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BJP
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Kerala Election Result 2026 Live: मनकड़ा विधानसभा सीट पर IUML ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Kerala Election Results 2026 Live: केरल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
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Mankada Vidhan Sabha Result Live: मनकड़ा सीट पर हो गया बड़ा उलटफेर! जानें ताजा आंकड़े
मनकड़ा विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले लोकसभा चुनावों में मलप्पुरम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में इसे निर्वाचन क्षेत्र संख्या 39 के रूप में पहचाना जाता है. इस क्षेत्र में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के तहत इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की मजबूत संगठनात्मक पकड़ मानी जाती है. उत्तर केरल के चुनावी नक्शे में मनकड़ा एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली सीट है, जहां IUML लंबे समय से प्रमुख भूमिका निभाती रही है.
भौगोलिक और स्थानीय प्रशासनिक दृष्टि से मनकड़ा विधानसभा क्षेत्र मलप्पुरम जिले के उत्तरी हिस्से में आता है और इसमें ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) इलाके शामिल हैं. यह क्षेत्र मुख्य रूप से पेरिंथलमन्ना तालुक में आता है, जिसमें अंगाडीपुरम, कूट्टिलंगाडी, कुरुवा, मक्कारापरम्बा, मनकड़ा, मूर्क्कनाड और पुझक्कट्टिरी पंचायतें शामिल हैं. यानी यह सीट कई पंचायतों का मिलाजुला क्षेत्र है, जहां गांवों के साथ-साथ छोटे कस्बाई इलाके भी मौजूद हैं.
मतदाता भागीदारी और जनसंख्या की बात करें तो चुनाव आयोग (Election Commission of India) की आधिकारिक सांख्यिकीय रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में मनकड़ा में कुल 2,18,774 पंजीकृत मतदाता थे. इस चुनाव में यहां लगभग 77.32% मतदान दर्ज हुआ, जो यह दर्शाता है कि लोग चुनाव में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं. यहां पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या भी लगभग बराबर रही. आबादी के लिहाज से इस क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है, लेकिन इसके साथ-साथ हिंदू और ईसाई समुदाय भी अच्छी संख्या में मौजूद हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि और इतिहास की बात करें तो मनकड़ा सीट 1957 में पहली केरल विधानसभा के गठन के समय से अस्तित्व में है. तब से लेकर अब तक इस सीट पर कई अलग-अलग नेताओं और दलों ने प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन कुल मिलाकर इसका चुनावी इतिहास ज्यादातर IUML और UDF के प्रभाव में रहा है. हालांकि समय-समय पर यहां मुकाबला काफी कड़ा भी रहा है, खासकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के तहत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने कई बार IUML को मजबूत चुनौती दी है. विशेष रूप से 2016 और 2021 के चुनावों में मुकाबला बेहद करीबी रहा. 2011 में IUML के टी. ए. अहमद कबीर ने यह सीट जीती थी. उन्होंने 2016 में भी जीत दर्ज की, लेकिन इस बार जीत का अंतर कम था, जिससे यह साफ हुआ कि सीट पर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है.
2021 के विधानसभा चुनाव ने मनकड़ा की राजनीतिक अहमियत और प्रतिस्पर्धात्मक स्वरूप को फिर से साबित कर दिया. चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, IUML (UDF) के मंजलमकुझी अली को 83,231 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 49.46% था. उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी CPI(M) (LDF) के एडवोकेट टी. के. रशीदअली को 76,985 वोट मिले, जो लगभग 45.75% रहा. वहीं भाजपा (BJP) के उम्मीदवार साजेश एलयिल को 6,641 वोट मिले, जो करीब 3.95% थे. मंजलमकुझी अली की जीत का अंतर 6,246 वोट रहा, यानी कुल मतदान का लगभग 3.72% रही. यह अंतर बताता है कि चुनाव कितनी कड़ी टक्कर वाला था और CPI(M) के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद IUML अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रही.
मतदाता व्यवहार और चुनावी रुझानों को देखें तो मनकड़ा में चुनावी समीकरण मोर्चा आधारित मुकाबले, उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान और पार्टी के प्रति पारंपरिक समर्थन, इन तीनों का मिश्रण दिखाते हैं. IUML, UDF के तहत, अपने लंबे राजनीतिक इतिहास और मजबूत संगठन के कारण यहां अपना स्थायी वोट बैंक बनाए हुए है. लेकिन दूसरी ओर, LDF खासकर CPI(M) ने कई चुनावों में अपने वोट शेयर को बढ़ाया है और स्थानीय मुद्दों को उठाकर कुछ वर्गों में प्रभावी समर्थन जुटाया है. इसी कारण पिछले कुछ चुनावों, खासकर 2016 और 2021, में मुकाबला बेहद तीखा रहा. इससे यह भी पता चलता है कि यहां के मतदाता जागरूक हैं और चुनावी माहौल को सक्रिय रूप से प्रभावित करते हैं. भाजपा अभी तक मनकड़ा में बड़ी चुनौती के रूप में उभर नहीं पाई है, लेकिन उसका चुनाव लड़ना और कुछ प्रतिशत वोट हासिल करना यह दिखाता है कि क्षेत्र में बहुदलीय राजनीतिक माहौल मौजूद है.
स्थानीय मुद्दों (Local Concerns) की बात करें तो मनकड़ा क्षेत्र में लोगों की मुख्य मांगें और समस्याएं आम तौर पर सड़क और आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच, तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर से जुड़ी रहती हैं. इन मुद्दों का चुनावों में प्रभाव भी साफ देखा जाता है.
पर्यटन और धार्मिक स्थलों के रूप में मनकड़ा क्षेत्र में कुछ प्रमुख स्थान भी हैं, जिनमें थिरुमंधमकुन्नु भगवती मंदिर, अंगाडीपुरम जुम्मा मस्जिद, और मनकड़ा पल्लिपुरम जुम्मा मस्जिद शामिल हैं. ये स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाते हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Adv. T.k. Rasheedali
CPI(M)
Sajesh Elayil
BJP
Nota
NOTA
Ali S/o Musthafa
IND
Ali S/o Alavi Haji
IND
Rasheedali S/o Mammunni
IND
M.ali
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.