी राजनीतिक खबर से खबरदार करते हैं. जहां अखिलेश यादव ने शॉर्ट फॉर्म से वोट का लॉन्ग फॉर्म हासिल करनी चाही है. अखिलेश यादव ने 2024 में पीडीए का गठन किया. तब कहा कि पीडीए मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक...लेकिन अब जैसा वोट, वैसा जोड़ चलने लगा है. जहां P- से कभी पिछड़ा कहते हैं, आज पीडीए में पी का मतलब पंडित बताने लगे. देखें...
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण वोट बैंक पर खास ध्यान दिया है. लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित सम्मेलन में अखिलेश यादव ने ब्राह्मण वोट को साधने की रणनीति पर जोर दिया.
आज का दंगल यूपी में चल रही चुनावी राजनीति पर है...और ये राजनीति जात-पात की है. और उसमें भी 50-52 फीसद वाले ओबीसी की नहीं 12-14 फीसद वाले ब्राह्मण को लेकर हो रही है. दरअसल समाजवादी पार्टी ने पहली बार लखनऊ में आज जनेश्वर मिश्र जयंती कुछ ज्यादा ही धूमधाम से मनाई है. जनेश्वर मिश्र पार्क में पुष्पांजलि से लेकर समाजवादी पार्टी दफ्तर तक तमाम सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन-पूजन-आरती तमाम काम हुए. और ये सब इसलिए हो रहा था क्योंकि छोटे लोहिया कहे जाने वाले जनवादी नेता जनेश्वर मिश्र को समाजवादी पार्टी ब्राह्मण चेहरे के रूप में पेश कर रही थी. देेखें दंगल.
उत्तर प्रदेश के विधानसभा में राम मंदिर के चंदा चोरी के मुद्दे पर सपा और विपक्ष चर्चा की मांग कर रहा है, जिसे लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ. सपा विधायकों के तेवर से विधानसभा स्पीकर सतीश महाना काफी आहत नजर आए और उन्होंने कहा कि मैं इस पद के काबिल भी हूं या नहीं, सोचूंगा.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में हंगामे के बीच सरकार का 59 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुपूरक बजट ध्वनि मत से पास हो गया और सत्र अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित कर दिया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि हंगामे के कारण युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों से जुड़ी योजनाओं पर सदन में चर्चा नहीं हो पाई.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी 'चंदा चोरी' के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और विधायकों का भारी विरोध देखने को मिला. सपा नेताओं ने विधानसभा परिसर में पोस्टर और दान-पर्चियां लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पारदर्शी जवाब की मांग की.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सियासी एजेंडा सेट किए जाने के साथ-साथ जाति के इर्द-गिर्द तानाबाना बुना जा रहा है. सूबे की सियासी बाजी जीतने और सत्ता पर काबिज होने के लिए सपा ब्राह्मण समुदाय को साधने में जुट गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ब्राह्मण वोटों की राजनीतिक ताकत कितनी है, जिसके दम पर सपा बीजेपी को सत्ता से बाहर कर सकती है.
हर साल सावन के महीने में सड़कों पर उमड़ता शिवभक्तों का जनसैलाब भारत की उस गहरी सामाजिक बुनावट का प्रतीक है, जहां आस्था और समरसता एक साथ प्रवाहित होती हैं, कांवड़ यात्रा एक ऐसा मंच है जहां अमीर-गरीब का भेद समाप्त हो जाता है और सेवा भाव सर्वोपरि होता है.
बरेली की भोजीपुरा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को फोन पर जान से मारने की धमकी देने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले आरोपी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस कस्टडी से सामने आए वीडियो में आरोपी हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता और अपने कृत्य पर माफी मांगता नजर आ रहा है.
सत्ता जितनी लंबी होती जाती है, उसकी चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी होती जाती हैं. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की बढ़ती सक्रियता कुछ यही बात कह रही है. सरकार के हालिया फैसलों और चुनावी तेवर यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि यह आत्मविश्वास की राजनीति है या आने वाले चुनावों को लेकर बढ़ती बेचैनी?
कानपुर से लखनऊ के बीच तेज रफ्तार सफर और बेहतर कनेक्टिविटी के दावे के साथ शुरू हुआ एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज 20 दिन बाद ही बार-बार मरम्मत को लेकर सवालों के घेरे में है. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क की मरम्मत का काम चल रहा है. दावा किया जा रहा है कि उद्घाटन के बाद अब तक अलग-अलग हिस्सों में 5 से 6 बार रिपेयरिंग करनी पड़ी है. देखें...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर यूपी विधानसभा में भारी हंगामा..सीएम योगी जैसे विधानसभा में बोलने के लिए खड़े हुए, विपक्ष ने हंगामा तेज कर दिया. सीएम ने कहा, कहा कि सपा और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक बल्कि शर्मनाक है. आरोप लगाया कि कार्यमंत्रणा समिति में पहले से तय मुद्दों के बावजूद विपक्ष सदन का समय बर्बाद कर रहा है और 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है.
लखनऊ से दिल्ली तक चढ़ावा चोरी का मु्ददा आज गरमाया रहा. अयोध्या का मुद्दा समाजवादी पार्टी लगातार दिल्ली से लखनऊ तक जोर शोर से उठा रही है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर यूपी विधानसभा में भारी हंगामा हुआ है. सीएम योगी जैसे विधानसभा में बोलने के लिए खड़े हुए, विपक्ष ने हंगामा तेज कर दिया. सीएम ने कहा, कहा कि सपा और विपक्ष का आचरण न केवल असंवैधानिक बल्कि शर्मनाक है.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 13 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इस बड़े फेरबदल के तहत प्रयागराज, बरेली, बस्ती और गोरखपुर मंडलों में नए कमिश्नरों की तैनाती की गई है.
यूपी के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम जुलूस के लिए 170 मीटर लंबे साझा मार्ग को 10 फीट ऊंचे पर्दों से दो हिस्सों में बांटा गया है. पुलिस ने CCTV निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं. प्रशासन ने संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा और यातायात की विस्तृत योजना लागू की है, ताकि दोनों धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकें.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान से सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा कि मदरसे आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिस पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं. इस मामले में साधु-संतों पर आरोप लगाना गलत है.
यूपी विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किए जाने के दौरान सपा विधायकों ने नारेबाजी और हंगामा किया. इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए विपक्ष के रवैये को गैर-लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया.
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. इसमें पूंजीगत व्यय 41,620.04 करोड़ प्रस्तावित है. बजट भाषण के दौरान सपा विधायकों की नारेबाजी जारी रही.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने सियासी समीकरण को दुरुस्त करने में जुट गए हैं. इसी मद्देनजर सपा की नजर ब्राह्मण वोटों पर है, जिन्हें साधने के लिए बुधवार को लखनऊ में एक प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है. अब देखना है कि सपा ब्राह्मणों के सहारे क्या गेम कर पाती है?
उत्तर प्रदेश में आज योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में कई फैसलों आ सकते हैं. शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है. खास तौर पर मदरसा शिक्षा में बदलाव, लखनऊ-नोएडा में U-HUB की स्थापना, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे और किसानों के लिए फसल बीमा योजना जैसे कई अहम फैसलों की तैयारी है.