वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले में हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का दर्द छलक पड़ा. श्रेयस ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निराशा जताई. उन्होंने माना कि टीम सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा. श्रेयस ने साथ ही कहा कि निर्णायक मुकाबले में जीत के लिए सही सोच और गेमप्लान को लागू करना बेहद जरूरी होगा.
बुधवार (14 अक्टूबर) को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रनों से हार का सामना करना पड़ा. वेस्टइंडीज ने शाई होप के नाबाद शतक की मदद से तीन विकेट पर 247 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवर्स में 223 रनों पर सिमट गई. अर्शदीप सिंह के चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट होने के साथ ही भारत की पारी समाप्त हो गई. इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी. अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का फैसला शनिवार (17 अक्टूबर) को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा.
मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारत की मुश्किलें गेंदबाजी में ही शुरू हो गई थीं. उनके मुताबिक, 250 रनों के करीब के लक्ष्य का पीछा करते समय बल्लेबाजों को एक तय योजना के अनुसार खेलना होता है. उन्होंने रनचेज के दौरान टीम के रवैये को अच्छा बताया, लेकिन गेंदबाजी में योजनाओं को लागू नहीं कर पाने को हार की बड़ी वजह माना. श्रेयस ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति पर बेहतर अमल किया. पिच से भी उन्हें मदद मिली क्योंकि कुछ गेंदें उछल रही थीं और मेहमान टीम ने फील्ड का प्रभावी इस्तेमाल किया.
भारतीय कप्तान ने आगे कहा कि टीम को गेंदबाजी को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय अपने स्किल पर भरोसा करना होगा. उनके अनुसार, हर मैच में नई सोच के साथ उतरना, तय योजना को लागू करना और मिले मौकों का फायदा उठाना अहम होगा. श्रेयस अय्यर ने माना कि मुकाबले के बीच भारत ने वापसी की कोशिश की थी, लेकिन वेस्टइंडीज ने दबाव में शानदार तरीके से पलटवार किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि सीरीज का पांचवां मैच दिलचस्प होगा क्योंकि दोनों टीमें बराबरी पर हैं और खिताब का फैसला इसी मुकाबले से होगा.
वेस्टइंडीज के कप्तान होप क्या बोले?
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 50 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया. उन्होंने कहा, 'शुरुआत में पिच बल्लेबाजी के लिए जितनी आसान लग रही थी, बाद में वैसी नहीं रही. नई गेंद पर कुछ गेंदें ज्यादा उछल रही थीं, जबकि कुछ नीची रह रही थीं. इससे बल्लेबाजों के लिए गेंद की गति और उछाल को समझना मुश्किल हुआ.' होप के मुताबिक, पिच पर गेंद रुककर भी आ रही थी. स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने इसका फायदा उठाया, जिससे बाद के ओवरों में सीधे बल्ले से शॉट लगाना आसान नहीं रहा.
वेस्टइंडीज की जीत में कीमो पॉल की गेंदबाजी निर्णायक रही. उन्होंने 41 रन देकर पांच विकेट लिए और मेहमान टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. पॉल ने बताया कि टीम की योजना यॉर्कर डालने की थी और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजों को निशाना बनाकर गेंदबाजी करनी थी. पिच पर धीमी गेंदों को मिल रही पकड़ ने भी गेंदबाजों की मदद की. पॉल ने कहा कि इन परिस्थितियों में गेंदबाजों के लिए खुद पर भरोसा रखना जरूरी था. उन्होंने मौके का फायदा उठाने और गेमप्लान को सही तरीके से लागू करने पर संतोष जताया.