उत्तर प्रदेश प्रयागराज के केपी ग्राउंड में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर एक दिन के अंदर पूरा मामला पलट गया है. केपी पाठशाला ट्रस्ट ने बुधवार को इस कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी थी, लेकिन गुरुवार रात को ट्रस्ट ने कुछ शर्तों के साथ कांग्रेस को फिर से इस आयोजन की इजाजत दे दी है. इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश सरकार पर कार्यक्रम रुकवाने की कोशिश का आरोप लगाया था.
केपी ट्रस्ट के कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट के वकीलों से सलाह लेने के बाद आयोजकों को कुछ शर्तों पर कार्यक्रम करने की अनुमति दी गई है. इन शर्तों में यह शामिल है कि कॉलेज की पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए, साथ ही जिला मजिस्ट्रेट से भी अनुमति लेनी होगी.
बुधवार को ट्रस्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 14 अगस्त 2025 के आदेश का हवाला देते हुए अनुमति रद्द की थी. इस आदेश में कहा गया था कि केपी कॉलेज के मैदान का इस्तेमाल खेल और पढ़ाई से जुड़े कामों के अलावा किसी और मकसद के लिए नहीं किया जा सकता. ट्रस्ट ने बारिश के बाद मैदान में जलभराव का हवाला भी दिया था.
इससे पहले दिन में दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इनमें उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद किशोरी लाल शर्मा, तनुज पुनिया और इमरान मसूद शामिल थे. उनका कहना था कि भाजपा इसलिए घबराई हुई है क्योंकि राहुल गांधी इस कार्यक्रम के जरिए लगातार छात्रों के मुद्दे उठा रहे हैं. गौतम ने आरोप लगाया कि आयोजन स्थल देने वाले लोगों पर प्रशासन दबाव बना रहा है.
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी 8 अगस्त को तय कार्यक्रम के मुताबिक ही राहुल गांधी का छात्रों से संवाद कराएगी. राय के मुताबिक राहुल गांधी 8 अगस्त को दोपहर 2 बजे दिल्ली से रवाना होंगे और शाम 6 बजे से 8.30 बजे तक केपी ग्राउंड पर छात्रों से बातचीत करेंगे.
गौतम ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से सभा करने का अधिकार है और कांग्रेस सभी नियमों का पालन करते हुए यह कार्यक्रम कर रही है. सांसद पुनिया ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के राहुल गांधी के साथ खड़े होने से डरी हुई है और कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ी रहेगी.