एक शाई होप... और भारतीय गेंदबाजों के सामने सवालों का पहाड़! कभी वनडे में शतक, कभी टी20 में सेंचुरी. कभी 162 रनों की नाबाद पारी, तो कभी सिर्फ 50 गेंदों में 102 रन का तूफान. वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप भारत दौरे पर ऐसी बल्लेबाजी कर रहे हैं कि टीम इंडिया के गेंदबाजों को उनकी काट नहीं मिल रही. इस दौरे पर चार शतक जड़ चुके होप ने एक बार फिर हैदराबाद में भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियां उजागर कर दीं. उनकी विस्फोटक पारी के दम पर वेस्टइंडीज ने चौथे टी20 मुकाबले में भारत को हराकर पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर कर दी.
चार शतक, दो फॉर्मेट और भारतीय गेंदबाजों की बढ़ती मुश्किलें. शाई होप का बल्ला जिस अंदाज में चल रहा है, उसने वेस्टइंडीज को सीरीज में नई जान दे दी है. भारतीय टीम के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस बल्लेबाज को रोका कैसे जाए?
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— Star Sports (@StarSportsIndia) October 14, 2026
भारत दौरे पर शाई होप के शतकीय धमाके
शाई होप के भारत दौरे के आंकड़े उनकी जबरदस्त फॉर्म की कहानी खुद बयां कर रहे हैं. उन्होंने वनडे और टी20 इंटरनेशनल, दोनों फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ शतक जमाए हैं.
चार शतक, जिनमें तीन नाबाद पारियां शामिल हैं. यह सिलसिला बताता है कि होप सिर्फ अच्छी शुरुआत नहीं कर रहे, बल्कि बड़ी पारी खेलकर विरोधी टीम को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. खास बात यह है कि उन्होंने वनडे में लंबी पारी खेलने की अपनी क्षमता दिखाई, तो टी20 में भी तूफानी अंदाज से भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया.
हैदराबाद में ऐसे बेबस हुए भारतीय गेंदबाज
हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में मुकाबले से पहले बड़े स्कोर की उम्मीद थी. हालांकि, पिच को दोबारा तैयार किए जाने के कारण दोनों टीमों को उसके मिजाज का अंदाजा नहीं था. भारत के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पहले ओवर में सिर्फ तीन रन दिए, लेकिन इसके बाद वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मैच की तस्वीर बदल दी.
अगले पांच ओवर में वेस्टइंडीज ने पांच छक्के जड़ दिए. इनमें तीन छक्के होप के बल्ले से निकले. टीम पावरप्ले के दौरान ही 79 रन तक पहुंच गई. होप के साथ ज्वेल एंड्रयू ने भी भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया. अर्शदीप सिंह को होप के खिलाफ राउंड द विकेट गेंदबाजी करने के लिए लगाया गया, लेकिन एंड्रयू ने उन पर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. नतीजा यह हुआ कि कप्तान श्रेयस अय्यर को अर्शदीप को गेंदबाजी से हटाना पड़ा.
होप की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वह बिना जरूरत जोखिम उठाए रन बटोरते रहे. फ्रंट लेग हटाकर गेंद को सीधे या मिडविकेट की दिशा में मारना उनका पसंदीदा तरीका रहा. फील्ड खुलने के बाद भी उनकी रफ्तार कम नहीं हुई. उन्होंने 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अगले 22 गेंदों में शतक तक पहुंच गए.
यानी शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद होप ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि भारतीय गेंदबाज उनके सामने बेबस नजर आए.
50 गेंदों में 102 रन, कंट्रोल भी और पावर भी
होप की पारी केवल छक्कों की कहानी नहीं थी. उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में नियंत्रण और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया. उनकी कंट्रोल प्रतिशत 92 रही. अर्शदीप सिंह ऐसे गेंदबाज रहे, जिनके खिलाफ होप का स्ट्राइक रेट 190 से नीचे रहा. उन्होंने अर्शदीप की पांच गेंदों पर सिर्फ तीन रन बनाए.
इसके बावजूद भारतीय टीम दूसरे छोर से लगातार रन रोकने में नाकाम रही. होप ने अपनी पारी में 9 छक्के लगाए. रांची में दूसरे टी20 के दौरान भी उन्होंने 9 छक्के जड़े थे. हैदराबाद में उनकी नाबाद 102 रनों की पारी ने वेस्टइंडीज को तीन विकेट पर 247 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया.
यह होप का टी20 इंटरनेशनल में तीसरा शतक था. वेस्टइंडीज के किसी भी बल्लेबाज ने इस फॉर्मेट में उनसे ज्यादा शतक नहीं लगाए हैं. इसी पारी के दौरान उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 2000 रन भी पूरे किए. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले वेस्टइंडीज के चौथे बल्लेबाज बने.
संजू सैमसन ने भी माना होप का लोहा
भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने हार के बावजूद होप की बल्लेबाजी की तारीफ की. सैमसन ने कहा कि होप जिस तरह क्रिकेटिंग शॉट खेल रहे हैं, गेंदबाजों का सम्मान करते हैं और बिना ज्यादा जोखिम उठाए रन बना रहे हैं, उसके लिए उन्हें श्रेय देना चाहिए.
संजू ने खुद 23 गेंदों पर 65 रन की तूफानी पारी खेली, लेकिन उनकी कोशिश भारत को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही. वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए और भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी. इस जीत के साथ मेहमान टीम ने सीरीज 2-2 से बराबर कर दी.
... होप का यह अंदाज खतरे की घंटी
शाई होप की बल्लेबाजी को पुराने मोबाइल फोन के स्नेक गेम से समझा जा सकता है. शुरुआत में खेल की रफ्तार तेज लगती है, लेकिन अभ्यास बढ़ने के साथ खिलाड़ी को सब कुछ धीमा दिखाई देने लगता है. हैदराबाद में होप भी कुछ इसी अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आए. गेंदबाज अपनी योजनाएं बदलते रहे, फील्डिंग में बदलाव होते रहे, लेकिन वह अपने शॉट चुनते और रन बनाते रहे.
वेस्टइंडीज के कोच डेरेन सैमी ने मैच से पहले ही कहा था कि होप अच्छी फॉर्म में हैं और उन्हें इस फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए. होप ने मैदान पर वही करके दिखाया. उनके लिए यह दौरा व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं है. उनकी पारियां वेस्टइंडीज को मुकाबलों में वापस ला रही हैं और भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं.
अब सीरीज 2-2 से बराबर है और निर्णायक मुकाबला बाकी है. भारतीय टीम के पास वापसी का मौका जरूर है, लेकिन इसके लिए गेंदबाजों को होप के खिलाफ ठोस रणनीति बनानी होगी. वरना एक अकेला शाई होप फिर टीम इंडिया के हाथ से जीत छीन सकता है.