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फैक्ट चेक: सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले का असली वीडियो नहीं है ये

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये हूती हमले के वक्त का ही वीडियो है. वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने के क्षणों का नया वीडियो फुटेज सामने आया है.”

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये उस वक्त का वीडियो है जब हूती के मिसाइल हमले में सऊदी अरब के एक एयरपोर्ट पर विमान नष्ट हो गया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो असली नहीं है. इसे 2016 की एक तस्वीर का इस्तेमाल करके AI के जरिये बनाया गया है.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर 8 अक्टूबर को यमन के चरमपंथी संगठन हूती ने मिसाइल हमला किया, जिसमें वहां मौजूद एक विमान नष्ट हो गया.  इस हमले के बाद से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि ये हूती हमले के वक्त का ही वीडियो है.

वीडियो को फेसबुक पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाए जाने के क्षणों का नया वीडियो फुटेज सामने आया है.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वायरल वीडियो असली नहीं, बल्कि 2016 की एक पुरानी तस्वीर का इस्तेमाल कर AI की मदद से बनाया गया है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें इस वीडियो को 8 अक्टूबर के हमले का असली फुटेज बताया गया हो.

रिवर्स सर्च के जरिये हमें स्टॉक फोटो वेबसाइट शटरस्टॉक पर वायरल वीडियो से मिलती-जुलती एक तस्वीर मिली. इसके मुताबिक, ये तस्वीर 1 मार्च, 2016 को रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट पर ली गई थी, जब एक विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था.

तस्वीर को गौर से देखने पर साफ हो जाता है कि इसी तस्वीर का इस्तेमाल करके वायरल वीडियो बनाया गया है.

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मिसाल के तौर पर, शटरस्टॉक की इस तस्वीर में बाएं तरफ प्लेन के सामने एक नीली और सफेद रंग की छोटी बस, और उसके साथ कुछ गाड़ियां खड़ी दिखाई दे रही हैं. इसके अलावा इस तस्वीर में प्लेन के पिछले हिस्से की तरफ दो-तीन बसें खड़ी दिखाई देती हैं. वायरल वीडियो में भी बिल्कुल वैसी ही बसें और गाड़ियां देखी जा सकती हैं. साथ ही असली तस्वीर में प्लेन के आसपास जो सामान जिस तरह रखा गया है, वायरल वीडियो में भी वही सामान बिल्कुल उसी जगह रखा हुआ देखा जा सकता है.

जाहिर है कि 2016 में किसी प्लेन के आसपास जो चीजें जिस तरह रखी गई थीं, 10 साल बाद भी उनका ठीक उसी जगह, उसी विमान के साथ दिखना संभव नहीं लगता.

8 अक्टूबर के हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया के चैनल ‘News.com.au’ ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें हमले के बाद एयरपोर्ट के अंदर आग बुझाने की कोशिश दिखाई गई है.

इसके अलावा ‘द संडे गार्डियन’ और ‘यूके डेली स्टार’) ने भी हमले के बाद की तस्वीरें अपनी रिपोर्ट में छापी हैं, जिनमें आग बुझाने के दौरान एयरपोर्ट के अंदर का नजारा देखा जा सकता है.

कुल मिलाकर साफ है कि 8 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हमला तो हुआ था. लेकिन इस हमले का बताकर वायरल हो रहा वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से बनाया गया है.

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