scorecardresearch
 

'सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन के लिए देश से मांगें माफी', दलित वकीलों के संगठन ने राहुल गांधी को घेरा

SC और सभी हाई कोर्ट परिसरों में राजनीतिक प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर कल को सुनवाई होगी. याचिका में रैली, धरना, नारेबाजी, झंडे-बैनर और राजनीतिक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है. यह याचिका राहुल और विपक्षी नेताओं के चुनाव आयोग, SIR से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च के बाद दाखिल की गई थी.

Advertisement
X
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च पर दलित वकीलों के संगठन ने घेरा है. (File Photo-PTI)
राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च पर दलित वकीलों के संगठन ने घेरा है. (File Photo-PTI)

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है. एक ओर, कोर्ट परिसरों में राजनीतिक जुलूस, धरना और नारेबाजी पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.

वहीं दूसरी ओर, डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस यानी दस्तक संगठन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुला पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं. संगठन ने राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है.

राहुल गांधी को पत्र लिखकर दस्तक संगठन ने जताई नाराजगी

दस्तक संगठन ने 13 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के नाम यह लेटर जारी किया. इसमें संगठन ने आरोप लगाया कि 12 अक्टूबर को राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेताओं ने निर्वाचन आयोग और SIR से जुड़े मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाला. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के कोर्ट परिसर में पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था और कोर्ट की गरिमा प्रभावित हुई.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या है विपक्ष का लॉन्ग टर्म प्लान... राहुल गांधी की हाई-टी में हुई चर्चा

संगठन का कहना है कि राजनीतिक विरोध के लिए देश की सबसे बड़ी अदालत की मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है. पत्र में इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया है. संगठन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाली महत्वपूर्ण संस्था है. इसलिए राजनीतिक विरोध के दौरान उसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए.

वोट चोरी, SIR के मुद्दे पर भी उठाए सवाल

दस्तक ने अपने लेटर में राहुल गांधी के EC और CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया है. संगठन ने वोट चोरी के आरोपों और वोटर लिस्टर के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के विरोध पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के इन कदमों से संवैधानिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है.

पत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात, विदेश में भारतीय लोकतंत्र को लेकर राहुल गांधी के बयानों और विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र है. संगठन ने इन घटनाओं को लेकर राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है.

यह भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या है विपक्ष का लॉन्ग टर्म प्लान... राहुल गांधी की हाई-टी में हुई चर्चा

Advertisement

कोर्ट परिसरों में राजनीतिक प्रदर्शन पर रोक की मांग

इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट और सभी हाई कोर्ट परिसरों में राजनीतिक प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर कल गुरुवार को सुनवाई होगी. यह याचिका राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के निर्वाचन आयोग और SIR से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च के बाद दाखिल की गई थी.

याचिका में अदालत परिसरों के अंदर राजनीतिक जुलूस, धरना, नारेबाजी और झंडे-बैनर दिखाने पर रोक लगाने की मांग की गई है. इसके अलावा, अदालत परिसर में राजनीतिक प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी प्रतिबंध लगाने की अपील की गई है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि न्यायिक कामकाज में बाधा डालने वाले नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए.

इस याचिका पर जल्द सुनवाई कराने के लिए बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने चीफ जस्टिस की कोर्ट के सामने खास अपील की है. अब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई करेगा. इस मामले में अदालत का रुख अहम होगा, क्योंकि याचिका में कोर्ट परिसरों के अंदर राजनीतिक गतिविधियों पर व्यापक रोक लगाने की मांग की गई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement