
सुपरस्टार यश की मच-अवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का धमाकेदार ट्रेलर 8 अगस्त को आखिरकार रिलीज कर दिया गया. 70-80 के दशक के गोवा के बैकड्रॉप पर बनी इस फिल्म में यश एक बार फिर अपने पुराने 'KGF' वाले खूंखार और बागी तेवर में अकेले ही दुश्मनों के पसीने छुड़ाते दिख रहे हैं. फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस मुख्य भूमिकाओं में हैं.
लेकिन इस ट्रेलर में सबसे ज्यादा ध्यान जिस बात ने खींचा, वो यह था कि टीजर और गानों में छाए रहने वाले तमाम इंटीमेट और बोल्ड सीन्स को ट्रेलर से पूरी तरह साफ कर दिया गया. इसके पीछे की मुख्य वजह पिछले कुछ समय से फिल्म को लेकर जारी भारी विवाद और कानूनी कार्रवाई को माना जा रहा है.

टीजर रिलीज के बाद शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, 'टॉक्सिक' की मुश्किलें इसके सबसे पहले टीजर के साथ ही शुरू हो गई थीं, जिसमें यश का कार के अंदर एक सेक्स सीन दिखाया गया था. इसके बाद सामने आए दूसरे टीजर 'लेडीज एंड लेडीज' की भी दर्शकों ने जमकर आलोचना की और इसे 'अश्लील' करार दिया. सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ा तो यूजर्स ने यश का एक पुराना इंटरव्यू खोज निकाला, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वह कभी भी स्क्रीन पर ऐसा कोई सीन नहीं करेंगे, जिसे वह अपने माता-पिता के साथ बैठकर देखने में असहज महसूस करें. इसके अलावा दर्शकों के एक वर्ग ने मेकर्स पर महिलाओं को महज एक 'ऑब्जेक्ट' के रूप में पेश करने का आरोप लगाया, जहां इतनी बड़ी स्टारकास्ट होने के बावजूद एक्ट्रेसेस के पास करने को कुछ खास नहीं दिखा.

कर्नाटक महिला आयोग का कड़ा ऐतराज
टीजर में दिखाए गए बोल्ड सीन्स के खिलाफ विरोध का स्वर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों तक भी पहुंचा. आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने इन दृश्यों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ और अश्लील बताते हुए कर्नाटक राज्य महिला आयोग में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद महिला आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को पत्र लिखकर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया. आयोग का स्पष्ट कहना था कि बिना किसी चेतावनी और सेंसरशिप के ऐसे सीन्स को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर जारी करना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और कन्नड़ संस्कृति का अपमान करने जैसा है. आयोग ने बोर्ड से पूरे मामले पर समीक्षा रिपोर्ट भी मांगी.
विवाद सिर्फ महिला आयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक संगठनों ने भी इस पर गहरी आपत्ति जताई. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल क्रिश्चियन फेडरेशन ने ईसाई समुदाय की तरफ से 'टॉक्सिक' के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. उनका आरोप था कि फिल्म के कुछ दृश्यों में ईसाई धर्म के प्रतीकों और मान्यताओं को गलत तरीके से पेश किया गया है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.
सेंसर बोर्ड का दबाव और ट्रेलर से सीन्स की छंटनी
टीजर और प्रोमो जैसी चीजें डिजिटली जारी की जाती हैं, इसलिए उन्हें रिलीज से पहले किसी सेंसर सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती. लेकिन जब बात फिल्म और उसके आधिकारिक ट्रेलर की आती है, तो मेकर्स को हर हाल में CBFC से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है. माना जा रहा है कि यही वजह है कि कानूनी पचड़ों और सेंसर बोर्ड की सख्ती से बचने के लिए मेकर्स ने ट्रेलर से सभी बोल्ड और इंटीमेट सीन्स हटाने में ही भलाई समझी. हालांकि, ट्रेलर में यश का एक न्यूड अवतार जरूर देखने को मिलता है.
गानों में दिखे थे इंटीमेट सीन, कियारा भी हुईं ट्रोल
ट्रेलर से भले ही इन सीन्स की छुट्टी कर दी गई हो, लेकिन फिल्म के रिलीज हुए दो गानों- 'तबाही' और 'मदहोश' में जमकर बोल्डनेस परोसी गई है. खासतौर पर 'तबाही' गाने में दिखाए गए अत्यधिक बोल्ड सीन्स की वजह से एक्ट्रेस कियारा आडवाणी को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था.
कब बड़े पर्दे पर दस्तक देगी 'टॉक्सिक'?
गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी की टोली नजर आने वाली है. इस फिल्म की शूटिंग मूल रूप से कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में एक साथ की गई है. इसे हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में डब करके 26 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में भव्य रूप से रिलीज किया जाएगा.