त्रिथला विधानसभा सीट केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित है. यह केरल विधानसभा की 140 सीटों में से 49वीं सीट है. लोकसभा चुनावों के लिए यह क्षेत्र पोनानी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह एक सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा सीट है.
त्रिथला विधानसभा क्षेत्र का प्रशासनिक और भौगोलिक स्वरूप काफी हद तक ग्रामीण और अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) इलाकों से बना हुआ है. यह पलक्कड़ जिले के पश्चिमी हिस्से में आता है और ओट्टाप्पालम तालुक में स्थित कई पंचायतों को शामिल करता है. इनमें अनक्कारा, चालीसेरी, काप्पुर, नागलसेरी, परुदूर, पट्टिथारा, थिरुमिट्टाकोड और त्रिथाला पंचायतें शामिल हैं. यह क्षेत्र अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए भी जाना जाता है. उदाहरण के तौर पर त्रिथला कस्बे में कई प्राचीन विरासत स्थल हैं, और यहां के स्थानीय लोककथाओं का संबंध केरल की पारंपरिक कलाओं और त्योहारों से भी जुड़ा हुआ है.
मतदाता भागीदारी और मतदाता प्रोफाइल की बात करें तो 2021 के केरल विधानसभा चुनाव की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार त्रिथला में कुल 1,94,236 पंजीकृत मतदाता थे. इसमें “अन्य” श्रेणी के भी कुछ मतदाता शामिल थे. लगभग 94,659 पुरुष मतदाता और 99,575 महिला मतदाता थे. इस क्षेत्र में कुल 282 मतदान केंद्र बनाए गए थे. चुनाव में कुल 78.54% मतदान हुआ, जो इस बात को दिखाता है कि यहां के लोग मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अच्छी भागीदारी करते हैं.
राजनीतिक विकास और इतिहास की बात करें तो त्रिथला का राजनीतिक माहौल हमेशा से काफी प्रतिस्पर्धी रहा है. यहां केरल के दो प्रमुख गठबंधनों, सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ के बीच लगातार मुकाबला देखने को मिलता रहा है. त्रिथला सीट पर पहले वी. टी. बलराम (कांग्रेस) जैसे नेता का दबदबा रहा है, जिन्होंने 2011 में सीट जीती और 2016 में भी दोबारा जीत हासिल की. 2016 में उन्होंने सीपीआई(एम) के उम्मीदवार को 10,500 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था. उन वर्षों में पलक्कड़ के कुछ हिस्सों में कांग्रेस की मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जमीनी नेटवर्क ने भी पार्टी को लाभ पहुंचाया. लेकिन 2021 में तस्वीर बदल गई और एलडीएफ ने जीत दर्ज की. यूडीएफ के मौजूदा विधायक उम्मीदवार वी. टी. बलराम को सीपीआई(एम) के एम. बी. राजेश ने हराया. यह चुनाव परिणाम इस क्षेत्र में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना गया.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों के अनुसार, एम. बी. राजेश (सीपीआई(एम), एलडीएफ) ने त्रिथला सीट पर 69,814 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उनकी जीत का अंतर 3,016 वोट था, जो कुल वैध मतों का लगभग 1.98% था. वहीं, वी. टी. बलराम (कांग्रेस, यूडीएफ) दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 66,798 वोट मिले. यह परिणाम 2021 के केरल चुनावों के उस बड़े रुझान का हिस्सा था, जिसमें एलडीएफ ने पूरे राज्य में अच्छा प्रदर्शन किया और कई ऐसी सीटों पर भी जीत हासिल की, जहां पहले यूडीएफ का प्रभाव मजबूत माना जाता था.
मतदाता व्यवहार और चुनावी समीकरणों को देखें तो यहां हाल के चुनावों में कम अंतर से जीत-हार यह संकेत देती है कि मतदाता गठबंधन के प्रदर्शन, उम्मीदवार की लोकप्रियता, और स्थानीय विकास मुद्दों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं. 2021 में एलडीएफ की जीत में एम. बी. राजेश जैसे राज्य स्तर के प्रभावशाली नेता की भूमिका भी अहम रही. वहीं, वी. टी. बलराम की लगातार दो बार जीत उनकी स्थानीय लोकप्रियता और क्षेत्र में उनकी पहचान का प्रमाण थी. हालांकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जैसी छोटी पार्टियां भी यहां चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन उनका वोट शेयर मुख्य गठबंधनों के मुकाबले काफी कम रहा हैॉ.
त्रिथला में प्रमुख समस्याएं और विकास से जुड़े लक्ष्य भी साफ तौर पर सामने आते हैं. इनमें सबसे प्रमुख हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, परिवहन आदि) का विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा तक पहुंच, और कृषि को समर्थन देना, क्योंकि यह क्षेत्र काफी हद तक ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो त्रिथाला क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थान हैं. इनमें प्रमुख हैं, त्रिथला महाशिव मंदिर, कट्टिल्मदम जैन मंदिर, परायी पेट्टा पंथिरुकुलम हेरिटेज स्थल, और भरतप्पुझा नदी का रिवरसाइड क्षेत्र, जो स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के लिए काफी प्रसिद्ध हैं.
(श्रेया प्रसाद)
V .t Balram
INC
Adv:sanku T Das
BJP
Abdul Nazar M K
SDPI
Nota
NOTA
Rajagopal Thrithala
BSP
Sreenivas Kuruppath
IND
Hussain Thattathazhath
IND
Rajesh S/o Raman E
IND
Noorudheen E V
IND
Balaraman K S/o Kunjunni
IND
T .t Balaraman S/o Krishnan Nair
IND
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