आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
पंजाब के सीएम भगवंत मान का बताकर एक वीडियो वायरल है, जिसमें वो कथित तौर पर नशे में धुत दिख रहे हैं. हालांकि असल वीडियो में कोई दूसरा व्यक्ति था, भगवंत मान नहीं.
कई सोशल मीडिया यूजर रेलवे स्टेशनों में भीड़ के कुछ वीडियो शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि सरकार 31 अक्टूबर को ट्रेनें बंद करने के चक्कर में थी ताकि 'चलो दिल्ली' रैली फ्लॉप हो जाए. लेकिन लोगों ने समझदारी दिखाई और पहले ही इसमें शामिल होने के लिए भारी संख्या में निकल गए. लेकिन ये सभी वीडियो पुराने निकले.
सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो के जरिये दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के अंदर घुस गई. लेकिन दोनों वीडियो न तो हाल-फिलहाल के हैं, और न ही भारत-चीन सीमा विवाद से संबंधित हैं. सैनिकों के बीच झड़प का ये वीडियो म्यांमार का है.
नेपाल के स्थानीय त्योहार का वीडियो अरुणाचल में भारत-चीन तनाव का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल, साड़ी पहनकर ट्रेन चलाती महिला लोको पायलट का ये वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया है.
फ्रांस के प्रदर्शनों से जोड़ कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी सुअर लेकर तैनात नजर आ रहे हैं. लेकिन हमारी पड़ताल में पता चला कि ये वीडियो असली नहीं है.
पहला वीडियो ब्राजील का है जहां पुलिसवालों ने चाकू लेकर उनकी तरफ बढ़ रही एक महिला को गोली मार दी थी. वहीं, दूसरा वीडियो अल्बानिया का है.
दलेर मेहंदी के साथ विवाद के बाद उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि महिलाओं ने मंत्री को खरी-खोटी सुनाई. आजतक फैक्ट चेक में सामने आया कि यह वीडियो पुराना है और इसका दलेर मेहंदी विवाद से कोई संबंध नहीं है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये सभी तस्वीरें-वीडियो अलग-अलग घटनाओं से जुड़े हैं और इनका मौत की सजा पाने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के मामले से कोई संबंध नहीं है.
टाइगर श्रॉफ और संजय दत्त के लॉरेंस बिश्नोई गैंग को खुली धमकी देने का दावा करने वाले वायरल वीडियो नकली हैं. दोनों ने ही इस मामले को लेकर कोई वीडियो या बयान जारी नहीं किया है.
चीन में हुई एक आतंक विरोधी ड्रिल और इंडोनेशिया में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के वीडियो अब फ्रांस में चल रहे प्रदर्शनों के संदर्भ में शेयर हो रहे हैं.
गरबा के रंगबिरंगे कपड़े पहने लड़कियों के AI वीडियो-तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहे हैं. बहुत सारे लोग इन्हें असली समझकर लड़कियों के बारे में आपत्तिजनक कमेंट कर रहे हैं.
हाथ में तिरंगा लिए लोगों के भारी हुजूम का एक वीडियो दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के तिरंगा मार्च का बताकर शेयर किया जा रहा है. लेकिन पड़ताल में ये पटना का पुराना वीडियो निकला.
सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल में 2023 में हुई भीम आर्मी की ‘संविधान बचाओ यात्रा’ का वीडियो अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है. हालांकि, ये वीडियो पुराना है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि बीजेपी नेता का उठक-बैठक लगाने का वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि 2022 विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है.
महिलाओं के साथ दिल्ली पुलिस की बर्बरता के दावे के साथ कई AI जेनरेटेड तस्वीरें वायरल हो रही हैं. आजतक फैक्ट चेक की रिपोर्ट.
खाकी वर्दी पहने जवानों का 'मेरे महबूब' गाने पर रील बनाते हुए एक वीडियो दिल्ली पुलिस का बताकर वायरल हो रहा है. आजतक फैक्ट चेक की पड़ताल में ये महाराष्ट्र के नांदेड़ के होमगार्ड्स का वीडियो निकला.
ये वीडियो पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रहने वाले एक व्यक्ति ने बनाया था. हमें उसने बताया इस वीडियो की असलियत
कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था, लेकिन प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सड़क पर कूड़ा फैलाने का दृश्य दिखाया गया, जिसे लोग सीजेपी प्रदर्शन से जोड़ रहे थे. हालांकि, फैक्ट चेक में पता चला कि यह वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि हरियाणा के पानीपत का है.
सोशल मीडिया पर नाना पाटेकर का एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि नाना का ये वीडियो मैसेज CJP के अभिजीत दिपके के लिए था. लेकिन असल में वो किसी और अभिजीत के बारे में बात कर रहे थे.
CJP के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर हिंदू संगठनों के काफिले के दिल्ली कूच करने के दावे के साथ दो पुराने वीडियो शेयर किए गए. आजतक फैक्ट चेक में सामने आया कि पहला वीडियो जुलाई में जयपुर के कानोता में बंटी मीणा की पुण्यतिथि पर निकाली गई रैली का है.