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पत्नी की कुदाल से हत्या करने वाले पति को उम्रकैद, कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना भी ठोका

बिहार के रोहतास जिले में पत्नी की हत्या के मामले में सासाराम कोर्ट ने दोषी पति ज्ञानी महतो को उम्रकैद की सजा सुनाई है. शिवसागर थाना क्षेत्र के गोतहर गांव में 15 जनवरी को उसने पत्नी सरिता देवी पर कुदाल से हमला किया था. मृतका के भाई ने केस दर्ज कराया था. सात गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

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पत्नी के भाई ने दर्ज कराया था केस.(Photo: Representational)
पत्नी के भाई ने दर्ज कराया था केस.(Photo: Representational)

बिहार के रोहतास जिले में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है. सासाराम स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी ज्ञानी महतो को आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. करीब दो साल पहले पारिवारिक विवाद के दौरान उसने अपनी पत्नी सरिता देवी पर कुदाल से हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

दरअसल, यह वारदात 15 जनवरी को शिवसागर थाना क्षेत्र के गोतहर गांव में हुई थी. मामले में ज्ञानी महतो पर अपनी पत्नी सरिता देवी की कुदाल से हमला कर हत्या करने का आरोप लगा था. घटना के बाद मृतका के भाई ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था.

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मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए. गवाहों के बयानों और मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने ज्ञानी महतो को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

पारिवारिक विवाद के दौरान हुई थी वारदात

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मामले के मुताबिक, गोतहर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते ज्ञानी महतो ने अपनी पत्नी सरिता देवी पर कुदाल से हमला किया था. इस हमले में सरिता देवी की जान चली गई. घटना के बाद उनके भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए ज्ञानी महतो को आरोपी बनाया था.

इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामला अदालत पहुंचा. सुनवाई के दौरान सात गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया. करीब दो साल पुराने इस मामले में अब फैसला सुनाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई है.

लोक अभियोजक उपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने यह फैसला सुनाया है. दोषी पर उम्रकैद के अतिरिक्त 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है.

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