800 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं. (Photo: PTI) नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से भारी तबाही देखने को मिली है. नेपाल में आए इस विनाशकारी फ्लैश फ्लड में करीब 157 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं. बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों का परिवहन और संपर्क ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क बाधित हो गया है.
इस घटना में 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और कई वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गए. नेपाल सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है. नेपाल में कई लोग अब भी लापता हैं. इनमें 139 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.
इस बीच, नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्रशासन अलर्ट पर है. गंडक, नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. यूपी के महाराजगंज और कुशीनगर समेत बिहार के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है.
गृह मंत्रालय समेत कई केंद्रीय मंत्रालय लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. बिहार के 6 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
वहीं, पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कुल 384 पर्यटक भी संपर्कविहीन बताए जा रहे हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड ने एक बयान जारी करते हुए बताया है कि लापता पर्यटकों में 139 भारतीय पर्यटक शामिल हैं. इसके अलावा, 37 भारतीय मूल के एनआरआई पर्यटक भी लापता बताए गए हैं. (Input: Pankaj Das)
नेपाल में रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में आई भीषण बाढ़ से तबाही का सिलसिला जारी है. बुधवार रात 11:30 बजे तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 157 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं.
मरने वालों के शव नेपाल के चीन से लगे सीमावर्ती जिलों से लेकर भारतीय सीमा से सटे इलाकों तक में पाए गए हैं. सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, सबसे अधिक प्रभावित रसुवा जिले में सिर्फ 3 शव बरामद हुए हैं, जबकि भारतीय सीमा से सटे चितवन की नारायणी नदी से 64 शव बरामद किए गए हैं. वहीं, एक और सीमावर्ती जिले नवलपरासी में 22 शव मिले हैं. इसके अलावा गोरखा जिले से 19, धादिंग जिले से 27, नुवाकोट से 11 और तनहु से 9 शव अब तक बरामद किए जा चुके हैं.
सरकारी विवरण के मुताबिक, अब तक 245 स्थानीय लोगों के संपर्कविहीन होने की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन कार्यालय से प्राप्त हुई है. इसके अलावा नेपाल पुलिस के 26 जवान, नेपाली सेना के 22 जवान और सशस्त्र प्रहरी बल के 13 जवान लापता बताए गए हैं. (Input: Pankaj Das)
नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने जानकारी दी है कि रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित घायल और असहाय नागरिकों को गुरुवार सुबह से नेपाल सेना और निजी हेलीकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा.
नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की हाल ही में बैठक में यह फैसला लिया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को बचाकर प्राथमिक उपचार के लिए रसुवा के धुंचे व नुवाकोट के विदुर स्थित नेपाल सेना के बैरकों में कैंप स्थापित किए जाएंगे. गंभीर रूप से घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर काठमांडू लाने की तैयारियां जारी हैं. घायलों की स्थिति की गंभीरता के आधार पर उन्हें प्राथमिकता देते हुए बचाव कार्य और इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. (Input: Pranay)
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस त्रासदी में अब तक 157 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 75 घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. आपदा की वजह से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.
नेपाल के 45 स्थानीय निवासी संपर्कविहीन बताए जा रहे हैं, जबकि सुरक्षा बलों के 61 जवान (नेपाल पुलिस के 26, नेपाली सेना के 22 और सशस्त्र प्रहरी बल के 13 जवान) भी लापता हैं. वहीं, 384 पर्यटक (139 भारतीय) भी लापता बताए जा रहे हैं. (Input: Pankaj Das)