केरल की राजनीति, संस्कृति और सामाजिक जीवन में पलक्कड़ की भूमिका बहुत अहम मानी जाती है. पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र में पलक्कड़ जिले का प्रशासनिक मुख्यालय यानी पलक्कड़ शहर और उसके आसपास के इलाके आते हैं. यह उन 7 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जो पलक्कड़ लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं.
पलक्कड़ की रणनीतिक और ऐतिहासिक पहचान का सबसे बड़ा कारण है पलक्कड़ गैप. यह पश्चिमी घाट में मौजूद एकमात्र बड़ा प्राकृतिक पर्वतीय दर्रा (पास) है. इतिहास में यह दर्रा तमिलनाडु और केरल के मालाबार क्षेत्र के बीच एक “मुख्य प्रवेश द्वार” की तरह काम करता रहा है. यही नहीं, इस दर्रे का केरल की जलवायु पर भी असर माना जाता है. 18वीं शताब्दी में टीपू सुल्तान ने इसी मार्ग का इस्तेमाल करके केरल में अपने सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाया था.
पलक्कड़ शहर के बीचों-बीच स्थित टीपू सुल्तान का किला उसी दौर की एक प्रमुख ऐतिहासिक निशानी है. यह किला आज भी एक महत्वपूर्ण पर्यटन और विरासत स्थल है, और यह इस क्षेत्र के राजनीतिक तथा सैन्य इतिहास का प्रतीक माना जाता है.
पलक्कड़ में कोयंबटूर (तमिलनाडु का बड़ा व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र) का सैटेलाइट शहर बनने की मजबूत क्षमता है. इसकी लोकेशन इसे शहरी और आर्थिक विकास के लिए और भी उपयुक्त बनाती है.
यहां से NH-544 (सलेम-कन्याकुमारी राष्ट्रीय राजमार्ग) गुजरता है, जो दक्षिण भारत की सबसे अहम सड़कों में से एक है. इसके अलावा पलक्कड़-कोझिकोड राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-966) की शुरुआत भी पलक्कड़ से होती है, जो मध्य केरल को मालाबार क्षेत्र से जोड़ता है. इतनी अच्छी सड़क कनेक्टिविटी के कारण पलक्कड़ एक बड़ा ट्रांजिट और व्यापारिक केंद्र बन गया है, और इसी वजह से यहां तेज विकास की उम्मीद भी बढ़ जाती है.
पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र में 3 ग्राम पंचायतें और पलक्कड़ नगरपालिका शामिल हैं. इस सीट पर परंपरागत रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF और वामपंथी LDF एक-दूसरे के बाद सत्ता में आते रहे हैं. लेकिन पलक्कड़ केरल की उन चुनिंदा सीटों में भी शामिल हो गया है, जहां भाजपा (BJP) पिछले कई विधानसभा चुनावों में लगातार दूसरे नंबर पर रही है, और अक्सर बहुत कम अंतर से हारती रही है.
पलक्कड़ नगरपालिका का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बहुत बड़ा है क्योंकि यह पिछले 10 वर्षों तक केरल की इकलौती नगरपालिका रही, जहां भाजपा की सरकार थी. दिसंबर 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा फिर से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. इसी कारण नगरपालिका में शासन परिषद (रूलिंग काउंसिल) बनाने को लेकर स्थिति अब भी असमंजस में है.
कांग्रेस के युवा नेता शफी परंबिल ने 2011 से 2024 तक पलक्कड़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. बाद में वे वडकारा से सांसद (MP) बने. 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की, जिसके बाद इस सीट पर राजनीतिक ध्यान और बढ़ गया.
हालांकि यह जीत बाद में विवादों में घिर गई, क्योंकि जीतने वाले विधायक राहुल मंगकूटाथिल पर रेप और यौन उत्पीड़न के आरोप लगे. आरोप लगने के बाद उन्हें एक साल के भीतर ही पार्टी से निकाल दिया गया. फिलहाल राहुल मंगकूटाथिल अग्रिम जमानत (anticipatory bail) पर हैं. आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अगर उनकी गिरफ्तारी की संभावना बनती है, तो इसके राजनीतिक असर केवल पलक्कड़ में ही नहीं बल्कि पूरे केरल में देखने को मिल सकते हैं.
पलक्कड़ में स्थित प्रमुख स्थानों में टीपू सुल्तान का किला, कल्पथी हेरिटेज स्ट्रीट, और धोनी वॉटरफॉल्स शामिल है. बात करें यहां के मुद्दों की (Key Issues) तो पीने के पानी की कमी, ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management), सड़कें और शहरी बुनियादी ढांचा, ट्रैफिक जाम और यातायात मुख्य हैं.
(के ए शाजी)
E. Sreedharan
BJP
Adv. C.p. Promod
CPI(M)
Nota
NOTA
E.t.k. Valsan
BSP
Jayaprakash. J
SMFB
V. Sachidanandan
IND
K. Rajesh
ABHM
त्रिशूर में प्रधानमंत्री मोदी के रोडशो ने केरल की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है. भारी भीड़ और ‘जय जय मोदी’ के नारों के बीच बीजेपी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. महिला मतदाताओं में खास उत्साह और स्थानीय नेताओं की सक्रियता से पार्टी आत्मविश्वास में नजर आ रही है.
पीएम मोदी 'मिशन केरल' पर हैं. रविवार को पल्लकड़ पहुंचकर उन्होंने रैली की. इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस और लेफ्ट पर हमलों की बौछार की. उन्होंने कहा कि विकसित केरलम का सपना बीजेपी ही साकार कर सकती है. देखें वीडियो.
पलक्कड़ में रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के वादों पर लोगों का भरोसा कम हो गया है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में बदलाव का माहौल है और बीजेपी-एनडीए को समर्थन बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने दोनों गठबंधनों पर वोटबैंक राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी सरकार बनने पर केरल का तेज विकास होगा.
केरल चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी और एनडीए के समर्थन में प्रचार तेज कर दिया है. पीएम मोदी 29 मार्च को त्रिशूर का दौरा करेंगे और बीजेपी की महिला उम्मीदवार पद्मजा और शोभा सुरेंद्रन के लिए प्रचार करेंगे. इसके बाद वो असम बीजेपी कार्यकर्ताओं से वर्चुअली जुड़ेंगे.
पश्चिम बंगाल में जुबानी जंग के बीच बीजेपी लगातार ममता सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेर रही है. पार्टी ने टीएमसी पर आपराधिक नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं TMC का कहना है कि बीजेपी अन्य राज्यों से 'एनकाउंटर राज' मॉडल लाने की कोशिश कर रही है.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरलम में विधानसभा चुनाव के लिए कमान अपने हाथ में ले रखी है. टिकट बंटवारे में दखल से लेकर कैंपेन की शुरुआत तक, हर मोर्चे राहुल गांधी आगे नजर आ रहे हैं - लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी चुनौती बनी हुई है.
केरल के मंजेश्वरम में मतदाता कन्नड़, तुलु और मलयालम भाषी हैं और वो पड़ोसी कर्नाटक पर ज्यादा निर्भर हैं. इस क्षेत्र में राजनीतिक झुकाव अस्पष्ट है, इस सीट के नतीजे जनादेश से नहीं बल्कि सूक्ष्म बदलावों से तय होते हैं, जिससे भविष्यवाणी करना मुश्किल हो जाता है.
केरल चुनाव के बीच सीएम पिनराई विजयन के गढ़ कन्नूर में उनसे खास बातचीत हुई. 80 साल की उम्र में भी विजयन तीसरी बार सत्ता में लौटने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखे. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने राहुल गांधी को 'बीजेपी की बी-टीम' बताया और केरल स्टोरी को महज प्रोपेगेंडा करार दिया. कन्नूर की लाल गलियों से निकली यह रिपोर्ट न सिर्फ सीएम के विजन को बताती है, बल्कि एलपीजी संकट और चुनावी माहौल की जमीनी हकीकत भी बयां करती है.
बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर नामांकन दस्तावेज में वित्तीय विवरण सामने आया है. निवेश, आभूषण, वाहन और जमीन का उल्लेख किया गया. आय और देनदारियों की जानकारी भी दी गई. चुनावी मुकाबला प्रमुख दलों के बीच होने वाला है.
केरल विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर राहुल गांधी ने भारी नाराजगी जताई है. बताया जा रहा है कि राहुल ने बुधवार रात को मैराथन बैठक में सांसदों के विधानसभा चुनाव लड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है. इस बैठक में उन्होंने जातिगत समीकरण, चुनावी सर्वे और जिला कमिटियों की फीडबैक पर नई रणनीति बनाई गई है.