Budh Gochar 2026: ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, संवाद, व्यापार, तर्क और निर्णय क्षमता का प्रतिनिधि माना जाता है. जब भी बुध ग्रह अपनी स्थिति या नक्षत्र में परिवर्तन करते हैं, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है. हालांकि, हर राशि पर इसका असर समान नहीं होता. किसी के लिए यह समय सीख और आत्ममंथन का होता है, तो किसी के लिए चुनौतियों और मानसिक दबाव से भरा रहता है.
बुध ने नक्षत्र परिवर्तन किया है, जिसके बाद कुछ राशियों के लिए आने वाले दिन कठिन साबित हो सकते हैं. खासतौर पर 3 राशियों को 15 जनवरी 2026 तक अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है.
बुध गोचर 2026 का ज्योतिषीय प्रभाव
वर्तमान में बुध ग्रह धनु राशि में स्थित होकर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से गुजर रहे हैं, जिसके अधिपति शुक्र ग्रह हैं. यह गोचर 7 जनवरी 2026 को दोपहर में शुरू हुआ और 15 जनवरी 2026 की सुबह तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान बुध का प्रभाव व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, वाणी, व्यावसायिक निर्णय, मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है.
मेष राशि: मानसिक दबाव और प्रोफेशनल अड़चनें
इस गोचर के प्रभाव से मेष राशि के जातकों पर मानसिक तनाव बढ़ सकता है. करियर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी. एकाग्रता कमजोर होने से निर्णय लेने में गलती हो सकती है. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि दुर्घटना या चोट का योग बन रहा है. निजी रिश्तों में भी जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा.
तुला राशि: बेचैनी और धन से जुड़ी चिंताएं
तुला राशि वालों के लिए यह समय मानसिक अशांति और शारीरिक थकावट लेकर आ सकता है. मन का अस्थिर रहना कार्यक्षमता को प्रभावित करेगा. आर्थिक मामलों में की गई छोटी सी चूक भी नुकसान का कारण बन सकती है. अतीत की कुछ गलतियों का असर अब सामने आ सकता है. 15 जनवरी के आसपास स्वास्थ्य में हल्की गिरावट के संकेत भी मिल रहे हैं.
मीन राशि: कार्यस्थल पर दबाव और रिश्तों में दूरी
बुध गोचर के दौरान मीन राशि के जातकों को हर कदम बेहद सोच-समझकर उठाने की जरूरत होगी. ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद या नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. आर्थिक मामलों में नुकसान की संभावना बन रही है. मानसिक उदासी के कारण काम पर फोकस करना कठिन होगा. किसी करीबी व्यक्ति से भावनात्मक दूरी भी महसूस हो सकती है.