घर की बालकनी में खड़े होकर बाहर का नजारा देखना हो या सीढ़ियों से ऊपर-नीचे जाना, हम रोज इनका इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि आपकी बालकनी या सीढ़ियों के किनारे से सीमेंट झड़ रहा है? कहीं कंक्रीट टूटने से लोहे के सरिए तो बाहर नहीं निकल आए हैं? अगर ऐसा हो रहा है, तो इसे सिर्फ घर की सुंदरता खराब होने की समस्या समझकर नजरअंदाज न करें.
दरअसल, घर बनाते समय छत, बालकनी और सीढ़ियों जैसी कई जगहों पर लोहे के सरियों और कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है. ये दोनों मिलकर ढांचे को मजबूती देते हैं. लेकिन जब कंक्रीट में दरारें आने लगती हैं और पानी अंदर पहुंचता है, तो लोहे में जंग लग सकती है. धीरे-धीरे जंग बढ़ने से आसपास का सीमेंट भी टूटकर झड़ सकता है. ऐसी स्थिति में यह पता लगाना जरूरी है कि नुकसान सिर्फ ऊपरी सतह तक है या घर के ढांचे पर भी असर पड़ रहा है.
सरियों पर जंग दिखना कितना खतरनाक है?
अगर बालकनी या सीढ़ियों के नीचे लोहे का सरिया दिखाई देने लगा है और उस पर लाल-भूरे रंग की परत जमी है, तो यह जंग का संकेत हो सकता है. कई बार पहले कंक्रीट की सतह पर जंग जैसे निशान दिखते हैं. बाद में सीमेंट की परत टूटने लगती है और सरिया बाहर निकल आता है. हर जगह जंग दिखने का मतलब यह नहीं है कि पूरा घर कमजोर हो गया है. खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि जंग कितनी फैली है, सरिया कितना खराब हुआ है और ढांचे के किस हिस्से में नुकसान हुआ है. लेकिन अगर बालकनी की स्लैब या सीढ़ियों के मुख्य हिस्से में सरिया खुल गया है, तो इसकी जांच जल्द करानी चाहिए.
सीमेंट झड़ रहा है या बड़े टुकड़े गिर रहे हैं?
बालकनी या सीढ़ियों के किनारे से सीमेंट का थोड़ा-सा पाउडर निकलना और कंक्रीट के बड़े टुकड़े टूटकर गिरना एक जैसी बात नहीं है. अगर कंक्रीट की मोटी परत उखड़ रही है, अंदर का लोहा बाहर आ गया है या नुकसान लगातार बढ़ रहा है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. जंग लगने पर लोहे का आकार बढ़ सकता है, जिससे उसके आसपास का कंक्रीट टूटने लगता है. इससे नुकसान और बढ़ सकता है. ऐसी जगह पर खुद हथौड़े से कंक्रीट तोड़कर देखने की कोशिश न करें. अगर ऊपर से टुकड़े गिर रहे हैं, तो उस हिस्से के नीचे लोगों को खड़े न होने दें और विशेषज्ञ से जांच कराएं.
बालकनी में दरारें दिखे तो क्या करें?
बालकनी की दीवार, फर्श या नीचे की तरफ दरार दिखाई देने पर उनकी जगह और आकार पर ध्यान देना जरूरी है. खासकर अगर दरारों के साथ जंग के निशान, सीमेंट का उखड़ना या सरिया बाहर निकलना भी दिखे, तो जांच में देरी नहीं करनी चाहिए. अगर बालकनी पहले के मुकाबले झुकी हुई लगे, उस पर चलने से असामान्य कंपन महसूस हो या उसके किनारे का हिस्सा अलग होता दिखे, तो खतरे को हल्के में न लें. ऐसी स्थिति में बालकनी का इस्तेमाल रोककर स्ट्रक्चरल इंजीनियर से जांच कराना बेहतर है.
सीढ़ियों में इन संकेतों पर भी दें ध्यान
सीढ़ियों के किनारों या नीचे की तरफ कंक्रीट टूटना, लोहे पर जंग दिखना और दरारों का लगातार बढ़ना मरम्मत की जरूरत का संकेत हो सकता है. अगर सीढ़ी का कोई हिस्सा ढीला लग रहा है, कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं या लोहे की रेलिंग अपनी जगह से हिल रही है, तो वहां सावधानी बरतें. रेलिंग के ढीले होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि सीढ़ियां कमजोर हैं, लेकिन इससे गिरने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए रेलिंग और सीढ़ियों की स्थिति अलग-अलग जांचना जरूरी है
सरियों पर पेंट या सीमेंट लगा देना सही है?
सरियों पर जंग दिखने के बाद कई लोग उस जगह पर नया सीमेंट लगवा देते हैं या पेंट करके ढक देते हैं. इससे बाहर से जगह ठीक दिख सकती है, लेकिन अंदर जंग लगने की वजह बनी रहे तो समस्या दोबारा सामने आ सकती है. सही मरम्मत के लिए पहले यह पता लगाना जरूरी है कि कंक्रीट क्यों टूटा, पानी कहां से पहुंच रहा है और सरिये को कितना नुकसान हुआ है. इसके बाद नुकसान के हिसाब से जंग साफ करने, सरिये पर सुरक्षा की परत लगाने और सही मरम्मत सामग्री से कंक्रीट की परत दोबारा बनाने जैसे काम किए जा सकते हैं. ऐसी स्थिति में आपको किसी एक्सपर्ट की मदद लेनी चाहिए.
ध्यान रहे, अगर सरिया काफी हद तक गल चुका है या बालकनी और सीढ़ियों के ढांचे को नुकसान पहुंचा है, तो सिर्फ ऊपर से सीमेंट लगाने से काम नहीं चलेगा. ऐसे मामलों में स्ट्रक्चरल इंजीनियर की जांच जरूरी है.
घर को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
पानी जमा न होने दें- बालकनी में पानी रुकता है, तो निकासी की व्यवस्था ठीक रखें.
सीलन की वजह पता करें- छत या बालकनी में पानी रिस रहा है, तो सिर्फ पेंट कराने के बजाय रिसाव की समस्या दूर कराएं.
दरारों पर नजर रखें- दरारें बढ़ रही हैं या उनके साथ सीमेंट झड़ रहा है, तो विशेषज्ञ को दिखाएं.
टूटे हिस्से के नीचे न खड़े हों- कंक्रीट के टुकड़े गिरने का खतरा हो, तो उस जगह को खाली रखें.
समय पर जांच कराएं- सरिया खुलने, गहरी दरारें दिखने या बालकनी झुकने पर स्ट्रक्चरल इंजीनियर से संपर्क करें.