नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हो रहे प्रोटोस्ट में कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान भीड़ काफी उग्र हो गई थी. कई जगहो पर कारखाने के अंदर तोड़-फोड़ भी की गई. नोएडा में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में अबतक 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य 100 को हिरासत में लिया गया (Noida Protest).
लोग अलग-अलग मुद्दों को लेकर लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी मांगों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. यह प्रदर्शन मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं, जैसे बढ़ती महंगाई, रोजगार की कमी, और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर किया जा रहा है. कई जगहों पर लोग शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होकर नारेबाजी कर रहे हैं और अपनी बात रखने के लिए धरना दे रहे हैं.
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है. इसी वजह से उन्हें सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठानी पड़ रही है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की जा रही है. पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. अधिकारियों का कहना है कि वे लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है.
इस दौरान आम लोगों को भी थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर ट्रैफिक जाम की वजह से.
पिछले दो दिनों से नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. बीती देर रात यूपी सरकार ने इन प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ा दिया. लेकिन फिर भी ये कर्मचारी शांत नहीं हुए. इधर उत्तर प्रदेश सरकार को इन भड़के हुए मजदूरों के पीछे एक बड़ी साजिश भी नजर आ रही है. सरकार का दावा है कि मजदूरों को भड़काने का काम एक सोची समझी और संगठित साजिश के तहत किया गया.
नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों का यूपी सरकार ने वेतन भी बढ़ा दिया, लेकिन फिर भी ये कर्मचारी शांत नहीं हुए. उत्तर प्रदेश सरकार को इन भड़के हुए मजदूरों के पीछे एक बड़ी साजिश भी नजर आती है. सरकार का दावा है कि मजदूरों को भड़काने का काम एक सोची समझी और संगठित साजिश के तहत किया गया. लेकिन सवाल है कि क्यों? देखें विशेष.
श्रमिकों का वेतन बढ़ाने को लेकर नोएडा में आज भी प्रदर्शन जारी है, मंगलवार को पुलिस ने जगह-जगह सुरक्षा कड़ी कर दी है. फिर भी प्रदर्शन की छुटपुट घटनाएं की सूचना आ रही है. किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी दिखा रही है. फिर भी सेक्टर 121 और नोएडा फेस-2 में कुछ घटनाए सामने आई हैं. देखिए खास रिपोर्ट.
नोएडा में सोमवार को फैक्ट्री कर्मचारियों का वेतनवृद्धि को लेकर आंदोलन हिंसक हो उठा. जिसके बाद पुलिस इसे काबू करने में बौनी साबित हुई और नोएडा के कई क्षेत्रों में जमकर अराजकता के हालात देखने को मिले. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार और भारतीय जनता पार्टी को दोषी बताया है.
नोएडा में प्रोटेस्ट और आगजनी मामले में जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट और ऑडियो सामने आए हैं, जिनमें पुलिस पर हमले की साजिश के संकेत मिले हैं. नकाबपोश उपद्रवियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि मजदूरी बढ़ोतरी के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.
नोएडा हिंसा मामले में वायरल ऑडियो और इंस्टाग्राम चैट से किसी बड़ी साजिश के संकेत मिले हैं. ऑडियो में मिर्ची पाउडर लाने की अपील और CCTV तोड़ने की कोशिश की बात सामने आई है. इस मामले की जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
12 घंटे काम के बाद 13 हजार में घर कैसे चलेगा ? नोएडा में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का यही सवाल सड़कों पर गूंज रहा है. सैलरी बढ़ोतरी के आदेश के बावजूद कर्मचारी संतुष्ट नहीं हैं और 18-20 हजार की मांग पर अड़े हैं. महंगाई, किराया और राशन के बढ़ते खर्च ने उनका संकट गहरा दिया है. कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कर्मियों का वेतन तो समय-समय पर बढ़ता है हमारी कोई सुनता ही नहीं.
नोएडा में सोमवार को सैलरी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर फैक्ट्री वर्कर्स ने जमकर हंगामा और बवाल किया. अब पुलिस उपद्रवियों की धड़पकड़ कर रही है. साथ ही मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फ्लैग मार्च के साथ ही सुरक्षा के सख्त इंतजाम भी किए गए हैं. गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने नोएडा फैक्ट्री कर्मचारियों और घरेलू सहायिकाओं के विरोध प्रदर्शन पर क्या कुछ कहा, देखिए ये वीडियो.
नोएडा में कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन के बीच बनी सीएम कमेटी ने साफ किया कि ₹20,000 वेतन का दावा फर्जी है. सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने महंगाई को देखते हुए अंतरिम वेतन बढ़ाया है, साथ ही श्रमिकों और उद्योगों के हितों के बीच संतुलन बनाने की बात कही है.
Noida Employees Protest : नोएडा में कर्मचारियों के विरोध के बीच अब घरेलू कामगार महिलाओं का प्रदर्शन भी उग्र हो गया है. सेक्टर-121 में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मेड्स ने पथराव किया, जबकि मजदूरों ने तोड़फोड़ की. न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है.
नोएडा में प्राइवेट कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन में एक बड़ा खुलासा हुआ है. बवाल से पहले कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर कर्मचारियों को जोड़ा गया. सोशल मीडिया पर फर्जी मैसेज और 50 से ज्यादा नए बॉट हैंडल सक्रिय पाए गए. अब फंडिंग और डिजिटल नेटवर्क की जांच एसटीएफ कर रही है, जबकि मंगलवार को भी कुछ जगहों पर पथराव हुआ है.