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'अब कोई कर्मचारी उपद्रव किया तो उसके साथ उसकी...', नोएडा डीएम मेधा रूपम की चेतावनी

नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासन सख्त हो गया है. जिलाधिकारी ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उपद्रव होने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. न्यूनतम वेतन के पालन और औद्योगिक शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की गई है.

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 नोएडा डीएम मेधा रूपम की चेतावनी (Photo: itg)
नोएडा डीएम मेधा रूपम की चेतावनी (Photo: itg)

बीते कुछ दिन उत्तर प्रदेश के नोएडा में अराजक स्थिति रही.  सोमवार को वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर निजी कंपनियों के कर्मचारियों का प्रदर्शन उग्र हो गया. कई दिनों से जारी धरने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ गया, जिसके चलते सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया. ट्रैफिक बाधित होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई. कुछ स्थानों पर वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, हालांकि अब हालात सामान्य हो गए हैं.

इस बीच जनपद में शासन की गाइडलाइंस का शत् प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने एवं औद्योगिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/ संविदाकारों के साथ बैठक सम्पन्न हुई.

'कर्मचारी के साथ उसकी एजेंसी भी होगी ब्लैकलिस्ट'

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/ संविदाकार उद्योग को चलाने तथा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी /संविदाकारों की जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों सहित शांति व्यवस्था बनाए रखें. उन्होंने चेताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी एवं एजेंसी के श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार करने पर एजेंसी भी ब्लैकलिस्टेड होगी और उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की भी कार्रवाई की जाएगी.

'एजेंसी का लाइसेंस भी हो सकता है कैंसिल'

उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का शत् प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगर कोई भी एजेंसी द्वारा या एजेंसी के एम्पलॉई/ श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाएगा तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी की भी होगी तथा उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करते हुए एजेंसी का लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है.

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'वेतन मानकों को पूरी तरह फॉलो करें'

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए 13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए 15,059 तथा कुशल श्रमिक के लिए 16,868 रुपए प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतन मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें एवं श्रमिक के बैंक खातों में पूर्ण वेतन ट्रांसफर करें. किसी भी प्रकार के नियमों का उलंघन व कर्मचारियों का शोषण करने पर होगी सख्त कार्रवाई होगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि इंडस्ट्री , एम्पलॉई और एम्पलॉयर तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं. इंडस्ट्रीज का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, वहीं एम्पलॉयर की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य भी सुनिश्चित होता है. यदि औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका अफेक्ट सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है.

'अफवाहों पर न दें ध्यान'

उन्होंने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए आपसी सहयोग एवं विश्वास के साथ कार्य करें. जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों एवं नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान हेतु प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा.

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बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश, संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे.
 

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