राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियारों और संदिग्ध विस्फोटक सामग्री को बरामद करने के बाद नष्ट कर दिया गया. जयपुर से आए बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित अभियान चलाकर संदिग्ध RDX और डेटोनेटर को नष्ट किया. इस दौरान तेज धमाके हुए, मिट्टी हवा में उछली और मौके पर करीब पांच फुट गहरा गड्ढा बन गया. कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली.
जानकारी के मुताबिक, यह खेप श्रीगंगानगर जिले के रावला इलाके में बरामद हुई थी. खुफिया जानकारी मिली थी कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप पहुंचाई गई है. इसके बाद एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सीमा सुरक्षा बल ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान डब्ल्यू-टेल इलाके के आसपास 4 KNM के पास तीन पैकेट मिले.
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हथियार, कारतूस और विस्फोटक बरामद
बरामद सामान में दो पिस्तौल, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस और लगभग सात किलोग्राम संदिग्ध विस्फोटक सामग्री शामिल है. पैकेटों से चार जोड़ी पेंसिल सेल और दो रिमोट कंट्रोल भी मिले. विस्फोटक सामग्री को दो चरणों में नष्ट किया गया. पूरी कार्रवाई बम निरोधक दस्ते की निगरानी में की गई.
पंजाब के दो संदिग्ध गिरफ्तार
इस मामले में पंजाब के फिरोजपुर जिले के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सीमा सुरक्षा बल की 140वीं बटालियन, बीएसएफ की जी ब्रांच की खुफिया इकाई और बीकानेर रेंज की टीमें शामिल रहीं.
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एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के महानिरीक्षक विकास कुमार की टीम ने संदिग्ध हथियार और विस्फोटक सप्लाई का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई. ऑपरेशन के दौरान सीआईडी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीक्षा कामरा ने भी मौके का निरीक्षण किया.
बरामदगी के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है. जांच एजेंसियां अब इस खेप से जुड़े लोगों, हथियारों और विस्फोटक सामग्री को पहुंचाए जाने के संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हैं.