केरल के सबसे बड़े जिले पलक्काड़ में स्थित मन्नारकाड विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक, ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पलक्काड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल के सबसे अधिक ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 7 ग्राम पंचायतें और 1 नगरपालिका शामिल हैं.
मन्नारकाड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां अट्टप्पाडी स्थित है, जो केरल का एकमात्र आदिवासी तालुक है. इसी कारण यह क्षेत्र राज्य के सबसे अनोखे और संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में गिना जाता है. राजनीति की बात करें तो यहां लंबे समय से एलडीएफ (Left Democratic Front) और यूडीएफ (United Democratic Front) गठबंधनों के घटक दलों के बीच कड़ा मुकाबला चलता आया है.
मन्नारकाड में मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), जो कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), जो सीपीआई(एम) नेतृत्व वाले एलडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. साल 1980 से अब तक यह सीट अक्सर मुस्लिम लीग और सीपीआई के बीच बदलती रही है. हालांकि, पिछले 15 वर्षों से एन. शम्सुद्दीन मन्नारक्काड के विधायक रहे हैं और इसी दौरान आईयूएमएल ने लगातार पिछले तीन चुनावों में जीत दर्ज की है.
मन्नारकाड विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा पश्चिमी घाट (Western Ghats) में आता है. यहां स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क भारत के सबसे महत्वपूर्ण और जैव-विविधता से भरपूर वर्षावनों में से एक है. इसके अलावा अट्टप्पाडी के घने वन क्षेत्र भी इसी विधानसभा क्षेत्र में आते हैं.
इस क्षेत्र की आबादी बहुत विविध है. यहां केंद्रीय केरल और मालाबार से आकर बसे मलयाली समुदाय, अट्टप्पाडी के इरुला, मुदुगा और कुरुम्बा जैसे आदिवासी समुदाय, और तमिलनाडु सीमा से जुड़े इलाकों में तमिल और कन्नड़ भाषी लोग भी रहते हैं. मन्नारकाड में वल्लुवनाड, एरणाड, अट्टप्पाडी और पलक्कड़ की परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिलता है, जिससे यह केरल के सबसे सांस्कृतिक रूप से विविध विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो जाता है.
मन्नारकाड की एक सीमा कोयंबटूर से भी जुड़ती है, जो तमिलनाडु का एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है. कोयंबटूर के पास होने और साइलेंट वैली नेशनल पार्क की मौजूदगी ने इस क्षेत्र में यात्रा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी (होटल/रिसॉर्ट/पर्यटन सेवाओं) को काफी बढ़ावा दिया है.
इस विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पश्चिमी घाट के पर्यावरण-संरक्षित (protected) क्षेत्रों में आता है, जिससे यहां बड़े स्तर की विकास परियोजनाओं पर कई तरह की सीमाएं लग जाती हैं. इसके साथ ही अट्टप्पाडी के पिछड़े आदिवासी गांव आज भी इस क्षेत्र की एक अलग और बड़ी पहचान बने हुए हैं.
यहां की अर्थव्यवस्था में रबर, इलायची, कॉफी और काली मिर्च जैसी बागानी फसलों की अहम भूमिका है. लेकिन मन्नारकाड की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है मानव-वन्यजीव संघर्ष. केरल वन विभाग ने मन्नारकाड जैसे क्षेत्रों को “conflict prone landscapes” यानी संघर्ष-प्रवण इलाके के रूप में चिन्हित किया है, क्योंकि हाथी और जंगली सूअर जैसे जानवर भोजन और पानी की तलाश में तेजी से खेतों और आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के साथ टकराव लगातार बढ़ रहा है.
पिछले कुछ महीनों में ही कई रिपोर्टें सामने आई हैं, जिनमें स्थानीय लोग जंगली सूअरों के हमलों में घायल हुए हैं. ये जानवर फसलों, संपत्ति, पशुधन और किसानों की आजीविका के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं.
यहां स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों में साइलेंट वैली नेशनल पार्क, अट्टप्पाडी के आदिवासी बस्तियां, काजिरप्पुझा डैम, और सिरुवानी डैम शामिल है.
चुनाव में मद्देनजर प्रमुख क्षेत्रों में अट्टप्पाडी के आदिवासी क्षेत्रों का विकास, कोयंबटूर-मन्नारक्काड अंतरराज्यीय हाईवे का उन्नयन, वन्यजीवों से होने वाली परेशानियों का समाधान और कृषि से जुड़ी समस्याओं का निवारण शामिल है.
(के ए शाजी)
K. P. Suresh Raj
CPI
Agali Naseema P
ADMK
James Mash
IND
Sivadasan
BSP
Nota
NOTA
Shamsuddeen S/o. Hamza
IND
Suresh
IND
Suresh Babu
IND
Shamsuddeen S/o. Yusaf
IND
Ajikumar
IND
Shibu George
IND
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