भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून इस साल उतार-चढ़ाव भरा रहा है. जून में भारी कमी के बाद जुलाई में कुछ सुधार हुआ, लेकिन अभी भी देशभर में मौसमी बारिश में करीब 11 प्रतिशत की कमी बनी हुई है. फिर भी मौजूदा हालात बताते हैं कि मॉनसून की सक्रियता थमने वाली नहीं है.
एक कमजोर होते डिप्रेशन या निम्न दबाव अब भी पश्चिमी और मध्य भारत को प्रभावित कर रहे हैं. इससे पहले ही पूर्वी भारत में मौसम सक्रिय हो चुका है. नतीजा यह है कि अगले कुछ दिनों में बारिश में कोई बड़ा ब्रेक आने की संभावना नहीं दिख रही. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के हालिया बुलेटिन और सैटेलाइट तस्वीरों से साफ है कि मॉनसून ट्रफ सक्रिय है.
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पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर हो रहा है, लेकिन इससे जुड़ी नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन अब भी बारिश का स्रोत बने हुए हैं. इसी बीच पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बादल सक्रिय हो गए हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी है.
डिप्रेशन के अवशेष और मॉनसून की निरंतरता
पिछले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी से उठे डिप्रेशन ने मध्य और पश्चिमी भारत में अच्छी बारिश दी थी. यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया. राजस्थान की तरफ बढ़ गया. सामान्यतः ऐसे सिस्टम के कमजोर होने के बाद बारिश में कमी आती है, लेकिन इस बार पूर्वी भारत में नई सक्रियता ने इस कमी को रोक लिया है.

आईएमडी के अनुसार, मॉनसून ट्रफ उत्तर की तरफ शिफ्ट होने की संभावना है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश के आसार बढ़ सकते हैं. उपग्रह तस्वीरों में पश्चिमी भारत पर घने बादल दिख रहे हैं, जबकि पूर्वोत्तर में तीव्र गतिविधियां सक्रिय हैं.
हिमालय की तलहटी में भी बारिश बढ़ने की संभावना है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश कुछ कम हो सकती है, लेकिन तटीय कर्नाटक और केरल में छिटपुट भारी वर्षा जारी रह सकती है. कुल मिलाकर, अगले चार-पांच दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मॉनसून सक्रिय रहेगा.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत पर फोकस
पूर्वी भारत इस समय मॉनसून का मुख्य केंद्र बन गया है. बिहार और झारखंड में अगले दो-तीन दिनों तक भारी बारिश की आशंका है. पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है. असम और मेघालय में अगले पांच दिनों तक अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
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इससे नदियों में पानी बढ़ने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. पहले से ही असम में बाढ़ से नुकसान हो चुका है. नई बारिश स्थिति को और गंभीर बना सकती है. ओडिशा में भी बारिश जारी रहने से नदियों पर दबाव बना रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अच्छी बारिश के आसार हैं.
ये इलाके कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं. धान की फसल को इस समय पानी की जरूरत होती है, इसलिए लगातार बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, बशर्ते बाढ़ का रूप न ले.
देशभर की स्थिति और संभावित प्रभाव
देशभर में मॉनसून की स्थिति असमान है. पश्चिमी और मध्य भारत में हालिया सिस्टम से बारिश हुई, लेकिन उत्तर-पश्चिम के कुछ हिस्सों में अब भी कमी है. आईएमडी का अनुमान है कि अगस्त के पहले हिस्से में सामान्य या कुछ इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, हालांकि पूरे महीने और अगस्त-सितंबर की अवधि में देशभर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है. फिर भी फिलहाल सक्रिय चरण किसानों, जलाशयों और बिजली उत्पादन के लिए राहत भरा है.
शहरी इलाकों में जलभराव, यातायात बाधा और बिजली कटौती जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी रहता है. केरल में हाल ही में भारी बारिश से नुकसान हुआ था, लेकिन वहां अब बारिश कम होने की संभावना है. कुल मिलाकर, अगले कुछ दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत को सतर्क रहना होगा.
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनसून ट्रफ की स्थिति और नए निम्न दबाव क्षेत्रों के बनने की संभावना बारिश को जारी रख सकती है. बंगाल की खाड़ी में अभी कोई नया मजबूत सिस्टम नहीं दिख रहा, लेकिन मौजूदा नमी और सर्कुलेशन पर्याप्त हैं. अगर ट्रफ उत्तर की तरफ बढ़ती है तो दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश सुधर सकती है.
यह सक्रिय चरण मॉनसून की रिकवरी में मददगार है. जून की कमी को जुलाई और अगस्त की शुरुआत में कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है. किसानों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए. प्रशासन को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज रखना होगा.
कुल मिलाकर, मॉनसून इस समय अच्छी चाल में है. डिप्रेशन के अवशेष पूरी तरह खत्म होने से पहले पूर्वी भारत सक्रिय हो गया है, इसलिए अगले कुछ दिनों में बारिश रुकने का कोई बड़ा मौका नहीं दिख रहा. यह स्थिति कृषि, जल संसाधन और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.