आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में एक युवक को कॉलर पकड़कर जबरन पुलिस वाहन में बैठाते हुए देखा जा सकता है. कुछ लोग इस वीडियो को मध्य प्रदेश का बताकर शेयर कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक जहाज पर एक व्यक्ति लेटा हुआ नजर आ रहा है, जिसके हाथ-पैर बंधे हुए हैं. इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ लोग बता रहे हैं कि यह एक भारतीय नाविक का शव है, जिसे अमेरिका ने इस हालत में भारत भेजा है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें किसी सड़क किनारे कई सारी टूटी हुई दुकानें नजर आ रही हैं. ये वीडियो सड़क से गुजरते हुए रिकार्ड किया गया है. ये नजारा बुलडोजर कार्रवाई के बाद का लगता है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर कर रहे हैं.
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जोड़कर वायरल किया जा रहा सीसीटीवी वीडियो अयोध्या का नहीं है. आजतक फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर का है, जो 2024 में सामने आया था.
PoK प्रदर्शन से जोड़कर वायरल वीडियो भ्रामक निकला. फैक्ट चेक में पता चला कि यह मार्च 2026 में कराची के अमेरिकी दूतावास विरोध प्रदर्शन का है.
फिलीपींस भूकंप से जोड़कर वायरल किया जा रहा वीडियो भ्रामक निकला. फैक्ट चेक में यह मार्च 2025 के बैंकॉक भूकंप का वीडियो पाया गया.
पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर BSF फेंसिंग से जोड़कर वायरल वीडियो भ्रामक निकला. जांच में वीडियो नेपाल के चुनावी सुरक्षा अभ्यास का पाया गया.
सोशल मीडिया पर दिल्ली के मालवीय नगर होटल हादसे के नाम पर एक महिला के रेस्क्यू का वीडियो वायरल हो रहा है. आजतक फैक्ट चेक में वीडियो की हकीकत कुछ और निकली. इस वीडियो में एक महिला ने जलती इमारत से अपने कुत्तों की जान बचाते हुए नजर आई थी.
सोशल मीडिया पर एक नोट की तस्वीर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में जारी किया है. ये भी कहा जा रहा है कि 500 के कागज वाले नोट में महात्मा गांधी की जो तस्वीर होती है, उसे प्लास्टिक वाले नोट में हटा दिया गया है. इस वायरल तस्वीर का आजतक की टीम ने फैक्ट चेक किया है.
सोशल मीडिया पर एक जनाजे का वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह सूर्या खोड़ा हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद का जनाजा है. लोग पोस्ट शेयर कर कह रहे हैं कि इस जनाजे में असद का भाई उसकी मौत का बदला लेने की खुलेआम धमकी दे रहा है. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद के अंतिम संस्कार का बताकर वायरल किया जा रहा है. फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो असद का नहीं बल्कि अंबेडकरनगर के हत्यारोपी आमिर का है, जो मई 2026 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. आमिर के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दफनाया गया था.
सोशल मीडिया पर जंजीरों में बंधे और लंगड़ाकर चलते दो युवकों का वीडियो गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सूर्या हत्याकांड का बताकर वायरल किया जा रहा है. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ है.
सोशल मीडिया पर मवेशी की कुर्बानी का एक विवादित वीडियो पश्चिम बंगाल का बताकर वायरल किया जा रहा है. इसमें एक शख्स राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का मजाक उड़ाते हुए चुनौती दे रहा है. आजतक फैक्ट चेक में सामने आया कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का है.
सोशल मीडिया पर एक लड़का मर्डर की बात कबूल करते हुए दिख रहा है, जिसे गाजियाबाद के खोड़ा में हुए सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद का बताया जा रहा है. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ है.
सोशल मीडिया पर काव्या मारन और वैभव सूर्यवंशी की वायरल तस्वीर फर्जी है. दावा था कि काव्या ने मैच के बाद वैभव को घड़ी गिफ्ट की, लेकिन आजतक फैक्ट चेक में ये पूरी तरह झूठ साबित हुआ. असल में सिर्फ हाथ मिलाकर बधाई दी गई थी, तस्वीर को AI से एडिट करके बनाया गया है.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को पश्चिम बंगाल में होल्डिंग सेंटर शुरू होने के बाद बांग्लादेशियों के भारत छोड़कर भागने का दृश्य बताया जा रहा था. फैक्ट चेक में पता चला कि वीडियो बांग्लादेश की चिलाहाटी एक्सप्रेस का है, जो बकरीद से पहले ढाका से यात्रियों को लेकर रवाना हो रही थी. इसका पश्चिम बंगाल या भारत-बांग्लादेश ट्रेन सेवा से कोई संबंध नहीं है.
कोयंबटूर में नाबालिग बच्ची के रेप-मर्डर केस से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते दिखे पुलिस अधिकारियों को सीएम विजय द्वारा सस्पेंड किए जाने का दावा गलत निकला. फैक्ट चेक में पता चला कि वायरल वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले का था, जब मीडिया को बाहर इंतजार करने को कहा गया था. पुलिस अधिकारी एक हल्के मजाक पर हंसे थे, न कि केस पर.
भीषण गर्मी में टंकी का पानी उबल रहा है? जानें क्या एल्युमिनियम फॉयल लगाने से सच में पानी ठंडा रहता है या यह सिर्फ सोशल मीडिया का वायरल जुगाड़ है. इसके अलावा सुबह या रात के समय टंकी भरना भी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि उस समय पानी का तापमान कम होता है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति फूट-फूटकर रोता हुआ दिखाई दे रहा है. यह वीडियो बुलडोजर कार्रवाई के दौरान का प्रतीत होता है. कुछ लोग इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर कर रहे हैं.
फैक्ट चेक: शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास ने बकरीद के बारे में नहीं दिया ये विवादित बयान, फर्जी है ये पोस्टकार्ड
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि वीडियो में दिख रहीं दोनों महिलाएं एक नहीं, बल्कि अलग-अलग हैं. पहली क्लिप बंगाल की, तो दूसरी दिल्ली की है.