वडक्कनचेरी विधानसभा क्षेत्र केरल विधानसभा की 140 सीटों में 65वीं सीट है और यह केरल के त्रिशूर (Thrissur) जिले की एक प्रमुख विधानसभा सीट मानी जाती है. राष्ट्रीय चुनावों के लिए यह सीट अलाथूर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. वडक्कनचेरी की स्थापना 1957 में हुई थी और इसका चुनावी इतिहास काफी लंबा और रोचक रहा है.
प्रशासनिक और भौगोलिक प्रोफाइल की बात करें तो वडक्कनचेरी विधानसभा क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह के वार्ड शामिल हैं, जिनका केंद्र मुख्य रूप से त्रिशूर नगर क्षेत्र के आसपास स्थित वडक्कनचेरी कस्बा है. इस क्षेत्र में त्रिशूर तालुक के अदात, अवानूर, कैपरम्बा, कोलाज़ी, मुलमकुन्नथुकावु, और थोलूर पंचायतें शामिल हैं, जबकि थालाप्पिल्ली (Thalappilly) तालुक की मुंडाथिकोडे, वडक्कनचेरी, और थेक्कुमकारा पंचायतें भी इसी विधानसभा क्षेत्र में आती हैं. वर्ष 2011 के अनुसार, वडक्कनचेरी कस्बे की जनसंख्या लगभग 15,674 थी, जहां लिंग अनुपात संतुलित था और साक्षरता दर भी मजबूत मानी जाती है.
मतदाता भागीदारी और मतदाता आधार के मामले में वडक्कनचेरी हमेशा से काफी आगे रहा है. यहां चुनावों में मतदान प्रतिशत आमतौर पर 75% से ऊपर रहा है. साल 2016 में मतदान लगभग 80.47% तक पहुंच गया था, जो यह दिखाता है कि यहां के लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया में काफी सक्रिय रहते हैं. मतदाता सूची में पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर रहती है, और कई बार महिलाओं की संख्या पुरुषों से थोड़ी अधिक भी होती है. 2021 के चुनाव में इस सीट पर कुल 2,18,083 मतदाता थे और मतदान प्रतिशत लगभग 77.89% रहा.
राजनीतिक इतिहास और प्रतिनिधित्व की बात करें तो वडक्कनचेरी की राजनीति शुरू से ही प्रतिस्पर्धी रही है. यहां मुख्य मुकाबला आमतौर पर CPI(M) (LDF) और INC (UDF) के बीच रहा है, और वर्षों में दोनों गठबंधनों ने बारी-बारी से जीत हासिल की है. आजादी के बाद शुरुआती चुनावों में कई दल मैदान में उतरे और परिणाम अलग-अलग रहे, जिनमें कुछ दौर ऐसे भी रहे जब कांग्रेस का दबदबा स्पष्ट था. खास तौर पर 1980, 1990 और 2000 के शुरुआती वर्षों में कांग्रेस ने कई बार जीत दर्ज की, जिसमें V. Balaram और K. S. Narayanan Namboodiri जैसे नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही. इसके बाद 2006 में CPI(M) ने A. C. Moideen के नेतृत्व में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिससे इस क्षेत्र में LDF की पकड़ मजबूत होने लगी. 2011 और 2016 के चुनाव बेहद करीबी और चर्चित रहे. 2016 में तो मुकाबला इतना टाइट था कि अनिल अक्कारा (INC) ने CPI(M) के उम्मीदवार को सिर्फ 43 वोटों से हराया था, जो पूरे केरल के सबसे करीबी जीत के अंतर में से एक माना जाता है.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव परिणाम में इस सीट पर बड़ा बदलाव देखने को मिला. CPI(M) के जेवियर चित्तिलपल्ली (LDF) ने 81,026 वोट प्राप्त किए, जो कुल वोटों का लगभग 47.7% था और उन्होंने जीत दर्ज की. उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी अनिल अक्कारा (INC-UDF) रहे, जिन्हें 65,858 वोट मिले, यानी लगभग 38.77% वोट। वहीं.BJP (NDA) के उम्मीदवार टी. एस उल्लास बाबू को 21,747 वोट मिले, जो लगभग 12.80% रहे. 2016 के बेहद करीबी चुनाव के बाद 2021 में चित्तिलपल्ली ने 15,168 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की, जिससे यह साफ हुआ कि इस बार सीट पर LDF के पक्ष में उल्लेखनीय झुकाव आया.
सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं की बात करें तो वडक्कनचेरी कस्बे के आसपास के शहरी वार्डों में छोटे व्यवसाय, कारीगरी (artisan work), खुदरा सेवाएं (retail services) और व्यापार अच्छी तरह विकसित हैं. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय का मुख्य स्रोत कृषि और उससे जुड़े काम हैं. इसके साथ ही, केरल के अन्य इलाकों की तरह यहां भी बड़ी संख्या में परिवारों के सदस्य बाहर काम करते हैं, खासकर खाड़ी देशों (Gulf nations) में, और वहां से आने वाली रिमिटेंस (विदेश से भेजा गया पैसा) घरेलू आय को काफी मजबूत बनाती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी गतिशीलता को समझें तो यह सीट लंबे समय तक UDF के मजबूत कांग्रेस-समर्थक नेटवर्क से जुड़ी रही और 20वीं सदी के मध्य से लेकर 21वीं सदी के शुरुआती वर्षों तक UDF का प्रभाव बना रहा. लेकिन CPI(M) के नेतृत्व में LDF ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ बढ़ाई और 2021 में उन्होंने यहां निर्णायक जीत हासिल की. वहीं NDA, खासकर BJP की बात करें तो उन्हें अभी तक इस सीट पर बड़ी जीत नहीं मिली है, लेकिन उनके वोट प्रतिशत में हल्की बढ़त जरूर देखी गई है. यह बदलाव केरल के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में BJP के बढ़ते समर्थन के व्यापक रुझान से मेल खाता है.
स्थानीय मुद्दे और प्रमुख समस्याएं में यहां सबसे ज्यादा चर्चा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सड़कें, सुविधाएँ, कनेक्टिविटी), कृषि सहायता, और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जैसे विषयों पर होती है.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो वडक्कनचेरी क्षेत्र में घूमने के लिए कई जगहें प्रसिद्ध हैं, जिनमें वाझानी डैम और गार्डन, पथाझाकुंडु डैम, उथ्रालिक्कावु श्री रुधिर महाकाली मंदिर प्रमुख हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Anil Akkara
INC
T.s Ullas Babu
BJP
Nota
NOTA
Haji Aboobaker Kundukadan
IND
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