आजतक फैक्ट चेक न्यूज़ (Fact Check News) में किसी भी तरह का राजनीतिक या परिस्थितिजन्य भेदभाव न करते हुए किसी ख़बर को फैक्ट चेक के लिए चुनने में पूरी तरह से निष्पक्ष रहते हैं. फैक्ट चेक प्रक्रिया शुरू करने के लिए किसी दावे के चयन में पहला कदम दर्शकों से मिले अनुरोध को देखना होता है. संभावित सूचनाओं, दुष्प्रचार, संदिग्ध वायरल पोस्ट और गलत सूचनाओं, जैसे किसी सार्वजनिक हस्ती के विवादास्पद बयान आदि के लिए लगातार मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया पर नजर रखा जाता है. कीस भी तरह के उकसाने वाले हैशटैग या वायरल वीडियो, मीम्स, फेसबुक पेज और वॉट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के द्वारा पहुंच सकते हैं.
एक बार जब फैक्ट चेक के लिए सामग्री तय हो जाती है, तो रिसर्च और जांच के लिए मौके पर जाकर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाता है. फिर ख़बर तैयार करना और उसकी समीक्षा के लिए हम सत्यापित तथ्यों को देखते हैं और प्रासंगिक दृष्टिकोण के साथ ही सरल, सटीक और पारदर्शी तरीके से पेश करते हैं. फैक्ट चेक की ख़बर के प्रकाशन के बाद पाठकों और दर्शकों द्वारा स्टोरी पर या सोशल मीडिया के द्वारा की गई टिप्पणियों के रूप में मिले फीडबैक पर गहरी नजर रखी जाती है.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद पुलिसकर्मियों के जश्न मनाने का दावा करने वाला वीडियो भ्रामक निकला. जांच में पता चला कि यह वीडियो 2022 का है और महाराष्ट्र के कोल्हापुर में गणपति विसर्जन के दौरान रिकॉर्ड किया गया था.
सोशल मीडिया पर झील में नाव पलटने का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे जबलपुर के बरगी डैम हादसे से जोड़ा जा रहा है. आजतक ने इस वीडियो का फैक्ट चेक किया है.
कुछ लोग इस वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर शेयर कर रहे हैं. एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “इस जिहादी को इतना मारना चाहिए कि न दिखाने लायक रहे,न बताने लायक रहे.”
जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे से जोड़कर वायरल महिला और बच्चे की तस्वीर फर्जी निकली. आजतक फैक्ट चेक में फोटो AI-जनरेटेड पाई गई, जबकि असली पीड़ितों की अलग तस्वीर मौजूद है.
बंगाल चुनाव से जोड़कर वायरल वीडियो असल में बांग्लादेश का निकला. फैक्ट चेक में खुलासा हुआ कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई वहां चुनावी भीड़ हटाने के दौरान हुई थी.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जोड़कर गलत दावा किया गया, जबकि फैक्ट चेक में यह बिहार के पटना का पुराना वीडियो निकला.
शल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी रेहड़ी-पटरी वालों पर डंडे बरसाते और उनका सामान तोड़ते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को नेपाल का बताकर शेयर किया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान वायरल हो रहे दो वीडियो भ्रामक निकले हैं. एक वीडियो मध्य प्रदेश के इंदौर का है, जबकि दूसरा बांग्लादेशी व्यक्ति का है. दोनों का न तो बंगाल चुनाव से कोई संबंध है और न ही टीएमसी से, लेकिन इन्हें गलत दावों के साथ सोशल मीडिया पर फैलाया गया.
बंगाल में पहले चरण की 152 सीटों पर बंपर मतदान हुआ. वहीं कई जगह हिंसा की भी घटनाएं हुईं. इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया.
दिल्ली हाई कोर्ट की जज स्वर्णकांता शर्मा का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसे ये कहकर शेयर किया जा रहा है कि वो खुद ये मान रही हैं कि वो जब-जब आरएसएस के कार्यक्रमों में जातीं हैं, उनका प्रमोशन हो जाता है. अब वायरल वीडियो का फैक्ट चेक करने पर पता चला कि वीडियो महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एक कार्यक्रम का है और इसका आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं है.
टी-सीरीज के नाम पर फर्जी कास्टिंग का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें कई महिला इंफ्लुएंसर्स को निशाना बनाया गया. इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर मोहम्मद नूफ ने बताया कि उन्हें जीमेल आईडी से म्यूजिक वीडियो का ऑफर देकर फर्जी ऑडिशन के नाम पर आपत्तिजनक निर्देश दिए गए.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस घटना का भारत से कोई लेना-देना नहीं है. वीडियो बांग्लादेश के फरीदपुर जिले का है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक गुट के कार्यकर्ताओं ने दूसरे गुट के कार्यकर्ता की दुकान पर हमला कर दिया था.
महिला आरक्षण बिल पर विवाद के बीच वायरल वीडियो को लेकर फैक्ट चेक में सामने आया कि यह भारत का नहीं बल्कि 2023 का पाकिस्तान का वीडियो है, जिसे गलत दावे के साथ शेयर किया गया.
एक बिल्डिंग में लगी आग का वीडियो नोएडा का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है. जो कि पूरी तरीके से फेक है.
आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर का आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते वक्त का वीडियो विवादों में आ गया है. वायरल क्लिप में नाम गलत बोलने और श्रद्धांजलि देने से पहले हंसने को लेकर उनकी ट्रोलिंग हो रही है.
सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर नोएडा में कर्मचारियों के द्वारा प्रदर्शन देखे गए हैं. इस बीच एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है जिसमें एक पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को लात मारकर गाड़ी में बैठाता हुआ नजर आ रहा है. कई लोग इस वीडियो को नोएडा का बताकर शेयर कर रहे हैं जबकि वीडियो मध्य प्रदेश का है.
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता से पहले सोशल मीडिया पर वायरल फाइटर जेट्स वाला वीडियो भ्रामक निकला. आजतक के फैक्ट चेक में जानें इस वीडियो की सच्चाई...
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के नाम पर मस्जिदों को गिराने और भारत को लेकर शर्त रखने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लेकिन जांच में यह पूरी तरह फर्जी पाया गया.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को पश्चिम बंगाल चुनाव का बताकर शेयर किया जा रहा है. इसमें दावा किया जा रहा था कि बंगाल पुलिस ने एक राजनीतिक कार्यकर्ता की पिटाई की. आज तक के फैक्ट चेक में जानें इस वीडियो की सच्चाई...
सोशल मीडिया पर पुलिस और उग्र भीड़ के बीच झड़प का वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के बंगाल के होने का दावा कर सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं, लेकिन फैक्ट चेक में कहानी दावे के विपरीत निकली.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो पाकिस्तान के लाहौर का है.