आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि स्पेन की सेना ने शरणार्थियों को भगाने के लिए उन पर सुअर का मांस फेंका. आजतक फैक्ट चेक की जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ.
सोशल मीडिया पर दो लड़कियों द्वारा एक लड़की की पिटाई का वीडियो गलत दावे के साथ वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि जंतर मंतर पर सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने पर इस लड़की के घर वालों ने ही उसे पीटकर सबक सिखाया है. आजतक फैक्ट चेक की जांच में यह दावा झूठा निकला.
सोशल मीडिया पर एक महिला पर भीड़ के हमले का वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि Gen Z को लेकर दिए बयान के बाद बीजेपी सांसद कंगना रनौत पर हमला हुआ है. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा, जिसमें एक नवजात लावारिस बच्ची नजर आ रही है. इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इस बच्ची के माता-पिता ने उसे लावारिस हालत में छोड़ दिया है. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो को फैक्ट चेक किया है.
असम में भीषण बाढ़ के बीच पानी में डूबी मस्जिद से अजान दिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. दावा किया जा रहा है कि यह असम बाढ़ का असली दृश्य है. लेकिन आजतक फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया है और इसका असम की बाढ़ से कोई संबंध नहीं है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो वाराणसी की एक फैमिली कोर्ट का है, जहां इस महिला ने अपने पति पर मारपीट और गहने छीनने का आरोप लगाया था.
असम में आई भीषण बाढ़ के बीच सोशल मीडिया पर कई पुराने और दूसरे राज्यों के डराने वाले वीडियो फर्जी दावों के साथ शेयर किए जा रहे हैं. पानी में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ढहने और रेस्क्यू ऑपरेशन के दो वीडियो को असम की बाढ़ का बताकर शेयर किया गया. आजतक फैक्ट चेक की पड़ताल में दोनों दावे झूठे साबित हुए.
अभिनेता ऋतिक रोशन के नाम से समाजवादी पार्टी की तारीफ वाली बात तेजी से वायरल हो रही है. आजतक ने इसका फैक्ट चेक किया और इसे फर्जी पाया.
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और जेपी नड्डा का एक पुराना वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दोनों नेता एक ही कार में आए थे, लेकिन स्वागत का नाटक करने के लिए जेपी नड्डा दूसरी तरफ से उतरकर गुलदस्ता देने पहुंच गए. आजतक फैक्ट चेक की जांच में यह दावा झूठा निकला.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस वीडियो में जिस व्यक्ति की बात हो रही है, वो जंतर मंतर वाले जुनैद नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर के फुलत गांव के जुनैद हैं, जिन पर उनकी पूर्व पत्नी और साले ने धर्मांतरण के आरोप लगाए हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल छात्रों को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार कर रही है. आजतक फैक्ट चेक की जांच में यह दावा भ्रामक पाया गया है.
असम में इस साल आई बाढ़ से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि फैक्ट चेक में ये वीडियो AI जेनरेटेड और पुराना पाया गया है. इस वायरल वीडियो में चार अलग-अलग क्लिप्स में दिखाए गए भयानक बाढ़ के मंजर असल में असम के नहीं हैं.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन पर बिखरे कंडोम दिखाए गएह हैं. वायरल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो जंतर मंतर का है. आजतक की टीम ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि लखीमपुर खीरी थार कांड के इकलौते गवाह उमाशंकर भारती की हत्या कर दी गई और उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला. आजतक के फैक्ट चेक में यह दावा झूठा निकला.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो दिल्ली नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के मेरठ का है, जहां ईसाई समाज के लोगों ने एक धार्मिक यात्रा निकाली थी.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान घायल हुई एक गर्भवती महिला पुलिसकर्मी के अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला.
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारियों के हमले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमित की मौत हो गई थी. आजतक के फैक्ट चेक में जानिए सोशल मीडिया पर वायरल इस दावे की सच्चाई...
सीजेपी के संसद मार्च के दौरान घायल हुई लड़की साक्षी की मौत की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पुष्टि की है कि वायरल तस्वीरें AI से बनी हैं और साक्षी की हालत में सुधार हो रहा है.
20 जुलाई को कोकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें एक महिला के घायल होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जांच में पता चला कि वीडियो का असल में कंबोडिया का है और महिला के शरीर पर दिख रहे निशान पारंपरिक कंबोडियाई चिकित्सा 'स्क्रैचिंग द विंड' के कारण हैं.
20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद मार्च’ के दौरान हुए बवाल के बाद अब सोशल मीडिया पर घायल छोटे बच्चों का एक वीडियो वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने इन छोटे-छोटे मासूम बच्चों तक को बेरहमी से पीटा. वीडियो में कुछ छोटे बच्चे लंगड़ाते हुए नजर आ रहे हैं. कुछ बच्चों के हाथ में पट्टी बंधी हुई भी देखी जा सकती है.
सोशल मीडिया पर एक पुलिसकर्मी को जूते से मारकर भागते युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग CJP के हालिया संसद मार्च का बताकर शेयर कर रहे हैं. आजतक फैक्ट चेक की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला.