बिहार
बिहार (Bihar) एक भारतीय राज्य है जो देश के पूर्वी भाग में स्थित है. 1950 में बिहार एक स्वतंत्र राज्य बना. राज्य 94,163 वर्ग किलोमीटर में फैला है (Area) और यहां हर एक वर्ग किलोमीटर में 1,106 लोग रहते हैं (Density). क्षेत्र के हिसाब से यह बारहवां सबसे बड़ा राज्य है और भारत में तीसरा सबसे बड़ा आबादी वाला राज्य है. राज्य पश्चिम में उत्तर प्रदेश, उत्तर में नेपाल, दक्षिण में झारखंड और पूर्व में पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग से घिरा है (Bihar Location).
2011 जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार राज्य की जनसंख्या (Bihar Population) लगभग 10.41 करोड़ के करीब और लिंग अनुपात (Sex Ratio) 918 है. इसकी 61.80 फीसदी जनसंख्या साक्षर है. इनमें पुरुष 71.20 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 51.50 फीसदी है (Bihar literacy).
बिहार में 243 विधान सभा चुनाव क्षेत्र (Assembly Constituencies) हैं और यहां भारत में सर्वाधिक, 40 लोक सभा चुनाव क्षेत्र (Lok Sabha Constituencies) हैं (Bihar Contituencies).
पटना (Patna) बिहार राज्य की राजधानी है (Capital of Bihar), जिसमें हाजीपुर, बरौनी और डालमियानगर राज्य के प्रमुख औद्योगिक शहर हैं.
पवित्र नदी गंगा राज्य से होकर बहने वाली प्रमुख नदी है जो बिहार के मैदान को भी विभाजित करती है (Ganga River). राज्य के तीन मुख्य सांस्कृतिक क्षेत्र मगध, मिथिला और भोजपुर हैं. कई बोलियों में, भोजपुरी, मैथिली (भारत के संविधान के तहत मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषा) और मगही राज्य के लोगों द्वारा बोली जाने वाली प्रमुख भाषाएं हैं (Language of Bihar).
प्राचीन काल से, बिहार को संस्कृति, विद्या और शक्ति का केंद्र माना जाता है. दुनिया भर में प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग जिसे मधुबनी कला के रूप में जाना जाता है, बिहार में प्रचलित चित्रकला की पारंपरिक शैली है जो प्रकृति के साथ मनुष्य के जुड़ाव को दर्शाती है. दूसरी ओर, मैथिली संगीत राज्य के जीवंत लोक का प्रतिनिधित्व करता है (Madhubani Art).
इसके अलावा छठ पूजा (Chhath Puja) के समय राज्य की जीवंत संस्कृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिसे डाला छठ के नाम से भी जाना जाता है. यह बिहार का एक प्रमुख पारंपरिक त्योहार है जिसे बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है (Festival of Bihar).
उत्तर भारतीय व्यंजनों के समान, बिहार के पारंपरिक व्यंजनों में 'लिट्टी चोखा', 'खादी बारी', 'सत्तू-पराठा', 'घुगनी', 'दलपिथी' और बहुत कुछ शामिल हैं (Food). इनके साथ-साथ कुछ उल्लेखनीय बिहारी मिठाइयां 'बलूशाही', 'मालपुआ', 'खाजा' और 'ठेकुआ' हैं (Sweets of Bihar).
धार्मिक महत्व के कारण बिहार पर्यटन को आकर्षित करता है क्योंकि माना जाता है कि देवी सीता का जन्म बिहार के सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले में हुआ था. गौतम बुद्ध ने बोधगया (Bodhgaya), बिहार में ज्ञान प्राप्त किया था. राज्य के अन्य पारिस्थितिक पर्यटन स्थलों में वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान, कंवर झील, बर्ड सेंच्युरी, गौतम बुद्ध वन्यजीव सेंच्युरी शामिल हैं. बिहार में दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय, बिहार योग विद्यालय है (Tourist Placecs of Bihar).
बिहार के आरा में पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा है. मामला भोजपुर इलाके का है, जहां एक गांव में पुलिस की गोली से युवक की मौत हो गयी. पुलिस आरोप है कि युवक के पास अवैध हथियार था, लेकिन घरवाले कह रहे हैं कि उसे जानबूझकर मारा गया है.
बिहार के आरा में भरत तिवारी नाम के युवक के एनकाउंटर के बाद पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया और आरा-बक्सर हाइवे को जाम कर दिया. देखते ही देखते सड़क पर ट्रकों की लंबी लाइन लग गई जिसके बाद सड़क से जाम हटवाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और आंदोलनकारियों को खदेड़ दिया.
बिहार के आरा में पुलिस पर भरत भूषण तिवारी नाम के युवक के फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा है. पुलिस ने युवक के पैरों पर गोली मारी थी और उसके बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई. इसके बाद पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आरा-बक्सर हाइवे को जाम कर दिया गया. जिसे हटवाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज तक करना पड़ा. अब भरत भूषण तिवारी का आखिरी वीडियो सामने आया है. देखें.
बिहार के भोजपुर जिले में हुए चर्चित एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया है. अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के तहत की गई. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान जवाबी कार्रवाई की नौबत तब आई जब सुरक्षा बलों पर हमला हुआ. हालांकि सवाल उठ रहे है कि जब उसने तमांचा फेंक दिया तो उसे गोली क्यों मारी गई. एनकाउंटर को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस और विरोध के बीच पुलिस ने दावा किया है कि उसके सभी कदम निर्धारित नियमों और परिस्थितियों के अनुरूप उठाए गए.
बिहार के भोजपुर में चर्चित भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इस मामले में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. जिसमें मुठभेड़ की जांच CBI से करवाने की जांच की गई है. याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में कराई जाए.
भरत तिवारी की मौत से पहले उनकी एक आखरी वीडियो सामने आई है जिसमें उन्होनें एक खास इच्छा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि उनके मरने के बाद उनका मोबाइल फोन किसी और के हाथ नहीं जाना चाहिए, बस उनके घर वाले ही इसे रख सकें. यह वीडियो उनकी जिंदगी का अंतिम संदेश प्रतीत होता है जहां वे जानते थे कि उनका समय सीमित है.
बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर पर सूबे की सियासत गरमाई हुई है. विपक्ष फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाकर सरकार पर हमलावर है. अब बीजेपी के भी कुछ नेताओं ने भी इस एनकाउंटर पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. विवाद को बढ़ता देख सरकार ने मामले की न्यायिक जांच का आदेश दिया है. देखें न्यूज बुलेटिन.
भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर पर बिहार पुलिस सवालों के घेरे में है. अब भरत तिवारी का एक नया वीडियो सामने आया है. ये वी़डियो एनकाउंटर से पहले का है, जिसमें भरत अपनी हत्या की आशंका जता रहा था. इस वीडियो में भरत अपने अंगदान की बात कर रहा है. साथ ही बता रहा है कि उसके मोबाइल में व्यवस्था के खिलाफ बनाए गए वीडियोज़ हैं. देखें.
किसी भी लोकतंत्र में सबसे खतरनाक स्थिति तब होती है, जब एक ही घटना के कई सच सामने खड़े हो जाते हैं. एक तरफ वायरल वीडियो हैं. दूसरी तरफ एक युवक की मौत है. एक तरफ पुलिस की कहानी है, दूसरी तरफ परिवार के आरोप हैं. एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री का शुरुआती बयान है, दूसरी तरफ न्यायिक जांच का आदेश. और इन सबके बीच आरा की सड़कों पर जलती मोमबत्तियां हैं, गुस्सा है और जवाब तलाशती आंखें हैं. देखें दंगल.
भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के डीजीपी को तलब किया. सीएम ने मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा दिया है. बिहार पुलिस ने भोजपुर जिले में एनकाउंटर का कथित वीडियो के सामने आने के बाद शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार समेत चार पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड कर दिया है.
बिहार के भोजपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सातवें दिन आरोपी पुलिसवालों पर FIR दर्ज कर ली गई है. इस मामले में जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. देखें...
भोजपुर में भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बिहार पुलिस सवालों के घेरे में है. पुलिस का कहना है कि भरत ने पुलिसवालों के सामने अपनी पिस्टल तो फेंक दी थी, लेकिन जैसे ही पुलिस का एक जवान पिस्टल को जब्त करने आगे बढ़ा तभी भरत लपककर अपना पिस्टल उठा लेता है और पुलिस को निशाना बनाकर फायर करता है. हालांकि, तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है. देखें वारदात.
भोजपुर पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है. परिजनों का दावा है कि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था और वह फेसबुक लाइव भी था. मामले में न्यायिक और CBI जांच की मांग उठ रही है, जबकि पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है.
बिहार के भोजपुर में 17 जून को भरत तिवारी नाम के युवक का एनकाउंटर कर दिया गया था. इस घटना के 8 दिन बाद भोजपुर के एसपी भरत के परिजनों से मिलने पहुंचे. इस दौरान परिजनों ने एसपी से सवाल किया कि जब भरत ने पिस्टल फेंक दी थी, तो फिर उसे गोली क्यों मारी गई? एसपी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया है.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आठ दिन बाद भोजपुर के एसपी मिस्टर राज मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. परिवार ने एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठाए और न्याय की मांग दोहराई. परिवार ने कहा कि जब तक दोषियों को सजा और न्याय नहीं मिलेगा, वे संतुष्ट नहीं होंगे.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने बिलौटी गांव की महापंचायत में शामिल होकर सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि जांच में पटना के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी शामिल होनी चाहिए. प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि 15 दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का घेराव किया जाएगा.
बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बाबा बागेश्वर ने कहा कि जो हुआ वो सही नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि पता चला है कि जब भरत ने सरेंडर कर दिया, तब उस पर गोली चलाई गई. इस मामले की जांच होनी चाहिए. अगर वो अपराधी था तो अदालत से उसे सजा मिलनी चाहिए थी.
बिहार के भोजपुर में बीते 17 जून को 28 साल के भरत तिवारी का एनकाउंटर कर दिया गया. अब इस मामले में पुलिस वालों पर केस दर्ज हुआ है. इस एफआईआर के बाद भरत की मां का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि ये पहला पड़ाव है. उम्मीद है जो लोग दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी. वहीं आज भरत के गांव में महापंचायत होने जा रही है, जिसमें आसपास के लोग शामिल होंगे.
भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बढ़ते विवाद और जनदबाव के बीच सरकार को बड़ा एक्शन लेना पड़ा. भरत की मां की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने के एक दिन बाद जगदीशपुर के एसडीपीओ को हटा दिया गया. महापंचायत से पहले हुई इस कार्रवाई को पुलिस के बैकफुट पर आने के तौर पर देखा जा रहा है. अब पूरे मामले की न्यायिक जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं.
भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत से पहले प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए जगदीशपुर के एसडीपीओ को हटा दिया है. इससे एक दिन पहले भरत तिवारी की मां की शिकायत पर एसडीपीओ, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. मामले की न्यायिक जांच जारी है, जबकि स्थानीय लोग और कई जनप्रतिनिधि एनकाउंटर पर सवाल उठा रहे हैं.
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जेडीयू विधायक पप्पू पांडेय ने उनके गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि सरकार तक कई बार सही जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे गलतियां हो जाती हैं. विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही.