झारखंड के बीजेपी नेता ब्रजमोहन राम को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया है. ब्रजमोहन राम की कहानी एक साधारण बीजेपी कार्यकर्ता के शिखर पर पहुंचने की है. राज्यपाल नियुक्त होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रजमोहन राम से बात करना चाह रहे थे. ब्रजमोहन राम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से बार बार फोन आ रहा था, लेकिन वे प्राइवेट नंबर देखकर फोन ही नहीं उठा रहे थे. आखिरकार जब ब्रजमोहन राम ने फोन उठाया तो पीएम मोदी ने उन्हें जोहार कहा.
ब्रजमोहन राम ने यूट्यूब चैनल 'द फॉलोअप' से बात करते हुए पीएम के फोन कॉल की पूरी कहानी बताई है.
PM साहब आपसे बात करेंगे
ब्रजमोहन राम ने कहा, "दरअसल फोन प्राइवेट नंबर से आ रहा था. हम सोचे कि प्राइवेट नंबर है, कोई पार्टी का होगा, किसका होगा, क्या होगा? छोड़ो... नहीं उठा रहे थे. लेकिन बार बार फोन आ रहा था. तो फिर उन लोग दूसरा नंबर से किया. कोई जोशी जी हैं, पूरा नाम याद नहीं, वो बोले कि सर PM साहब आपसे बात करेंगे, हम पीएमओ से बोल रहे हैं. हम बोले बात कराइए, तो उन्होंने कहा कि मैं इस नंबर को काट रहा हूं, वो दूसरा नंबर से कॉल करेंगे."
इसके बाद उन्होंने कहा कि फिर प्राइवेट नंबर से फोन आया और मोदी जी से बात हुई. फिर अमित शाह से बात हुई.
ब्रजमोहन राम से पूछा गया कि PM मोदी का पहला शब्द क्या था. तो उन्होंने कहा- जोहार.
उसके बाद हाल-चाल पूछे. संगठन में क्या जिम्मेदारी है? ब्रजमोहन राम ने कहा कि जब मैं मोदी जी को अपनी जिम्मेदारी बताने लगा तो उन्होंने कहा कि मुझे सब मालूम है.
पीएम मोदी ने ब्रजमोहन राम से कहा कि आपको सरकार में जिम्मेदारी दी जा रही है, दो चार दिन में आपको फोन आएगा. लेकिन जबतक कॉल नहीं आता है, तब तक इसे गुप्त रखना है.
अमित शाह से हुई बातचीत का हवाला देते हुए ब्रजमोहन राम ने कहा कि गृह मंत्री ने उनसे कहा कि आपके नाम से नोटिफिकेशन होने जा रहा है गवर्नरशिप के लिए.
22 वर्ष से नहीं मिला है टिकट
ब्रजमोहन राम ने 1996, 1998 और 1999 में पलामू लोकसभा सीट से जीत दर्ज की है. वह 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा के सदस्य रहे. पलामू अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित लोकसभा क्षेत्र है.
2004 के चुनाव में उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला था. इसके बाद उनका नंबर कटता ही गया. ब्रज मोहन राम 22 साल तक इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला.
ब्रजमोहन राम ने कहा कि वे धैर्य से काम करते रहे. हाल के विधानसभा चुनाव में ब्रजमोहन राम को पार्टी ने बंगाल चुनाव में प्रचार के लिए भेजा था.
ब्रजमोहन राम ने PTI से बात करते हुए कहा, "पार्टी ने मुझ जैसे आम कार्यकर्ता को पहचाना है. उसने हमारी कड़ी मेहनत और संगठन के भीतर हमारी लगातार कोशिशों को माना है. टिकट न मिलने के बाद भी, हम ईमानदारी और सक्रियता से पार्टी के लिए काम करते रहे. आजकल, लोग अक्सर टिकट न मिलने पर उसी शाम किसी दूसरी या तीसरी पार्टी में चले जाते हैं. लेकिन मुझे तीन बार टिकट नहीं मिला, और फिर भी, मैं पार्टी के साथ बना रहा और यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि बीजेपी उम्मीदवार जीते. वह उम्मीदवार बार-बार चुनाव जीतता रहा."
ब्रजमोहन राम ने कहा कि मुझे बहुत उम्मीद थी कि पार्टी निश्चित रूप से मेरे बारे में कुछ सोचेगी. माता रानी की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के आशीर्वाद से, अब मुझे यह उचित संवैधानिक पद दिया गया है.