बुध
बुध (Mercury Planet) सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है और सूर्य के सबसे निकट है. इसका नाम रोमन देवता मर्क्यूरियस (बुध), वाणिज्य के देवता, देवताओं के दूत और देवताओं और मनुष्यों के बीच मध्यस्थ के नाम पर रखा गया है, जो ग्रीक देवता हर्मीस के अनुरूप है.
शुक्र की तरह, बुध एक निम्न ग्रह के रूप में पृथ्वी की कक्षा में सूर्य की परिक्रमा करता है, और पृथ्वी से देखे जाने पर सूर्य से इसकी स्पष्ट दूरी कभी भी 28° से अधिक नहीं होती है. ग्रह टेलीस्कोपिक से देखने पर शुक्र और चंद्रमा सभी फेजेज देखे जा सकते हैं, जो लगभग 116 दिनों की अपनी सिनॉडिक अवधि में दोहराता है (Synodic Period of Mercury).
बुध एक ही तरह से घूमता है जो सौर मंडल में अद्वितीय है. यह 3:2 स्पिन-ऑर्बिट में सूर्य के जुड़ा हुआ है, जिसका अर्थ है कि यह सूर्य के चारों ओर दो परिक्रमा करता है और अपनी धुरी पर ठीक तीन बार घूमता है (Rotation of Mercury).
बुध पर अब तक दो अंतरिक्ष यान यात्रा कर चुके हैं. मेरिनर 10 (Mariner 10) ने 1974 और 1975 में उड़ान भरी और मेसेंजर (MESSENGER) 2004 में लॉन्च किया गया था. मेसेंजर ने चार साल में 4,000 से अधिक बार बुध की परिक्रमा की और 30 अप्रैल 2015 को इसके ईंधन खत्म हो जाने पर यह ग्रह की सतह से टकरा गई. BepiColombo अंतरिक्ष यान को 2025 में बुध पर पहुंचाने की योजना है (Spacecraft on Mercury).
3 फरवरी को बुध मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे. फिर 11 अप्रैल तक वहीं रहेंगे. इस दौरान मंगल, शुक्र, सूर्य और राहु के साथ भी बुध की युति होगी. बुध के इस गोचर को तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है.
3 फरवरी को बुध मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं और यहां 11 अप्रैल तक रहेंगे. बुध कुंभ राशि राहु के साथ मिलकर जड़त्व योग बनाने वाले हैं. ज्योतिष में इसे एक अशुभ योग माना गया है. इस योग के कारण तीन राशियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
Budh Gochar In Kumbh Rashi: 3 फरवरी 2026 को बुध ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां राहु पहले से मौजूद हैं. बुध-राहु की युति से करियर, बिजनेस और कम्युनिकेशन पर बड़ा असर पड़ेगा. तो आइए जानते हैं कि बुध के गोचर से किन राशियों के किन राशियों को होगा लाभ और किन्हें सावधान रहना होगा.
Budh Gochar 2026 Rashifal: फरवरी 2026 में बुध ग्रह एक नहीं बल्कि तीन बार गोचर करेंगे. इस दौरान राशि और नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों को धन, करियर और व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है. तो आइए जानते हैं कि बुध के होने वाले गोचर से किन राशियों को फायदा होगा.
Laxmi Narayana Rajyog 2026: फरवरी में कुंभ राशि में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है. यह लक्ष्मी नारायण राजयोग 6 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक प्रभावी रहने वाला है. करीब 30 दिनों तक यह राजयोग चार राशियों को धन और प्रगति का लाभ देगा.
Budh Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण कहलाता है, जिसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर भी देखने को मिलता है. 3 फरवरी को बुध कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं, जिससे कई राशियों के जीवन में होली तक धन के अंबार लगेंगे. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
3 फरवरी को बुध-शनि के बीच दशांक योग बनने वाला है. ज्योतिषविदों के अनुसार, यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए शुभ सिद्ध हो सकता है. दशांक योग आपके व्यापार, संवाद और योजनाओं में लाभ देने वाला है. धन-धान्य की स्थिति को भी बेहतर बना सकता है.
Budh Vakri 2026 Rashifal: बुध 26 फरवरी 2026 को लगभग 23 दिनों तक वक्री रहेंगे, जो करियर, निवेश और आर्थिक मामलों में कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होगा. इस दौरान कई राशियों को व्यापार, शिक्षा, तकनीक और साझेदारी से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
Laxmi Narayana Rajyog 2026: फरवरी की शुरुआत में कुंभ राशि में शुभ राजयोग बनने जा रहा है. 3 फरवरी को बुध और 6 फरवरी को शुक्र के गोचर से कुंभ राशि में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा. ज्योतिष अनुसार यह शुभ योग चार राशियों के लिए धन, समृद्धि और तरक्की के प्रबल अवसर लेकर आएगा.
Budh Gochar 2026 Rashifal: 3 फरवरी 2026 को बुध शनिदेव की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे, जो सभी राशियों पर प्रभाव डालेगा. इस दौरान कई राशियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कार्यों में नए अवसर प्राप्त होंगे. यह गोचर नौकरी, आमदनी और करियर के लिहाज से सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
साल 2026 में बुध ग्रह तीन बार वक्री होगा और पूरे साल लगभग 70 दिन उल्टी चाल चलेगा. ज्योतिषविदों का कहना है कि बुध ग्रही की वक्री चाल कुछ राशियों को आर्थिक मोर्चे पर नुकसान दे सकती है. इन राशि वालों को वक्री बुध से बहुत सावधान रहना होगा.
साल 2026 में कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती और राहु के प्रभाव से चुनौतियां रही हैं. लेकिन अब राहत का समय शुरू होने वाला है. 3 फरवरी को बुध के कुंभ राशि में गोचर करते ही हालात में सुधार और कुछ अच्छे बदलाव आने वाले हैं.
इस समय मकर राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की युति बनी हुई है. यहां बुध के कारण बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण दो शुभ राजयोग बन रहे हैं. ज्योतिषविदों के अनुसार, ये शुभ राजयोग तीन राशियों को धन-संपत्ति, सफलता और उन्नति दिलाने वाले साबित हो सकते हैं.
बुध 15 दिनों में दो बार राशि बदलेंगे. बुध 17 जनवरी को मकर और 4 फरवरी को कुंभ में प्रवेश करेंगे. कुंभ में पहले से राहु मौजूद है. ऐसे में करीब 18 साल बाद कुंभ राशि में बुध-राहु युति बनेगी. ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग 4 फरवरी के बाद तीन राशियों की किस्मत खोल सकता है.
Budh Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध गोचर का विशेष महत्व माना जाता है. बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, लेखन, शिक्षा और संवाद का कारक कहा जाता है. जब बुध एक राशि से निकलकर दूसरी राशि या नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो उसे बुध गोचर कहा जाता है.
Budh vakri: वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह के वक्री होने को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है. जब कोई ग्रह वक्री होता है, तो वह पृथ्वी से देखने पर अपनी सामान्य दिशा के विपरीत चलता हुआ प्रतीत होता है. इसे ही वक्री चाल कहा जाता है.
2026 अंतरिक्ष में नए मिशनों का ऐतिहासिक साल होगा. नासा का आर्टेमिस-2 चंद्रमा के चारों ओर अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाएगा. स्पेसएक्स स्टारशिप को ऑर्बिट में पहुंचाएगा. चीन एस्टेरॉयड से नमूने लाएगा, जबकि बुध और चंद्रमा दक्षिणी ध्रुव पर नए मिशन पहुंचेंगे. नए टेलीस्कोप और निजी स्पेस स्टेशन भी लॉन्च होंगे. यह साल मानव अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊंचाई देगा.
Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर एक बड़ा ही दुर्लभ संयोग बनने वाला है. दरअसल 13 जनवरी से लेकर 17 जनवरी तक पांच बड़े ग्रहों की चाल बदलने वाली है. इस दौरान सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा का राशि परिवर्तन होने वाला है.
29 दिसंबर को बुध केतु के स्वामित्व वाले मूल नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 7 जनवरी 2026 तक वहीं रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, नए साल की शुरुआत में केतु के नक्षत्र में बुध का होना तीन राशियों के लिए अशुभ हो सकता है. इन्हें करियर, व्यापार और धन से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतनी चाहिए.
Navpancham Rajyog 2026: 15 जनवरी 2026 को बुध और अरुण ग्रह की युति से नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. नए साल 2026 में बनने जा रहा यह योग बहुत ही शुभ माना जा रहा है, जिसके शुभ प्रभाव से कई राशियां अमीर और मालामाल होंगी. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
29 दिसंबर को बुध का धनु राशि में गोचर होगा, जो 17 जनवरी 2026 तक इसी राशि में रहेगा. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह गोचर तीन राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. इस दौरान इनके कामों में रुकावट, मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और वाणी से जुड़े टकराव की स्थिति बन सकती है.