ओडिशा (Odisha) लोकप्रिय रूप से भगवान जगन्नाथ की भूमि के रूप में जाना जाता है. यह क्षेत्रफल के मामले में भारत का दसवां सबसे बड़ा राज्य है और पूर्वोत्तर भारतीय प्रायद्वीप में स्थित है (Odisha Location).
1949 तक ओडिशा की राजधानी कटक थी और कुछ साल बाद भुवनेश्वर को राज्य की राजधानी बनाया गया. 2011 में, राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर उड़ीसा से बदलकर ओडिशा कर दिया गया था. पूर्व में कलिंग के रूप में जाना जाता था, राज्य की बंगाल की खाड़ी के साथ 485 किलोमीटर की तटरेखा है (Odisha State).
ओडिया इसकी आधिकारिक भाषा है (Language). राज्य का गठन 1 अप्रैल 1936 को हुआ था, जिसमें बिहार और उड़ीसा प्रांत के ओडिया भाषी जिले शामिल थे और हर साल इस दिन को उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है (Utkala Dibasa in Odisha).
आदिवासी ओडिशा की आबादी का दो-पांचवां हिस्सा हैं और राज्य समृद्ध खनिज संसाधनों की किस्मों से संपन्न है और हाल के वर्षों में औद्योगीकरण में सुधारों ने इसे औद्योगिक विकास के लिए एक उपरिकेंद्र के रूप में बनाया है. पुरी के समुद्र तट, भगवान जगन्नाथ मंदिर, लिंगराज मंदिर, सूर्य मंदिर, चिल्का झील, सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान, हीराकुंड बांध और अन्य इसे एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनाते हैं. ओडिशा अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, मंदिर वास्तुकला, सांस्कृतिक विरासत, शास्त्रीय नृत्य, आदिवासी लोगों और त्योहारों के लिए जाना जाता है (Odisha Tourist Places).
ओडिशा में बड़ा हादसा उस समय हो गया जब ट्रेन पटरी से उतर गई.
बालांगीर जिले के तुरेकेला पुलिस थाना क्षेत्र में कक्षा 9 की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर छह नाबालिग लड़कों ने सामूहिक बलात्कार किया. पोल तब खुली जब आरोपियों ने खुद अपने कृत्या का वीडियो बनाकर सर्कुलेट कर दिया.
ओडिशा के बालासोर जिले के रेमुना इलाके से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें खगा नाम का युवक जिंदा किंग कोबरा के साथ बेहद खतरनाक करतब करता दिख रहा है. युवक ने सांप को हाथों से पकड़ा और मुंह से उठाया. वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे जानलेवा और वन्यजीवों के प्रति क्रूरता बता रहे हैं.
ओडिशा के बालासोर जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक युवक खुलेआम मौत को चुनौती देता नजर आ रहा है. वीडियो में खगा नाम का युवक भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिने जाने वाले किंग कोबरा के साथ खतरनाक स्टंट करता दिख रहा है.
सोशल मीडिया पर निवेश का झांसा देकर एक कारोबारी के साथ 6.16 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया गया. इसके बाद ओडिशा क्राइम ब्रांच ने आंध्र प्रदेश से मुख्य आरोपी समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह खबर सभी के लिए एक सबक बन सकती है. पढ़ें पूरी कहानी.
सरकार ने हाल ही में अपने बजट में यह घोषणा की है कि वह भारत के चार राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में एक विशेष Rare Earth कॉरिडोर विकसित करेगी. यह कॉरिडोर देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इसके माध्यम से Rare Earth तत्वों का उत्पादन और सप्लाई बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. Rare Earth धातुएं आधुनिक तकनीक और उद्योगों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. इस कॉरिडोर के बनने से भारत की आर्थिक प्रगति और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा. यह पहल भारत के खनिज संसाधनों के विकास के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना से संबंधित और जानकारी का भविष्य में खुलासा किया जाएगा.
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन, FRRO, पुलिस, IB और BSF के संयुक्त अभियान में तीन अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया है. प्रशासन ने बताया कि ये लोग दशकों से स्थानीय लोगों के बीच रह रहे थे. प्रशासन ने घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की और विदेशी नागरिकों की पहचान की. डिपोर्टेशन प्रक्रिया के तहत तीनों को जेल में रखा गया, स्वास्थ्य जांच कराई गई और बीएसएफ के माध्यम से बांग्लादेश सरकार को सौंपा गया.
ओडिशा पुलिस फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश में जुट गई है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा लापरवाही से हुआ या इसके पीछे कोई और वजह थी.
ओडिशा के नबरंगपुर जिले के कपेना गांव में ईसाई समुदाय को प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोका गया. लगभग 30 ईसाई परिवारों की सभा में ग्रामीणों ने बाधा डाली और धर्म त्यागने की धमकी दी. पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है.
ओडिशा के पुरी में घना कोहरा छाया हुआ है.
मोबाइल की घंटी, लगातार आती नोटिफिकेशन और शहरी शोर से अगर आप भी थक चुके हैं, तो भारत में आज भी कुछ ऐसी जगहें मौजूद हैं जहां सुकून है, यहां फोन साइलेंट और मन खुद-ब-खुद हल्का हो जाता है.
भद्रक जिले में कंगारू कोर्ट और भीड़ के न्याय का एक गंभीर मामला सामने आया है. बेटी की सार्वजनिक पिटाई और अपमान से आहत बुजुर्ग लम्बोदर तराई ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच जारी है.
ओडिशा के भद्रक जिले से भीड़ के न्याय और तथाकथित कंगारू कोर्ट का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक बुजुर्ग ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली. आरोप है कि गांव की भीड़ ने उसकी बेटी को न सिर्फ पीटा बल्कि पूरे गांव और बाजार में घुमाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया. इस घटना से आहत होकर बुजुर्ग ने यह कदम उठाया.
ओडिशा के जगतसिंहपुर में गणतंत्र दिवस के बाद राष्ट्रीय ध्वज उतारते समय करंट लगने से कक्षा 10 के छात्र ओम प्रकाश द्विवेदी की मौत हो गई. लोहे का पाइप 11 केवी बिजली लाइन से टकरा गया था. पुलिस ने कोचिंग सेंटर संचालक को हिरासत में लेकर सुरक्षा लापरवाही की जांच शुरू कर दी है.
ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में गणतंत्र दिवस के दौरान एक निजी कोचिंग सेंटर में बड़ा हादसा हो गया. राष्ट्रीय ध्वज उतारते समय लोहे की पाइप बिजली के तार से छू गई, जिससे कक्षा 10 के छात्र को करंट लग गया और उसकी मौत हो गई. पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है.
ओडिशा के केओंझार जिले के आनंदपुर इलाके में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई. मृतकों में पति-पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी शामिल हैं. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिए हैं. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है.
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर देश भर में लोग जश्न में डूबे है. इस मौके पर ओडिशा के सीएम मोहन तरण माझी एक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और गणतंत्र दिवस मनाया.
ओडिशा बीजेपी अध्यक्ष मनमोहन सामल ने इशारा किया था कि राज्य में पंचायत चुनाव छह महीने पहले कराए जा सकते हैं. बीजेपी नेता के इस दावे पर ओडिशा में सियासी पारा गरम हो गया था.
ओडिशा के खुर्दा जिले में रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज की छत पर एक युवक के चढ़ जाने से यात्रियों और स्थानीय लोगों में भय फैल गया. इस घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और प्रशासन वहां पहुंचे. करीब चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, जिसमें युवक को नीचे उतारने की कोशिश की गई. मेहनत और समझाने के बाद वह सुरक्षित नीचे उतारा गया.
जब जेब में पैसे न हों, शरीर जवाब देने लगे और जिंदगी हर कदम पर इम्तिहान ले, तब अक्सर इंसान टूट जाता है. लेकिन ओडिशा की सड़कों पर एक 75 साल के बुजुर्ग ने साबित कर दिया कि प्यार और जिम्मेदारी उम्र या हालात के मोहताज नहीं होते. बुजुर्ग ने लकवाग्रस्त पत्नी को इलाज के लिए ठेले पर लिटाकर 300 किलोमीटर का सफर तय कर डाला.
ओडिशा की सड़कों पर एक बुजुर्ग ने इंसानियत, प्रेम और जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. 75 साल के बाबू लोहार ने लकवाग्रस्त पत्नी ज्योति लोहार के इलाज के लिए आर्थिक तंगी के बावजूद हार नहीं मानी. पत्नी चलने फिरने में असमर्थ थीं और एंबुलेंस का खर्च उठाने के लिए पैसे नहीं थे.