कोट्टक्कल राज्य विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. यह संसदीय चुनावों के लिए पोन्नानी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में इसका क्रमांक 46 है. कोट्टक्कल सीट 2008 के परिसीमन (Delimitation) के बाद अपने वर्तमान स्वरूप में बनी, और तब से यह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) गठबंधन के अंतर्गत इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का मजबूत गढ़ मानी जाती है.
स्थानीय शासन और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो कोट्टक्कल विधानसभा क्षेत्र मलप्पुरम जिले के तिरूर तालुक में आता है. इसमें ग्रामीण और नगरपालिका (म्युनिसिपल) स्थानीय निकायों का मिश्रण है, जिससे यह क्षेत्र सामाजिक और आर्थिक रूप से विविध बनता है. इस विधानसभा क्षेत्र में तिरूर तालुक की एडयूर, इरिम्बिलियम, कोट्टक्कल, कुट्टीपुरम, मरक्कारा, पोनमाला और वलंचेरी पंचायतें शामिल हैं. कोट्टक्कल कस्बा सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है. खास तौर पर यहां का प्रसिद्ध आर्य वैद्यशाला (Arya Vaidya Sala) आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र पूरे भारत में जाना जाता है, जो स्थानीय पहचान और अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा देता है.
सामाजिक-आर्थिक और जनसांख्यिकीय पृष्ठभूमि में देखा जाए तो इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है, जबकि ईसाई और हिंदू समुदाय भी कम संख्या में मौजूद हैं. यह इलाका उत्तरी केरल की सामान्य सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं को दर्शाता है, जैसे उच्च साक्षरता, बड़ी संख्या में लोगों का विदेश (खासतौर पर खाड़ी देशों) में काम करना और वहां से आने वाली रेमिटेंस, कृषि और छोटे व्यापार पर निर्भरता, तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सेवा क्षेत्रों की मजबूत उपस्थिति.
मतदाता भागीदारी और वोटर संख्या के अनुसार, चुनाव आयोग (Election Commission of India) के डेटा में 2021 के केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कोट्टक्कल में कुल 2,16,518 पंजीकृत मतदाता थे. यहां मतदान प्रतिशत लगभग 77.86% रहा, जो काफी ऊंचा माना जाता है. 2011, 2016 और 2021 जैसे पिछले चुनावों में भी मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी है और मतदान प्रतिशत भी स्थिर रूप से अच्छा रहा है, जिससे इस क्षेत्र में मजबूत नागरिक भागीदारी दिखाई देती है.
राजनीतिक रुझान और इतिहास की बात करें तो 2008 में आधिकारिक रूप से बनने के बाद से यह सीट लगातार IUML का गढ़ रही है. यहां जितने भी विधानसभा चुनाव हुए हैं, हर बार IUML ने UDF के साथ मिलकर यह सीट जीती है. परिसीमन के बाद 2011 में इस सीट पर पहला चुनाव हुआ, जिसमें एम. पी. अब्दुस्समद समदानी (IUML) ने जीत दर्ज की. 2016 में समदानी की जगह के. के. आबिद हुसैन थंगल (IUML) को उम्मीदवार बनाया गया, और उन्होंने भी आसानी से UDF का दबदबा बनाए रखा.
2021 विधानसभा चुनाव के नतीजों में चुनाव आयोग के आधिकारिक परिणामों के अनुसार, UDF के बैनर तले IUML के उम्मीदवार प्रो. के. के. आबिद हुसैन थंगल ने जीत हासिल की. उन्हें 81,700 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 51.08% था. दूसरे स्थान पर एन. ए. मुहम्मद कुट्टी (मम्मुट्टी) रहे, जो नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) से थे और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) से जुड़े थे. उन्हें 65,112 वोट मिले. इस चुनाव में IUML ने 16,588 वोटों के अंतर से मजबूत जीत दर्ज की. वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार पी. पी. गणेशन भी मैदान में थे, जिन्हें 10,796 वोट (लगभग 6.75%) मिले. इससे यह संकेत मिलता है कि इस सीट पर NDA की मौजूदगी छोटी जरूर है, लेकिन पूरी तरह नगण्य भी नहीं है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरण देखें तो कोट्टक्कल की राजनीति में गठबंधन की भूमिका, स्थानीय नेतृत्व का प्रभाव और पार्टी के प्रति मजबूत निष्ठा, तीनों का मिश्रण दिखाई देता है. IUML का प्रभुत्व मुख्य रूप से समुदाय से जुड़ाव, मजबूत संगठन और UDF के ढांचे के भीतर उसकी ताकत पर आधारित है, खासकर मलप्पुरम जिले के उन क्षेत्रों में जहां जनसांख्यिकी IUML के पक्ष में रहती है. LDF लगातार IUML को चुनौती देता रहा है, अक्सर NCP के उम्मीदवारों के माध्यम से, लेकिन हाल के चुनावों में उसका वोट प्रतिशत IUML के मजबूत आधार से काफी पीछे रहा है.
इस क्षेत्र के मुख्य मुद्दों में सबसे ऊपर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल हैं. वहीं अगर पर्यटन और देखने लायक स्थानों की बात करें तो कोट्टक्कल में कोट्टक्कल आर्य वैद्यशाला, कोट्टक्कल पूरम उत्सव, श्री कडम्पुझा भगवती मंदिर, मामपुरम मक़ाम, और पूझिकुन्नु स्ट्रीम व नदी का दृश्य जैसे प्रमुख आकर्षण शामिल हैं.
(श्रेया प्रसाद)
N. A. Muhammed Kutty (mammuty)
NCP
P. P. Ganesan
BJP
Mohamed Kutty
IND
Nota
NOTA
Bindhu Devarajan
IND
Ayisha
IND
Sainul Abid Thangal
IND
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