नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हो रहे प्रोटोस्ट में कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान भीड़ काफी उग्र हो गई थी. कई जगहो पर कारखाने के अंदर तोड़-फोड़ भी की गई. नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में अबतक 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य 100 को हिरासत में लिया गया (Noida Protest).
लोग अलग-अलग मुद्दों को लेकर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. यह प्रदर्शन मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं, जैसे बढ़ती महंगाई, रोजगार की कमी, और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर किया जा रहा है. कई जगहों पर लोग शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे हैं और अपनी बात रखने के लिए धरना दे रहे हैं.
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. इसी वजह से उन्हें सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है. पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. अधिकारियों का कहना है कि वे लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है.
इस दौरान आम लोगों को भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर ट्रैफिक जाम की वजह से.
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे सोशल मीडिया हैंडल्स फिर एक्टिव हो गए हैं. इसी दौरान नोएडा मजदूर प्रोटेस्ट और कोलकाता हिंसा को लेकर फेक न्यूज फैलाने की साजिश का खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी खबर.
नोएडा मजदूर प्रदर्शन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस पर नाबालिगों सहित सैकड़ों लोगों को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगा है. NHRC-NCPCR में शिकायत दायर की गई है.
नोएडा पुलिस ने मजदूर बिगुल दस्ता नाम के संगठन की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है. इस खेल का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद है, जो मजदूरों के आंदोलन की आड़ में दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम और हिंसा फैलाने की योजना बना रहा था. जांच में पता चला है कि आदित्य नोएडा के अरुण विहार को अपना कंट्रोल रूम बनाकर काम कर रहा था और अपनी IT की नौकरी की मोटी सैलरी इस नेटवर्क को खड़ा करने में लगा रहा था. पुलिस को मिले व्हाट्सएप ग्रुप्स और ब्लूप्रिंट से साफ हुआ है कि यह पूरी प्लानिंग सिस्टम को ठप करने के लिए की गई थी.
हिंसा के दिन आरोपी हिमांशु नोएडा में ही था और मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के संपर्क में था. हिमांशु और सत्यम के खिलाफ पुलिस को भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सबूत मिले हैं.
नोएडा में प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है. उसने साजिश में अपनी भूमिका कबूल की है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की जांच कर रही है.
नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस और STF ने उसे तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है. उस पर पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और वो लंबे समय से फरार था.
नोएडा में हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है जिसमें पाकिस्तान के कनेक्शन की बात सामने आ रही है. पाकिस्तान से सोशल मीडिया हैंडलर के जरिए हिंसा को भड़काया गया. आजतक के पास वो हैंडल सहित जानकारी मौजूद जो पाकिस्तान में बैठकर नोएडा हिंसा को भड़काया जा रहा था.
नोएडा हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए पाकिस्तानी कनेक्शन की बात कही है. जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स ने भ्रामक जानकारी फैलाकर मजदूरों को भड़काया, जिससे प्रदर्शन हिंसक हो गया. पुलिस ने अब तक कई FIR दर्ज कर दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है और बाहरी तत्वों की भूमिका की गहराई से जांच जारी है.
पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति मे कंपनी के अधिकारियों से वार्ता करा उनकी समस्या का समाधान दोपहर तक करा दिया गया. सभी मजदूर शांतिपूर्वक तरीके से अपने कार्य पर वापस लौट गए हैं.
नोएडा फैक्ट्री विरोध मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जहां रूपेश राय मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है. उसके मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट्स में प्रदर्शन भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है. पुलिस ने कई संगठित समूहों और 17 व्हाट्सएप ग्रुप्स की पहचान कर जांच तेज कर दी है.
Noida Employees Protest: नोएडा हिंसा मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया कि उत्पात और आगजनी में शामिल कई लोग असली मजदूर नहीं बल्कि बाहरी तत्व थे. पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई और अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
नोएडा की मदरसन कंपनी से शुरू हुआ श्रमिकों का विरोध अब राजस्थान के भिवाड़ी यूनिट तक पहुंच गया है, जहां लगातार दूसरे दिन भी हंगामा जारी है. नोएडा में कंपनी के प्लांट में हुए विरोध प्रदर्शन के वीडियो वायरल होने के बाद भिवाड़ी के श्रमिक भी भड़क उठे. यहां भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध देखा जा रहा है.
नोएडा हिंसा से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है, जिसकी FIR में RJD की प्रवक्ता कंचना यादव और प्रियंका भारती पर गंभीर आरोप लगाया गया है. आरोप है कि दोनों ने सुनियोजित तरीके से जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट शेयर किया. एफआईआर के मुताबिक दोनों के भ्रामक पोस्ट से जनता में भय फैला और गुस्सा भड़का दोनों के पोस्ट से कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा.
गौतम बुद्ध नगर की DM मेधा रूपम ने नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन पर कड़ी कार्रवाई की है. DM मेधा ने कर्मचारियों के वेतन और जनपद में शांति बनाए रखने पर चिंतन किया. इस दौरान उन्होंने का कि अगर आउटसोर्सिंग कंपनियों के द्वारा उनके किसी भी कर्मचारियों के द्वारा अगर कोई भी उपद्रवी व्यवहार किया जाता है तो आउटसोर्सिंग एजेंसी पर कार्यवाही की जाएगी, उनका लाइसेंस टर्मिनेट किया जाएगा और उनको ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा.
ग्रेटर नोएडा में वर्कर्स के विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. पूरे गौतम बुद्ध नगर जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है. डीसीपी प्रवीन रंजन सिंह की अगुवाई में पीएसी के साथ औद्योगिक इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की जा रही है. पुलिस उन स्थानों पर तुरंत पहुंच रही है, जहां से श्रमिकों के इकट्ठा होने की सूचना मिलती है. कासना के साइट 5 एरिया में भी भारी पुलिस बल के साथ मार्च किया गया. डीसीपी ने बताया कि पूरे क्षेत्र में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण है. उन्होंने कहा कि शिव नाडर यूनिवर्सिटी के पास मिली प्रदर्शन की सूचना पर लोगों को समझाकर शांत किया गया, जिसके बाद वे अपने कार्य पर लौट गए. फिलहाल पूरे जोन में शांति बनी हुई है.
नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के बाद अब घरेलू कामगार महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर है. वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सेक्टर 121 से शुरू हुआ विरोध अब सेक्टर 137 तक पहुंच गया है. महंगाई और कम कमाई से परेशान महिलाएं काम बंद कर प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है.
नोएडा में कर्मचारियों के विरोध और हिंसा के बाद कंपनियों ने न्यूनतम सैलरी बढ़ाकर 16 हजार रुपये से अधिक लागू करना शुरू कर दिया है. फैक्ट्रियों के बाहर नई सैलरी की जानकारी चिपकाई जा रही है. वहीं भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई तेज हुई है. शहर में कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों के आक्रोश सड़कों पर दिखने के बाद सरकार की ओर से लगातार एक्शन हुआ. उपद्रवियों की गिरफ्तारी भी हुई और मजदूरों के वेतन में अंतरिम वृद्धि भी की गई. इस बीच जिला प्रशासन के सिर पर एक और मुसीबत आ खड़ी हुई है. ये है घरों में काम करने वाले मेड्स की मांगें और विरोध प्रदर्शन. मंगलवार को सेक्टर 121 में सोसाइटी के बाहर वेतन वृद्धि को लेकर इन कामगार महिलाओं ने पत्थरबाजी की थी
हरियाणा में न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी का ऐलान कहीं-कहीं जमीनी हकीकत नहीं बन पाया. फरीदाबाद में मजदूर सड़कों पर आए. उन्होंने कंपनियों पर आदेश न मानने के आरोप लगाए.
नोएडा हिंसा को लेकर पुलिस जांच जारी है. मामले में फर्जी वीडियो से साजिश फैलने की बात कही जा रही है. इस बीच आज यानी बुधवार को नोएडा के सेक्टर 63 में कई मजदूर इकट्ठा हो गए और तनाव बढ़ गया. मौके से देखें आजतक संवाददाता हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट.
श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को लेकर नोएडा में आज भी प्रदर्शन जारी है, मंगलवार को पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा कड़ी कर दी है. फिर भी प्रदर्शन की छुटपुट घटनाएं की सूचना आ रही है. किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी दिखा रही है. फिर भी सेक्टर 121 और नोएडा फेस-2 में कुछ घटनाए सामने आई हैं.