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Kongad (Sc) Vidhan Sabha Results Live: केरल के कोंगड विधानसभा क्षेत्र में INC का दबदबा, CPM को हराया
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कोंगड विधानसभा क्षेत्र केरल विधानसभा की 140 सीटों में 53वीं सीट है. यह अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र है, जो केरल के पलक्कड़ जिले में आता है और पलक्कड़ लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले 7 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है.
प्रशासनिक ढांचा और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो पलक्कड़ जिले में कोंगाड विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण और अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) इलाके शामिल हैं. यह सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. इस निर्वाचन क्षेत्र में मन्नारक्काड तालुक की कंजीरापुझा, कराकुरिस्सी, थचमपारा और करिंबा पंचायतें आती हैं, जबकि पलक्कड़ तालुक की केरलास्सेरी, कोंगड, मनकारा, मन्नूर और परली पंचायतें भी इसी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा हैं.
मतदाता और मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में कोंगड में कुल 1,81,747 पंजीकृत मतदाता थे. इनमें 92,388 महिलाएं और 88,359 पुरुष मतदाता शामिल थे. 2021 में कुल 1,37,555 वैध वोट डाले गए और इस तरह यहां लगभग 76.83% मतदान हुआ, जो काफी अच्छा माना जाता है.
प्रतिनिधित्व और राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में कोंगड विधानसभा क्षेत्र 2008 में परिसीमन (डिलिमिटेशन) के बाद अस्तित्व में आया और तब से यह पलक्कड़ जिले की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है. इस सीट पर कई चुनावों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) CPI(M) के नेताओं का प्रतिनिधित्व रहा है, जिससे इस क्षेत्र में वामपंथी प्रभाव मजबूत दिखाई देता है. परिसीमन के बाद हुए पहले चुनाव में के. वी. विजयदास (CPI(M)) ने जीत हासिल की. इसके बाद 2016 में भी के. वी. विजयदास ने बड़े अंतर से सीट जीती. फिर 2021 में के. शांथाकुमारी (CPI(M)) विधायक चुनी गईं, जिससे यहां लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का दबदबा कायम रहा.
2021 विधानसभा चुनाव के नतीजों में कोंगड से के. शांथाकुमारी (CPI(M), LDF) ने जीत दर्ज की. उन्हें 67,881 वोट मिले, जो वैध वोटों का लगभग 49.01% था. दूसरे स्थान पर यू. सी. रमन (IUML, UDF) रहे, जिन्हें 40,662 वोट मिले यानी लगभग 29.36%. वहीं एम. सुरेश बाबू (BJP, NDA) को 27,661 वोट मिले, जो करीब 19.98% था. शांथाकुमारी की जीत का अंतर 27,219 वोट रहा, जो वैध वोटों का लगभग 19.62% बनता है. इस चुनाव में मुकाबला बहुदलीय रहा, जिसमें UDF और NDA दोनों को अच्छा वोट शेयर मिला, लेकिन संगठनात्मक ताकत के दम पर LDF ने बढ़त बनाए रखी.
सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं की बात करें तो कोंगड का क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि आधारित है. यहां धान, नारियल, केला और अन्य फसलें बड़े स्तर पर उगाई जाती हैं. इसके साथ-साथ यहां छोटे और मध्यम व्यापार, सेवाएं और आसपास के कस्बों से जुड़ा व्यापारिक नेटवर्क भी मौजूद है. केरल के कई हिस्सों की तरह यहां भी खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की रेमिटेंस (विदेश से भेजा गया पैसा) घरेलू आय और स्थानीय विकास, जैसे घर निर्माण और बुनियादी सुविधाओं, पर असर डालती है.
मतदाता व्यवहार और चुनावी रुझान देखें तो कोंगड में लगातार वामपंथी विचारधारा की ओर झुकाव रहा है और CPI(M) तथा LDF को यहां स्थायी बढ़त मिलती रही है. हालांकि, 2021 में यह भी साफ दिखा कि यहां मुकाबला केवल दो गठबंधनों तक सीमित नहीं है, क्योंकि UDF (विशेषकर IUML) मजबूत रनर-अप रहा और BJP को भी एक बड़े तीसरे दल के रूप में अच्छा वोट शेयर मिला. CPI(M) ने 2011, 2016 और 2021 में स्थानीय स्तर पर ग्रासरूट संगठन, ट्रेड यूनियन और सामुदायिक नेटवर्क के जरिए अपना संगठनात्मक लाभ बनाए रखा. वहीं 2021 में BJP का एक मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में उभरना राज्य के कई हिस्सों में दिख रहे बड़े राजनीतिक बदलावों और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार के रुझान को भी दर्शाता है.
स्थानीय मुद्दे और विकास की प्राथमिकताएं में यहां सबसे अहम मांगें शामिल हैं, कृषि सहायता और बाजार तक पहुंच, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन. लोगों की अपेक्षा रहती है कि खेती को बेहतर समर्थन मिले, सड़कों और परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया जाए और सरकारी स्कूलों, कॉलेजों तथा अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं.
पर्यटन के लिहाज से भी कोंगड क्षेत्र में कुछ आकर्षक स्थान हैं, जिनमें थिरुविलापारा व्यू पॉइंट, अय्यप्पनमाला व्यू पॉइंट, पल्लिप्पारा व्यू पॉइंट और कंजीरापुझा डैम प्रमुख हैं.
(श्रेया प्रसाद)
U C Raman
IUML
Suresh Babu M
BJP
Guruvayoorappan P E
BSP
Nota
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केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.