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Chandra Grahan 2026 In India: कल रक्षाबंधन पर लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें भारत में सूतक लगेगा या नहीं

aajtak.in | New Delhi | 27 अगस्त 2026, 4:56 PM IST

Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने वाला है. भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस ग्रहण की कुल अवधि करीब साढ़े पांच घंटे की रहेगी.

Chandra Grahan 2026 Chandra Grahan 2026

Chandra Grahan 2026: 28 अगस्त को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. संयोगवश इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जा रहा है. ऐसे में लोगों को चिंता सता रही है कि वह कब और कैसे रक्षाबंधन का त्योहार मनाएं. भारतीय समयानुसार, यह चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. इस ग्रहण की कुल अवधि करीब साढ़े पांच घंटे की रहेगी. हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा और न ही इसका सूतक काल यहां मान्य होगा. ऐसे में रक्षाबंधन पर इस ग्रहण कोई प्रभाव नहीं रहेगा. Aajtak.in पर पढ़ें इस चंद्र ग्रहण से जुड़ा हर महत्वपूर्ण अपडेट...

4:56 PM (एक मिनट पहले)

किस राशि नक्षत्र में लग रहा चंद्र ग्रहण?

Posted by :- Sumit kumar

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगने जा रहा है. कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं, जिस पर साढ़ेसाती का तीसरा चरण भी चल रहा है. जबकि शतभिषा नक्षत्र का स्वामी राहु को माना गया है. ऐसे में ज्योतिषविदों ने कुंभ राशि के जातक और शतभिषा नक्षत्र में पैदा हुए लोगों को थोड़ा सावधान रहने की सलाह दी है.

4:49 PM (7 मिनट पहले)

चंद्र ग्रहण के बीच किस मुहूर्त में बंधेगी राखी?

Posted by :- Sumit kumar

ज्योतिषाचार्य डॉ. पूजा भाटिया ने पंचांग देखकर बताया कि चंद्र ग्रहण के साए में मनाए जा रहे रक्षाबंधन पर सुबह के वक्त राखी बांधना बेहद शुभ रहेगा. बहनें सुबह 05.57 बजे से लेकर सुबह 09.48 बजे तक सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं. हालांकि उदया तिथि के कारण आप पूरे दिन राखी बांध सकते हैं. लेकिन सुबह का मुहूर्त सबसे शुभ रहेगा.

4:42 PM (14 मिनट पहले)

राखी पर चंद्र ग्रहण और पंचक का साया

Posted by :- Sumit kumar

इस साल रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण और पंचक लगने वाला है. पंचक 27 अगस्त से 1 सितंबर तक रहेगा. हालांकि गुरुवार से शुरू हो रहे इस पंचक को गुरु पंचक या सामान्य पंचक कहा जाता है. इस पंचक का त्योहार पर कोई बुरा असर नहीं होता है.

4:32 PM (25 मिनट पहले)

सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और भद्रा का संयोग

Posted by :- Sumit kumar

इस साल सावन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण के साथ-साथ भद्रा का संयोग भी रहने वाला है. हालांकि इस भद्रा काल का रक्षाबंधन पर कोई प्रभाव नहीं होगा. दरअसल, सावन पूर्णिमा 27 और 28 अगस्त दोनों दिन रहेगी. रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा. जबकि भद्रा 27 अगस्त को लगेगी. भद्रा 27 अगस्त को सुबह 08.31 बजे शुरू होगी और 27 अगस्त को रात 08.54 बजे समाप्त हो जाएगी. यानी रक्षाबंधन का त्योहार पूरी तरह भद्रा रहित रहेगा.

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4:15 PM (41 मिनट पहले)

क्या ये चंद्र ग्रहण खतरनाक है?

Posted by :- Sumit kumar

 

3:53 PM (एक घंटा पहले)

कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण?

Posted by :- Sumit kumar

28 अगस्त को लगने वाला चंद्र ग्रहण उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्सों में दिखाई देगा. इसके अलावा, प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से और अटलांटिक महासागर से भी इसे देखा जा सकेगा। वियना, पेरिस, रोम, बर्लिन, प्राग, ब्रुसेल्स, मैड्रिड, लंदन, रियो डी जेनेरियो, न्यूयॉर्क, जोहान्सबर्ग और ब्यूनस आयर्स जैसे शहरों में ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा.

3:52 PM (एक घंटा पहले)

क्या शुभ कार्य प्रभावित करेगा चंद्र ग्रहण?

Posted by :- Sumit kumar

ज्योतिषविदों का कहना है कि यह चंद्र ग्रहण जिस स्थान पर दिखाई देता है, उसका प्रभाव वहीं पड़ता है. चूंकि यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है. इसलिए यहां होने वाले शुभ कार्य, धार्मिक अनुष्ठान और त्योहार पर किए जाने वाले संस्कारोंं पर इसका कोई असर नहीं होगा.

3:49 PM (एक घंटा पहले)

क्या भारत में सूतक काल लगेगा?

Posted by :- Sumit kumar

नहीं, 28 अगस्त की सुबह लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है. इसलिए इसका सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा. चंद्र ग्रहण जब भारत में दिखाई देता है तो उसका सूतक काल यहां 9 घंटे पहले ही लागू हो जाता है.

3:47 PM (एक घंटा पहले)

चंद्र ग्रहण 2026

Posted by :- Sumit kumar

साल का यह आखिरी चंद्र ग्रहण सावन पूर्णिमा के संयोग में लग रहा है. इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके भाग्योदय की कामना करती हैं. बदले में भाई बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है.

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