नॉलेज
नॉलेज यानी ज्ञान (Knowledge) को तथ्यों के बारे में जागरूकता या व्यावहारिक कौशल के रूप में परिभाषित किया जा सकता है. तथ्यों का ज्ञान को अक्सर औचित्य के आधार पर राय या अनुमान से अलग मापा जाता है. जबकि दार्शनिकों के बीच व्यापक सहमति है कि यह सच्चे अनुभूति और समझ का एक रूप है.
ज्ञान का उत्पादन कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है. सबसे महत्वपूर्ण स्रोत धारणा है, जो पांच इंद्रियों के उपयोग को संदर्भित करता है (Five Sense Organs). कई सिद्धांतकारों ने आत्मनिरीक्षण को ज्ञान के स्रोत के रूप में भी शामिल किया है. बाहरी भौतिक वस्तुओं का नहीं, बल्कि स्वयं की मानसिक अवस्थाओं का. अक्सर चर्चा किए गए अन्य स्रोतों में स्मृति, तर्कसंगत अंतर्ज्ञान और अनुमान शामिल हैं (Internal Knowledge).
ज्ञान के स्रोत, ऐसे तरीके हैं जिनसे लोगों को चीजों का पता चलता है. अकादमिक साहित्य में ज्ञान के विभिन्न स्रोतों पर मानसिक संकायों के संदर्भ में चर्चा की जाती है. उनमें धारणा, आत्मनिरीक्षण, स्मृति और अनुमान शामिल हैं. हालांकि, हर कोई इस बात से सहमत नहीं है कि वे सभी वास्तव में ज्ञान की ओर ले जाते हैं. आमतौर पर, धारणा या अवलोकन, यानी पांच इंद्रियों में से एक का उपयोग करना, सबसे महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में माना जाता है. किताबी ज्ञान या व्यवहारिक ज्ञान इंसान के लिए आवश्यक है. कई बार किताब से ज्ञान प्राप्त करते है लेकिन ज्ञानी नहीं हो पाते हैं (Achievement of Knowledge).
रक्षाबंधन 2026 कब मनाया जाएगा? जानें 27 या 28 अगस्त में सही तारीख, भद्रा काल रहेगा या नहीं, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और सावन पूर्णिमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, रक्षाबंधन की परंपरा महाभारत काल से जुड़ी है, जब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की घायल उंगली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बांधा था. तभी से ये पर्व रक्षा, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है.
समुद्र में ऑक्टोपस के इंसान से चिपकने का वीडियो वायरल है. जानिए ऑक्टोपस की पकड़ इतनी मजबूत क्यों होती है, वह इंसानों से क्यों चिपकता है और ऐसी स्थिति में एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं. दुनिया में ऑक्टोपस की 300 से ज़्यादा प्रजातियां हैं. ये अपनी बुद्धिमत्ता, रंग बदलने की क्षमता और खतरे के समय स्याही छोड़कर बच निकलने की खासियत के लिए जाना जाता है.
अगर आपने ट्रेन का कंफर्म टिकट बुक कराया है, तो सिर्फ टिकट होना ही काफी नहीं है. भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक यदि यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ता और अगले दो स्टेशनों तक भी यात्रा शुरू नहीं करता, तो टीटीई उसकी सीट किसी दूसरे पात्र यात्री को आवंटित कर सकता है.
फ्लाइट में सफर करने वाले ज्यादातर लोग सीट, खिड़की या टॉयलेट को सबसे गंदा मानते हैं. लेकिन एक एयर होस्टेस का कहना है कि प्लेन की सबसे गंदी जगह कुछ और ही है, जिसे लगभग हर यात्री छूता है.
सदियों से फाउंटेन ऑफ यूथ एक रहस्य बना हुआ है. इस जादुई झरने को लेकर दुनिया के अलग- अलग जगहों पर कई कहानियां कही-सुनी जाती है. ऐसे में आज जानते हैं आखिर इस झरने से जुड़ी कैसी- कैसी कहानियां प्रचलित हैं और क्या इसके पीछे कोई सच्चाई भी है.
आज के आधुनिक समय में बिजली का इस्तेमाल इस हद तक हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में घुस चुका है कि खाना बनाने से लेकर कपड़ा धोने और वाहन तक, सबकुछ बिजली पर निर्भर हो गए हैं.
घर बनवाने से पहले मिट्टी की जांच कराना बेहद जरूरी होता है. इससे पता चलता है कि जमीन घर का वजन उठाने लायक है या नहीं. इसी रिपोर्ट के आधार पर इंजीनियर नींव की गहराई और डिजाइन तय करते हैं. मिट्टी की जांच कराने से भविष्य में घर में दरार, धंसने जैसी समस्याओं और लाखों रुपये के नुकसान से बचा जा सकता है.
इटालियन मार्बल अक्सर सबसे अच्छा विकल्प होता है.अपनी असाधारण सुंदरता और श्रेष्ठ गुणवत्ता के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इटालियन मार्बल, किसी भी स्थान को भव्यता और आलीशान लुक प्रदान करता है. प्राचीन समय से ही इटालियन मार्बल वास्तुकारों और मूर्तिकारों की पहली पंसद रही है. ऐसे में समझते हैं कि क्यों आज भी सबसे ज्यादा इसी की डिमांड रहती है, फिर भी यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है.
अक्सर मन में ये सवाल उठता है कि जब हमें ट्रेन में RAC बुकिंग मिलती है, जिसमें सिर्फ बैठने की जगह मिल पाती है, फिर किराया फुल स्लीपर या एसी स्लीपर वाला क्यों लिया जाता है? चलिए जानते हैं क्या है ये व्यवस्था?
रेलवे कर्मचारियों को वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में पास के जरिए यात्रा की सुविधा मिलती है. लेकिन यह सुविधा सभी ट्रेनों में नहीं है. संसद में सरकार ने बताया कि किन ट्रेनों में फ्री यात्रा संभव है और किनमें टिकट खरीदना अनिवार्य है.
हाईवे पर चलते ट्रकों के टायर के पास अक्सर रबर की ट्यूब या पट्टी लटकती दिखाई देती है. ज्यादातर लोग इसे सजावट या बेकार रबर समझते हैं, लेकिन इसके पीछे कई कारण हैं. चलिए जानते हैं.
मनोविज्ञान और रिसर्च के मुताबिक, अच्छी ड्रेसिंग आत्मविश्वास बढ़ाने, बेहतर प्रदर्शन करने और अपनी पहचान जाहिर करने का तरीका भी हो सकती है. जानिए 'Enclothed Cognition' क्या है और साइकोलॉजी इस आदत के बारे में क्या कहती है.
शराब दुकान को लेकर ये आम धारणा है कि इसके दुकानदार की बंपर कमाई होती होगी. लेकिन, असलियत कुछ और होती है. क्योंकि, शराब की दुकान का आवंटन सरकार करती है. साथ ही सभी तरह की शराब पर मुनाफे और मार्जिन का एक रेट भी तय होता है. चलिए जानते हैं क्या है शराब दुकान की कमाई का गणित?
ट्रेन के डिब्बों में कहीं भी पानी की टंकी नहीं दिखती है. यह हमेशा चलती रहती है, फिर इसके टॉयलेट और वॉश बेसिन में लगे नलों में पानी कहां से आती है? ट्रेन में पानी की टंकी कहां लगी रहती है?
आनंद विहार में टर्मिनल और मुंबई के छत्रपति शिवाजी में टर्मिनस लिखा होने के पीछे रेलवे के अलग-अलग कारण हैं. टर्मिनस रेलवे लाइन का आखिरी स्टेशन होता है, जबकि टर्मिनल ऐसा बड़ा स्टेशन होता है जहां से बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाता है.
भारत की सबसे गहरी नदी ब्रह्मपुत्र है, जिसकी अधिकतम गहराई करीब 380 फीट तक बताई जाती है. यह नदी तिब्बत से निकलकर अरुणाचल प्रदेश, असम और बांग्लादेश से होकर गुजरती है. इसके रास्ते में दुनिया की सबसे गहरी नदी घाटियों में से एक यारलुंग त्सांगपो ग्रैंड कैन्यन भी मौजूद है.
आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 बिल्डिंग्स पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है. जानते हैं यूनविर्सिटी का कितना बड़ा कैंपस है...
अमेरिका के केंटकी में अप्पालाचियन पहाड़ों के पास ट्रबलसम क्रीक इलाके में नीले रंग के लोग पाए जाते थे. उस दूर- दराज इलाके में फैले सभी परिवार शायद एक ही कुल के थे और एक दूसरे के दूर के रिश्तेदार थे. कुछ सदी तक इन परिवारों में जन्म लेने वाले लोगों का रंग नीला होता था. यहां अंतिम ब्लू शख्स का जन्म 1975 में हुआ था.
चीन के 23 वर्षीय युवक का सिर एक दुर्लभ बीमारी कटिस वर्टिसिस जाइराटा (CVG) की वजह से इंसानी दिमाग जैसा दिखने लगा. इस बीमारी में सिर की त्वचा असामान्य रूप से मोटी होकर गहरी सिलवटों में बदल जाती है. लंबे इलाज और दो चरणों में हुई सर्जरी के बाद युवक का सिर सामान्य हो गया.
थाईलैंड घूमकर लौटने वाले लोगों के बैग में एक चीज अक्सर जरूर मिलती है-हर्बल बाम. आखिर इसमें ऐसा क्या है कि लाखों पर्यटक इसे खरीदे बिना वापस नहीं लौटते? इसके पीछे की वजह काफी दिलचस्प है.
हवाई जहाज की खिड़की में बना छोटा-सा छेद कोई साधारण डिजाइन नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया महत्वपूर्ण फीचर है. इसे 'ब्लीड होल' कहा जाता है, जो खिड़की की परतों के बीच हवा के दबाव को बैलेंस रखता है, नमी और धुंध बनने से रोकता है और खिड़की को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है.