आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि खड़गे को नाश्ते की टेबल से अलग बैठाया गया. आजतक फैक्ट चेक ने इस दावे की पड़ताल की तो तस्वीर की कहानी कुछ और निकली.
उज्जैन में एक हार चुराने वाली महिला के पकड़े जाने का कथित वाकया सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर हो रहा है. इस ‘रिपोर्ट’ में किसी महिला की तीन तस्वीरें लगी हैं. इनमें से एक 80 के दशक के स्टाइल वाली फोटो है जिसमें महिला यंग नजर आ रही है, और उन्होंने एक सोने का नेकलेस पहना हुआ है.
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के कई फर्जी इंटरव्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इनमें उनके और पत्रकारों के बीच कथित बातचीत दिखाई जा रही है. इन पोस्ट्स में झूठे संवाद और एआई निर्मित तस्वीरें शामिल हैं. आजतक फैक्ट चेक ने पुष्टि की है कि ये इंटरव्यूज असली नहीं हैं. कई वायरल पोस्ट पूरी तरह मनगढ़ंत हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ट्रैफिक के बीच दौड़ते हुए नजर आ रहा है. इसे शेयर करने वाले लोगों का कहना है कि ये संकेत है कि आने वाले वक्त में AI कितना खतरनाक हो सकता है.
सड़क पर बच्चे को जन्म देती महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. कुछ लोग इसे उत्तर प्रदेश का बता रहे हैं. कोई इसे उन्नाव, तो कुछ शामली का बताकर शेयर कर रहे हैं.
रोहिणी घावरी के भारत लौटने के बाद चंद्रशेखर आजाद का अस्पताल में भर्ती होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हाल का है, लेकिन आजतक फैक्ट चेक में सामने आया कि वीडियो 2019 का है.
एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कहता है कि योगी के बुलडोजर एक्शन पर भड़के जज साहब. अब सहारनपुर में मस्जिद की गई शहीद, डीएम के पैसों से बनेगी. कोर्ट का अब तक का सबसे बड़ा ऐलान.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग दिल्ली विश्वविद्यालय के अंदर यूजीसी एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे. एक वीडियो में किसी ऑडिटोरियम के अंदर से कुछ लोग एक शख्स को घसीटते हुए बाहर निकालते नजर आ रहे हैं. कई लोग 'गो बैक' के नारे लगा रहे हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. कुछ यूजर्स का कहना है कि ये उत्तर प्रदेश का नजारा है, जहां राहुल गांधी के समर्थन में यह भीड़ जुटी थी.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वो एक झटके में गरीबी खत्म कर देंगे. इसे पीएम का बयान बताकर सोशल मीडिया पर कुछ लोग उन पर तंज कस रहे हैं.
वायरल हो रहे वीडियो में दो क्लिप्स हैं. आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों क्लिप्स एक-दूसरे से संबंधित नहीं है. पवन खेड़ा असल में बीजेपी के बारे में बात कर रहे थे.
सोशल मीडिया पर नेपाल बाढ़ के नाम से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 5 अलग-अलग क्लिप्स जोड़ी गई हैं. आजतक फैक्ट चेक की जांच में यह दावा पूरी तरह गलत निकला.
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से 17000 बच्चे प्रभावित हुए हैं. UNICEF ने बताया कि बच्चों के घर, स्कूल और अस्पताल तबाह हो गए हैं. सोशल मीडिया पर बाढ़ से जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं. हालांकि फैक्ट चेक में सामने आया है कि इनमें से कई वीडियो पुराने और एआई जेनरेटेड हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसे नेपाल की बाढ़ का बताया जा रहा है. इस वीडियो में लोग पानी से भागते दिख रहे हैं. लेकिन फैक्ट चेक में पाया गया कि ये वीडियो नेपाल का नहीं, बल्कि यमन के याफा क्षेत्र का है, जहां हाल ही में बारिश हुई थी.
नेपाल-चीन सीमा पर 27 अगस्त तक भीषण बाढ़ से 350 से ज्यादा लोगों की मौत और 900 से अधिक लापता हैं. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो जिसे ग्लेशियर टूटने का बताया जा रहा था, असल में अलास्का का निकला. यह वीडियो एक कमर्शियल हेलीकॉप्टर पायलट ने 22 अगस्त को पोस्ट किया था, जबकि नेपाल में बाढ़ 26 अगस्त को आई.
नेपाल की बाढ़ का बताकर वायरल हो रहा पावर प्लांट का वीडियो असल में पाकिस्तान का है. यह वीडियो 2022 में खैबर पख्तूनख्वा में आई बाढ़ के दौरान बनाया गया था.
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले जाने का एक वीडियो गलत दावे के साथ वायरल हो रहा है, जिसमें इसे आरक्षण विरोधी प्रदर्शन बताया गया. जांच में सामने आया कि यह वीडियो लखनऊ में फीस बढ़ोतरी और छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर हुए समाजवादी छात्र सभा के प्रदर्शन का है, जिसका आरक्षण विरोध से कोई संबंध नहीं है.
दिल्ली में सवर्ण समाज के प्रदर्शन का बताकर वायरल किया जा रहा वीडियो असल में मध्य प्रदेश के भोपाल का है. वीडियो में 29 जुलाई को MSP पर मूंग की खरीद और अन्य मांगों को लेकर हुए किसानों के प्रदर्शन को दिखाया गया है.
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिलाओं और दुष्कर्म पर विवादित बयान दिखाए गए हैं. फैक्ट चेक में पाया गया कि वीडियो एडिटेड है और असली बयान में संघ प्रमुख मोहन भागवत और मंत्री मनोहर लाल खट्टर के पुराने बयानों का जिक्र था.
मराठी भाषा की अनिवार्यता के डर से ऑटो चालक के मुंबई छोड़ने का वायरल दावा गलत निकला. वीडियो पुराना है और ऑटो मालिक विजय प्रताप पाल ने निजी कारणों से गांव जाने व बाद में महाराष्ट्र लौटने की बात कही.
सोशल मीडिया स्वामी रामदेव का बयान बताकर एक पोस्टकार्ड खूब वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि रामदेव ने कांग्रेस पार्टी की तारीफ की है. इसमें स्वामी रामदेव के हवाले से लिखा है, “कांग्रेस चाहे जैसी भी थी, लेकिन तानाशाह नहीं थी. महंगाई बेरोजगारी पर कंट्रोल रखती थी. हमारे देश के पत्रकारों ने कांग्रेस की छवि खराब की है. उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था, मुझे माफ कर दो.”