क्विलैंडी केरल राज्य की विधानसभा की एक महत्वपूर्ण सीट है, जिसका विधानसभा क्षेत्र संख्या 23 है. यह कोझिकोड जिले में स्थित है और राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के लिए वडकारा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. वर्ष 1951 में अस्तित्व में आने के बाद से ही इस सीट पर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का दबदबा रहा है. यहां का राजनीतिक माहौल हमेशा कड़ा मुकाबले वाला रहा है और मतदाताओं की भागीदारी भी काफी ऊंची रही है, जिस कारण यह क्षेत्र राज्य की राजनीति में खास पहचान रखता है.
भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से क्विलैंडी मलाबार तट पर, कोझिकोड जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है. इस विधानसभा क्षेत्र में क्विलैंडी नगरपालिका के साथ-साथ चेमनचेरी, चेंगोट्टुकावु, मूडाडी, पय्योली और थिक्कोडी पंचायतें शामिल हैं, जो क्विलैंडी तालुक का हिस्सा हैं. यहां शहरी और ग्रामीण इलाकों का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है. इसी कारण यहां का सामाजिक-आर्थिक स्वरूप भी विविध है, जिसमें शहरी ढांचा, समुद्र किनारे की जीवनशैली, कृषि, व्यापार और सामुदायिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं.
क्विलैंडी विधानसभा क्षेत्र में ऐतिहासिक कप्पाड समुद्र तट भी आता है. यह वही स्थान है जहां 1498 में पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को-दा-गामा पहली बार भारत पहुंचे थे. शांत और सुंदर तटरेखा, स्थानीय संस्कृति की झलक, नौकायन और बैकवाटर जैसी गतिविधियों के कारण यह इलाका पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण कप्पाड बीच आज भी एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल माना जाता है.
मतदाता भागीदारी की बात करें तो चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 के विधानसभा चुनाव में क्विलैंडी में कुल 2,06,652 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें 1,08,432 महिलाएं, 98,218 पुरुष और तृतीय लिंग वर्ग के 2 मतदाता शामिल थे. कुल 1,61,592 वैध वोट डाले गए और इस तरह यहां लगभग 78.64 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो मतदाताओं की सक्रियता को दर्शाता है.
राजनीतिक इतिहास की दृष्टि से क्विलैंडी में मुख्य रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बीच मुकाबला होता रहा है. 2011 के विधानसभा चुनाव में सीपीआई(एम) के के. दासन ने कांग्रेस के के. पी. अनिल कुमार को 64,374 वोटों से हराया था. इसके बाद 2016 में भी के. दासन ने कांग्रेस के एन. सुब्रमणियन को 70,593 वोटों से पराजित कर सीट पर सीपीआई(एम) का कब्जा बरकरार रखा. ये नतीजे एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता को दर्शाते हैं, जिसमें सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ आमने-सामने रहते हैं.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव में क्विलैंडी सीट पर एलडीएफ को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली. चुनाव आयोग के अनुसार सीपीआई(एम) की उम्मीदवार कनातिल जमीला को 75,628 वोट मिले, जो कुल मतों का लगभग 46.66 प्रतिशत था, और वे विजयी घोषित हुईं. कांग्रेस (यूडीएफ) के एन. सुब्रमणियन को 67,156 वोट मिले, जो 41.43 प्रतिशत रहे. भाजपा (एनडीए) के एन. पी. राधाकृष्णन को 17,555 वोट मिले, यानी 10.83 प्रतिशत. एसयूसीआई(सी) के प्रवीन चेरुवथ को 221 वोट (0.14 प्रतिशत) और निर्दलीय उम्मीदवार जमीला पी. पी. को 651 वोट (0.40 प्रतिशत) तथा सुब्रह्मण्यन कणारन को 381 वोट (0.24 प्रतिशत) मिले. नोटा को 492 वोट, यानी 0.30 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए. कनातिल जमीला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 8,472 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जो कुल मतों का लगभग 5.23 प्रतिशत था. इससे यह स्पष्ट हुआ कि कड़ी टक्कर के बावजूद एलडीएफ ने क्विलैंडी पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी. वहीं भाजपा को 10 प्रतिशत से अधिक वोट मिलना इस क्षेत्र में एनडीए की बढ़ती मौजूदगी की ओर भी इशारा करता है.
विकास के प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं में शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, तटीय इलाकों और मछुआरों को समर्थन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, तथा रोजगार और आर्थिक अवसरों का सृजन शामिल हैं.
पर्यटन की दृष्टि से क्विलैंडी क्षेत्र में कई प्रमुख स्थल हैं, जिनमें श्री पिशारिकावु मंदिर, कप्पाड बीच, परप्पल्ली बीच और थिक्कोडी ड्राइव-इन बीच खास तौर पर प्रसिद्ध हैं.
(Sreya Prasad)
N. Subramaniyan
INC
N.p. Radhakrishnan
BJP
Jameela. P.p.
IND
Nota
NOTA
Subrahmanyan Kanaran
IND
Praveen Cheruvath
SUCI
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