नोएडा
न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जिसे नोएडा (Noida) के नाम से जाना जाता है, गौतम बौद्ध नगर जिले में स्थित एक शहर है. यह भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के अंतर्गत आता है. यह दिल्ली का एक नियोजित शहर और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का एक हिस्सा है. यह पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में यमुना नदी से, उत्तर और उत्तर-पश्चिम में दिल्ली से और उत्तर-पूर्व में दिल्ली और गाजियाबाद के शहरों से घिरा हुआ है. एस शहर का प्रशासनिक मुख्यालय पास के शहर ग्रेटर नोएडा में है (Noida Geographical Location).
यह शहर नोएडा रोड, मेट्रो और दिल्ली मेट्रो द्वारा रेल से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. नोएडा का निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है (Noida Transportation).
नोएडा में तीनों मौसमों का अनुभव किया जा सकता है- गर्मी, मानसून और सर्दी. हिमालय क्षेत्र से आने वाली ठंडी लहरें नोएडा में मौसम को सर्द बनाती हैं (Noida Weather).
नोएडा के प्रवेश द्वार के करीब ओखला पक्षी सेंच्यूरी है जो पर्यटकों को आकर्षित करती है. शहर में एक वनस्पति उद्यान भी है, जिसे विशेष और लुप्तप्राय पौधों के केंद्र में बदलने के उद्देश्य से बनाया गया है (Botanic Garden). नोएडा में स्थित इस्कॉन मंदिर (ISKCON Temple, Noida) पर्यटक स्थलों में से एक है.
नोएडा के पॉश सेक्टर-18 में एक महिला उद्यमी ने आरोप लगाया है कि उनके रेस्टोरेंट के बाहर कुछ युवक रोजाना देर रात गंदी हरकत करते हैं और विरोध पर कर्मचारियों को धमकाते हैं. घटना सीसीटीवी में कैद है. शिकायत के बाद थाना सेक्टर-20 पुलिस जांच में जुट गई है.
नोएडा के पर्थला पुल पर दो युवकों ने कार में महिलाओं का पीछा करते हुए अश्लील इशारे किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. घटना के बाद थाना फेज-3 पुलिस ने अमित कुमार (आजमगढ़) और अभिषेक (मैनपुरी) को गिरफ्तार कर उनकी एमजी हेक्टर कार जब्त की. महिलाएं डर के कारण अपनी कार में ही रहीं. पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है और जनता से अपील की कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें. यह घटना महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता बढ़ाती है.
REITs मॉडल का उपयोग किया जाएगा. सरकार अपनी पुरानी या खाली पड़ी संपत्तियों को इस मॉडल के जरिए 'रीसाइकिल' करेगी, जिससे जो नकदी पैदा होगी, उसे फिर से नए विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा.
बांदा जेल के जेलर विक्रम सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया है. डीजी जेल ने नोएडा पुलिस के गैंगस्टर रवि काना की रिहाई विवाद को लेकर ये एक्शन लिया है.
दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने का सपना देख रहे मिडिल क्लास के लिए अब हालात बदल चुके हैं. कभी किफायती विकल्प माने जाने वाले नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद अब 'लग्जरी हब' में तब्दील हो गए हैं.
ग्रेटर नोएडा में 5 मिलियन फॉलोअर्स वाली महिला इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. आरोप है कि कार सवार युवकों ने डीएनडी से परी चौक तक करीब 27 किलोमीटर तक उनकी बीएमडब्ल्यू का पीछा किया और अभद्र इशारे किए.विवाद गाड़ी टकराने पर हुआ था. फिलहाल, पुलिस को लिखित शिकायत नहीं मिली है.
ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक 3 क्षेत्र अंतर्गत सादुल्लापुर गांव में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां पारिवारिक कारणों के चलते पति पत्नी ने अपने तीन बच्चों के साथ जहर खा लिया. इस घटना में पति और पत्नी की मौत हो गई, जबकि तीनों बच्चों का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है. मृतकों की पहचान प्रयागराज निवासी श्रवण कुमार और उनकी पत्नी के रूप में हुई है. श्रवण कुमार नोएडा के सेक्टर 63 स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे. वह पिछले करीब 8 से 10 वर्षों से सादुल्लापुर गांव में मकान बनाकर पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे. कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस पारिवारिक क्लेश और आर्थिक तंगी समेत सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है.
नोएडा सेक्टर-150 में टेक्नीशियन की मौत के मामले में डेवलपर ने कोर्ट को बताया कि विज्ञापन वाले बैरिकेड नोएडा अथॉरिटी के आदेश पर हटाए गए थे. कंपनी ने दावा किया कि उसने पहले ही सुरक्षा खतरे की चेतावनी दी थी.
रियल एस्टेट की दुनिया में 'फ्रैक्शनल ओनरशिप' एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक बनकर उभरी है, जिसने आम आदमी के लिए करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक बनने का रास्ता खोल दिया है.
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी में घरेलू विवाद के बाद एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 16वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. मृतक शत्रुघ्न सिन्हा (38) बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव से जूझ रहा था. शराब के नशे में विवाद के दौरान उसने साली पर चाकू से हमला किया. पुलिस सूचना से पहले ही उसने छलांग लगा दी. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस जांच जारी है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद बढ़ी ठिठुरन से बचने के लिए केवल गर्म कपड़े काफी नहीं हैं. शरीर को अंदर से गर्म रखने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सूप बेहतरीन ऑप्शन हैं. ये न केवल सर्दी-जुकाम से बचाते हैं, बल्कि जोड़ों के दर्द और थकान में भी राहत देते हैं.
आने वाले समय में, खुली बालकनी शायद केवल रईसों का 'स्टेटस सिंबल' बनकर रह जाएगी. बढ़ते प्रॉपर्टी के रेट की वजह से 'खुले आसमान' और 'ताजी हवा' को पूरी तरह खो चुके हैं, जो कभी घर का सबसे अहम हिस्सा हुआ करते थे.
नोएडा में खुले गंदे पानी के गड्ढे में डूबने से युवराज मेहता की मौत प्रशासन की लापरवाही और खराब नागरिक व्यवस्था को दर्शाती है. सैटेलाइट तस्वीरों और भू-स्थानिक विश्लेषण से पता चला है कि शहर में तेजी से बढ़ते विस्तार के कारण खुले पानी के गड्ढे बढ़ गए हैं.
ग्रेटर नोएडा सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनकी शोक सभा में पिता पहली बार कैमरे के सामने आए. उन्होंने मीडिया और यूपी सरकार का धन्यवाद किया, लेकिन 2 घंटे की लापरवाही का आरोप भी लगाया. युवराज ने गड्ढे में फंसे होकर दो घंटे तक संघर्ष किया. वीडियो वायरल होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन की देरी और प्रशासन की फॉर्मेलिटी पर सवाल उठे. पिता ने भविष्य में ऐसे हादसे रोकने की बात कही और बहादुर युवक मुनींद्र की सराहना की.
ग्रेटर नोएडा में दिवंगत इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा में सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी. पिता राजकुमार मेहता भावुक दिखे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. वहीं सेक्टर-150 हादसे से जुड़े दो नए वीडियो सामने आए, जिनमें रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए गए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठे हैं. मामले में गठित एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है.
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर युवराज की मौत मामले में दो नए वीडियो सामने आए हैं, जिनमें रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. वीडियो बनाने वाले शख्स का दावा है कि 11:45 बजे कार के पानी में गिरने की सूचना मिली थी और वह रात 12 बजे से मौके पर मौजूद था. लेकिन उसके सामने ही युवराज तड़पकर डूब गया और प्रशासन समय पर उसे बचा नहीं सका. इन वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस, फायर और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं.
आय और कीमतों के बीच बढ़ती इस खाई ने खरीदारों को अपनी पसंद के इलाकों को लेकर अधिक सतर्क होने पर मजबूर कर दिया है. रिपोर्ट बताती है कि जहां शहरों के मुख्य केंद्र बेहद महंगे हो चुके हैं, वहीं नए विकसित हो रहे इलाके अब भी निवेश और रहने के लिए तुलनात्मक रूप से बेहतर विकल्प दे रहे हैं.
नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत को लेकर विशेष जांच टीम (SIT) ने यह जानने की कोशिश की है कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और आखिर इस मौत के लिए जिम्मेदार कौन है. रेस्क्यू ऑपरेशन से लेकर प्रशासनिक फैसलों तक, SIT ने हर कड़ी को जोड़ते हुए अहम सवाल खड़े किए हैं, जिनके जवाब अब कार्रवाई की दिशा तय करेंगे. अब ये रिपोर्ट सीएम को सौंपने की तैयारी है.
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है. माना जा रहा है कि लापरवाही बरतने वाले नोएडा अथॉरिटी के कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है.
नोएडा में पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में SIT 24 जनवरी को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. SIT की जांच का फोकस सिर्फ बिल्डरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नोएडा अथॉरिटी और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में है.
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद और नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत ने योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इन संवेदनशील घटनाओं को लेकर विपक्ष हमलावर है, वहीं भाजपा के भीतर भी प्रशासनिक कार्यशैली और संवेदनशीलता की कमी को लेकर असहजता देखी जा रही है.