आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सवर्ण आंदोलन के पीछे विदेशी फंडिंग की बात कही है. आजतक की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल दावे की पड़ताल की है.
दुर्घटना की वजहों को लेकर चल रही तमाम अटकलों के बीच अब सोशल मीडिया पर किसी विमान के अंदर से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो वायरल हो गया है. वीडियो पर लिखा है, 'बारामती विमान हादसा सामने आया प्लेन हादसे का वीडियो, लैंडिंग से 3 सेकेंड पहले रनवे गायब!'
UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यूपी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के नाम से एक पोस्टकार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें दावा किया गया कि मोदी सरकार UGC कानून लागू कराने के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगी. आजतक फैक्ट चेक ने इस वायरल दावे की पड़ताल की और सच्चाई का पता लगाया है.
बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो को अजित पवार का शव अस्पताल से बाहर ले जाने का बताया गया. आजतक की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की और दावों का सच्चाई का पताया लगाया है.
यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ राजपूत समाज के प्रदर्शन का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में एक मंच पर भाषण देते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना नजर आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर कैप्टन सुमित कपूर की बताकर एक तस्वीर खूब शेयर की जा रही है, लेकिन हमने अपनी जांच में पाया कि ये तस्वीर किसी और शख्स की है. कई लोग इस तस्वीर को दिवंगत कैप्टन सुमित कपूर की बताकर पोस्ट कर रहे हैं.
कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो यूजीसी मामले को लेकर हुए वकीलों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित है. इसमें वकीलों ने जो तख्तियां पकड़ रखी हैं, उन पर लिखा है- 'तानाशाही नहीं चलेगी'.
सोशल मीडिया पर एक कार हादसे का वीडियो वायरल हुआ, जिसे मनाली का बताया जा रहा था. हालांकि फैक्ट चेक से पता चला कि यह वीडियो तुर्की के Malatya क्षेत्र का है, जो दिसंबर 2025 की घटना है.
हाल ही में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026' के रूप में नये नियम लागू किए हैं. इसका मकसद शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना और समानता को बढ़ावा देना बताया गया है.
सोशल मीडिया पर बिहार से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया कि लोन रिकवरी एजेंट से बचने के लिए एक व्यक्ति पराली में छिप गया और एजेंट ने आग लगाने की धमकी दी. आजतक फैक्ट चेक ने इस वीडियो की पड़ताल की और सच्चाई का पता लगाया.
वीडियो में एक साइकिल पर कुछ सामान बेच रहे व्यक्ति से एक हट्टाकट्टा शख्स पूछता है कि वो कहां का है. साइकिल वाला व्यक्ति बताता है कि वो कश्मीर के कुलगाम से है, तो वो उस पर तेज आवाज में चीखने-चिल्लाने लगता है. इस दौरान वो उसका गला तक दबाने लगता है. अंत में, वो फेरीवाले की साइकिल, उसके सामान सहित ले लेता है और उसे भगा देता है.
वीडियो में दिखाई देता है कि कुछ निहंग सिख और कुछ पुलिसवाले एक दुकान में दाखिल होते हैं. इसके बाद एक व्यक्ति पंजाबी भाषा में कुछ कहता है, जिसके बाद स्लेटी रंग के कपड़े पहने हुए एक आदमी हाथ जोड़ कर माफी मांगने लगता है. तभी उसके पास खड़ा सिख व्यक्ति उसे थप्पड़ मार देता है.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है न ही उत्तर प्रदेश का है. ये तेलंगाना का 2022 का वीडियो है जब गोशामहल के विधायक टी राजा के खिलाफ हो रहे एक प्रदर्शन के दौरान ये नारे लगाए गए थे.
सोशल मीडिया पर कुछ लोग वीडियो को पाकिस्तान का बताते हुए कह रहे हैं कि ये लड़की ईसाई है और सिर्फ इसके क्रॉस पहनने की वजह से वहां के एक मुस्लिम टीचर ने बच्ची के साथ इस तरह बदसलूकी की.
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को गुजरात के सूरत में हुए टीचर-स्टूडेंट मामले से जोड़ा जा रहा है. फैक्ट चेक में सामने आया कि ये तस्वीरें श्रीलंका की एक मॉडल और उनके बेटे की हैं, जिनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस वीडियो को भारत का बताकर यहां की आंतरिक सुरक्षा पर चिंता जाहिर कर रहे हैं. मिसाल के तौर पर इसे इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, 'हमें उस पाकिस्तान से डर नहीं लगता जो हमारी भारतीय सीमा के बाहर है. हमें उन हजारों छोटे-छोटे पाकिस्तान से डर लगता है जो भारत के अंदर हैं.'
RSS प्रमुख मोहन भागवत से जुड़ी एक विवादित पोस्ट वायरल है. ये फैक्ट चेक में फर्जी पाई गई है. इससे जुड़ा झूठा दावा सोशल मीडिया पर सामने आया था.
ईरान में महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नौजवान, मुस्लिम मौलाना जैसे दिखने वाले एक शख्स से बहस करते और उसे थप्पड़ मारते हुए नजर आ रहा है. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें महिला दुकानदार ग्राहक के पैर पकड़कर रो रही है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इस महिला दुकानदार ने ग्राहक को घंटों तक अलग-अलग तरह के सामान दिखाए, लेकिन इसके बावजूद आखिर में ग्राहक ने एक भी सामान नहीं खरीदा. इसके बाद महिला दुकानदार खुद को रोक नहीं सकी और फूट-फूट कर रोने लगी. आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर का पब से निकाले जाने का वायरल वीडियो हालिया नहीं है. उस समय स्टार्मर प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि लेबर पार्टी के नेता थे. बाथ शहर में लॉकडाउन नीति को लेकर हुई बहस के दौरान पब मालिक ने उन्हें बाहर जाने को कहा था.
वीडियो में स्लेटी कोट पहने एक व्यक्ति अचानक मेज पर रखा गिलास तोड़ देता है और गुस्से में आकर खड़ा हो जाता है. वहां बैठी एंकर स्थिति संभालने की कोशिश करती है लेकिन बात नहीं बनती. वहीं मौजूद काले कोट वाला एक शख्स भी उठ खड़ा होता है और स्लेटी कोट वाले की तरफ बढ़ता है. इसके बाद दोनों के बीच मारपीट होने लगती है. ये देखकर वहां मौजूद दूसरे लोग बीच-बचाव करने आते हैं.