IUML
CPM
BJP
नोटा
NOTA
AAP
IND
SUCI
IND
SCP(I)
IND
Kerala Election Result 2026 Live: तिरुर विधानसभा सीट पर IUML ने दोबारा चखा जीत का स्वाद
Tirur Vidhan Sabha Chunav Result Live: केरल के MALABAR क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Tirur Election Result 2026 Live: तिरुर का रिजल्ट जानना है? यहां मिलेगा हर अपडेट
Kerala Election Results 2026 Live: केरल चुनाव में राजनीतिक गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Tirur Vidhan Sabha Result 2026 Live: तिरुर सीट पर विशाल जीत की ओर IUML! जानिए कितना पीछे CPM?
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तिरुर विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है और यह राज्य की सबसे पुरानी व राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण सीटों में गिनी जाती है. यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है और लोकसभा चुनावों के लिए यह पोन्नानी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस सीट का चुनावी इतिहास काफी लंबा रहा है, यहां मतदान प्रतिशत आमतौर पर अच्छा रहता है और मुकाबला अक्सर कई पार्टियों के बीच कड़ा होता है.
स्थानीय प्रशासन और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो तिरुर विधानसभा क्षेत्र तिरुर तालुक में आता है, जो अपने ऐतिहासिक बंदरगाह नगर तिरुर, समुद्र तट के पास होने और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. खासकर मलयालम साहित्य में तिरुर का बड़ा नाम है. इस विधानसभा क्षेत्र में तिरुर नगरपालिका के साथ-साथ अथवनाड, कल्पकंचेरी, थल्लक्कड़, थिरुनावाया, वलवन्नूर और वेत्तोम पंचायतें शामिल हैं. तिरुर की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान इसलिए अलग बनती है क्योंकि यहां ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्र भी मौजूद हैं.
मतदाता भागीदारी और वोटर प्रोफाइल की बात करें तो 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में तिरुर में 2,05,232 से अधिक पंजीकृत मतदाता थे और लगभग 74.45% मतदान हुआ था. ये आंकड़े बताते हैं कि यहां के लोग राजनीति में काफी सक्रिय हैं और कई चुनावों से लगातार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते आए हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि और इतिहास में तिरुर को लंबे समय तक यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का मजबूत गढ़ माना गया है. इस क्षेत्र के इतिहास में IUML (और उसकी पुरानी पहचान मुस्लिम लीग) के उम्मीदवार लंबे समय तक जीतते रहे हैं, जिससे यहां उनकी संगठनात्मक पकड़ और जनसमर्थन साफ दिखाई देता है. चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार के मोइदीनकुट्टी हाजी, ईटी मोहम्मद बशीर जैसे IUML नेताओं सहित कई नेता बार-बार इस सीट से चुने गए हैं. हालांकि कभी-कभी अलग नतीजे भी आए हैं. IUML के दबदबे वाले इतिहास के बीच 2006 में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) [CPI(M)] ने यह सीट जीतकर एक उल्लेखनीय जीत दर्ज की थी. बाद में 2011 के विधानसभा चुनाव में सी मम्मुट्टी (IUML/UDF) ने वामपंथी उम्मीदवार को हराकर सीट वापस UDF के पक्ष में कर दी.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव के परिणाम में IUML के कुरुक्कोली मोइदीन ने तिरुर सीट जीती और UDF की पकड़ को और मजबूत किया. कुरुक्कोली मोइदीन (IUML, UDF) को कुल वैध मतों में से 82,314 वोट मिले. उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गफूर पी. लिलिस (CPI(M), LDF) को 75,100 वोट मिले. वहीं, अब्दुल सलाम (BJP, NDA) को 9,097 वोट मिले, जो SDPI के उम्मीदवार मुहम्मद अशरफ और कई निर्दलीय उम्मीदवारों से अधिक थे, जबकि SDPI और निर्दलीय उम्मीदवारों को अपेक्षाकृत कम वोट प्रतिशत प्राप्त हुआ.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरण देखें तो IUML/UDF का संगठन काफी मजबूत माना जाता है और वह स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के साथ जुड़ा हुआ है, इसलिए मतदाताओं में उनके प्रति एक तरह की स्थायी निष्ठा दिखाई देती है. इसके बावजूद लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF), खासकर CPI(M), यहां लगातार एक मजबूत चुनौती देता रहा है और उसे भी नियमित रूप से अच्छा वोट शेयर मिलता है. BJP और अन्य छोटे दल जैसे SDPI तथा निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में हिस्सा लेते हैं, हालांकि उनका वोट शेयर आमतौर पर दो बड़े मोर्चों की तुलना में कम रहता है.
सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल के अनुसार तिरुर में शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण तीनों तरह की विशेषताएं मिलती हैं. यहां के घरों की आय और आर्थिक प्राथमिकताओं पर विदेश, खासकर खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस (विदेशी कमाई) का बड़ा प्रभाव है, और यही प्रभाव कई बार सामाजिक-राजनीतिक अपेक्षाओं को भी आकार देता है. यहां आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख स्रोत व्यापार, मछली पकड़ना, छोटे व्यवसाय, कृषि, खाड़ी देशों से आने वाला धन (रेमिटेंस) और सेवा क्षेत्र हैं.
मुख्य मुद्दों में सार्वजनिक परिवहन और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में सुधार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच, तथा पर्यावरण प्रबंधन और तटीय कटाव (कोस्टल इरोजन) को रोकने के उपाय शामिल हैं.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो तिरुर और आसपास के क्षेत्र में थुंचन परंबू, पदिंजारेक्करा बीच, थिरुनावाया नवमुखुंद मंदिर, त्रिप्रांगोड शिव मंदिर और कूटायी बीच जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल मौजूद हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Adv. Gafoor P Lillis
CPI(M)
Dr. Abdul Salam M
BJP
Ashraf
SDPI
Moideen Meenthrathakath
IND
Nota
NOTA
Aboobacker Sidheek
IND
Moideen Valiyakath
IND
Abdul Mahroof A.k
IND
Abdul Gafoor Pulikkal
IND
Abdul Gafoor Valiya Peedikakkal
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.