INC
IND
BJP
SDPI
नोटा
NOTA
IND
Thavanur Election Results 2026 Live: थावनूर विधानसभा सीट पर INC ने फहराया जीत का परचम, जानें विजयी उम्मीदवार V.S Joy को मिली कितनी बड़ी जीत
Thavanur Vidhan Sabha Result 2026 Live: थावनूर सीट पर सबसे आगे निकले INC उम्मीदवार V.S Joy
Thavanur Vidhan Sabha Result 2026 Live: थावनूर सीट पर सबसे आगे निकले INC उम्मीदवार V.S Joy
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Thavanur Election Results Live 2026: केरल के MALABAR क्षेत्र में किस पार्टी या गठबंधन का दबदबा? देखें केरल रिजल्ट से जुड़े ताजा अपडेट
Kerala Assembly Election Results 2026 Live: दिग्गज उम्मीदवारों में कौन खुश होगा, किसे लगेगा झटका? जानें रुझानों में कौन आगे और कौन पीछे?
थावनूर विधानसभा क्षेत्र केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित है. लोकसभा चुनावों के लिए यह पोन्नानी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और केरल विधानसभा की 140 सीटों में से एक है. थावनूर सीट का गठन 2008 में परिसीमन (Delimitation) के बाद हुआ था. बनने के बाद से ही यह सीट केरल की राजनीति में काफी अहम रही है, क्योंकि यहां चुनाव अक्सर बहुत कड़े और मुकाबले वाले होते हैं. यह एक सामान्य (अनारक्षित) सीट है.
प्रशासनिक और भौगोलिक स्थिति की बात करें तो थावनूर विधानसभा क्षेत्र में पोन्नानी तालुक के अंतर्गत आने वाली एडप्पल, थवनूर और वट्टमकुलम पंचायतें, और तरुर तालुक के अंतर्गत आने वाली पुराथुर, मंगलम और त्रिप्रंगोड पंचायतें शामिल हैं. यह क्षेत्र मलप्पुरम जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी हिस्सों से मिलकर बना है, जहां अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के समुदाय रहते हैं. 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में थवनूर में 2,01,183 पंजीकृत मतदाता थे, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक थे. यह बढ़ती आबादी और लोगों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है. मलप्पुरम जिले की अन्य सीटों की तरह थावनूर में भी मुस्लिम समुदाय बहुसंख्यक है, इसके बाद हिंदू और ईसाई आबादी आती है.
प्रतिनिधित्व और राजनीतिक इतिहास में थावनूर की पहचान मुख्य रूप से डॉ. के. टी. जलील से जुड़ी रही है. परिसीमन के बाद पहली बार हुए चुनावों से लेकर अब तक उन्होंने इस सीट पर अपना दबदबा बनाए रखा है. वे भले ही निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते रहे हों, लेकिन उन्हें लगातार वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का समर्थन मिलता रहा है. थावनूर की नई सीट बनने के बाद 2011 में पहली जीत के. टी. जलील (निर्दलीय, LDF समर्थित) ने दर्ज की. इसके बाद 2016 में वे फिर से बड़े वोट शेयर के साथ जीत गए. 2021 में भी उन्होंने एक बेहद कड़े मुकाबले में जीत हासिल की. जलील की लगातार जीत यह दिखाती है कि क्षेत्र में LDF का संगठनात्मक नेटवर्क मजबूत है और साथ ही जलील की व्यक्तिगत पकड़ भी काफी मजबूत रही है.
2021 के केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों में डॉ. के. टी. जलील (निर्दलीय, LDF समर्थित) को 70,358 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का लगभग 46.46% था. वहीं UDF की ओर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार फिरोज कुन्नुमपरंबिल को 67,794 वोट मिले, जो लगभग 44.77% था. तीसरे स्थान पर रमेश कोट्टायिपुरम (BDJS, NDA) रहे, जिन्हें 9,914 वोट मिले. बाकी वोट कुछ निर्दलीय और छोटी पार्टियों में बंट गए. जलील ने यह चुनाव केवल 2,564 वोटों के अंतर से जीता, जिससे साफ होता है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा था. जीत तो जलील की हुई, लेकिन इतना कम अंतर इस बात का संकेत था कि क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है.
मतदाता व्यवहार और रुझान देखें तो थावनूर एक ऐसा क्षेत्र है जहां यह साफ दिखता है कि अगर किसी उम्मीदवार की जमीनी पकड़ मजबूत हो, तो वह बड़ी पार्टियों का औपचारिक सदस्य न होते हुए भी जीत सकता है. डॉ. के. टी. जलील का लगातार निर्दलीय रहकर जीतना इसी बात का उदाहरण है. थावनूर में UDF, खासकर कांग्रेस, हमेशा से मुख्य चुनौती देने वाली ताकत रही है, और कई बार उसने जीत का अंतर कम किया है तथा अच्छा वोट प्रतिशत हासिल किया है. इसके अलावा BDJS जैसी पार्टियां भी चुनाव मैदान में उतरती रही हैं, जो बताता है कि सीट पर मुकाबला बहुकोणीय भी रहता है, हालांकि इन पार्टियों का वोट शेयर अभी भी मुख्य गठबंधनों से कम रहता है. कुल मिलाकर, थावनूर में पिछले रुझान LDF समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में रहे हैं, लेकिन यहां मतदाताओं का फैसला स्थानीय मुद्दों, गठबंधन की रणनीति और उम्मीदवार की छवि के आधार पर बदल भी सकता है.
स्थानीय मुद्दों में मुख्य रूप से क्षेत्र के लोगों की मांग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच, और रोजगार व आजीविका के अवसर बढ़ाने से जुड़ी रहती है.
पर्यटन स्थलों की बात करें तो थावनूर में देखने लायक जगहों में थावनूर श्री ब्रह्मावु मंदिर, थावनूर चेरुथिरुन्नवाय्या श्री शिव मंदिर, थावनूर मना, और भरथपुझा नदी के सुंदर दृश्य प्रमुख हैं.
(श्रेया प्रसाद)
Firos Kunnamparambil
INC
Ramesh Kottayapurath
BDJS
Hassan Chiyanoor
SDPI
Nota
NOTA
Jaleel S/o. Muhammad Kutty
IND
Vellarikkat Mohammed Rafi
IND
Firos Kunnathparambil
IND
Firos Paruvingal
IND
Mohammed Firos Nurukkuprambil
IND
Firos Nellamkunnath
IND
केरलम में कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है. दिल्ली में लगातार बैठकों और नेताओं को तलब किए जाने के बीच सस्पेंस और गहरा गया है. पार्टी के भीतर अलग-अलग दावे, सहयोगी दलों की बेचैनी और समय का दबाव हाईकमान के सामने नई चुनौती है.
केरल के कोट्टायम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने वी.डी. सतीशन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करते हुए आत्महत्या की कोशिश की. उसने सार्वजनिक रूप से खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसका लाइटर छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया. घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
केरलम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने वामपंथी गढ़ को तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल की है. इस चुनाव में कांग्रेस ने एकजुट होकर काम किया और जीत हासिल की.
केरलम में कांग्रेस की यह जीत राहुल की संगठनात्मक पकड़ और प्रियंका की जन-संवाद शैली का एक सफल प्रयोग है. राहुल गांधी ने जहां पार्टी के भीतर की राजनीति को संभाला और नैरेटिव सेट किया, वहीं प्रियंका गांधी ने जमीनी स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित कर UDF के लिए निर्णायक बढ़त सुनिश्चित की.
शशि थरूर के तिरुवनंतपुरम क्षेत्र में 7 में से 4 सीटें यूडीएफ को मिलीं, जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं. कांग्रेस ने नैय्याट्टिनकारा, वट्टियूरकावु और कोवलम जीतीं, जबकि बीजेपी और सीपीआई(एम) को भी सफलता मिली. 2021 के मुकाबले यूडीएफ ने बेहतर प्रदर्शन किया है. थरूर ने स्टार प्रचारक के रूप में अहम भूमिका निभाई. हालांकि बीजेपी का बढ़ता जनाधार और संगठनात्मक चुनौतियां कांग्रेस के लिए आगे भी चिंता का विषय बनी रहेंगी.
पश्चिम बंगाल में चुनावी जीत के साथ ही, भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली अधूरी सफलता का चक्र पूरा कर लिया है. ब्रांड मोदी के जरिए तेजी से रफ्तार भर रही बीजेपी के लिए केरल और तमिलनाडु के नतीजों ने भी रास्ता आसान कर दिया है.
Rajeev Chandrasekhar Vidhan Sabha Chunav Result Updates: निमोम विधानसभा सीट पर 25 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर ने शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने CPI के सिवनकुट्टी को 4,978 वोटों से हराया. सिवनकुट्टी को कुल 52,214 वोट मिले, जबकि चंद्रशेखर को 57,192 वोट प्राप्त हुए. परिणाम के साथ ही इस सीट पर बीजेपी ने बड़ी राजनीतिक बढ़त हासिल की.
केरल में UDF की जीत के बाद कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान तेज हो गई है. वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुकाबला है, जबकि अंतिम फैसला हाई कमान और CLP बैठक के बाद होगा.
Election Results 2026 Updates: देश के चार राज्यों बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित हो गए. पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही पुडुचेरी में बीजेपी एनडीए की जीत हुई है. तमिलनाडु में विजय की टीवीके ने डीएमके को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया, वहीं केरलम में कांग्रेस ने लेफ्ट गठबंधन को हराकर 10 साल का सत्ता का वनवास खत्म किया.
Kerala Election Results 2026 Winning Candidates List: 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में UDF ने 102 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ फिर से साबित कर दी. इस जीत के साथ ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) (CPI-M) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश पर रोक लग गई.