कर्नाटक के बेंगलुरु में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए पुलिस ने शनिवार को बड़ा जांच अभियान चलाया. शहर के इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में पुलिस ने 1,909 लोगों के कागजात जांचे, जिनमें से 15 बांग्लादेशी नागरिक पाए गए. बाकी लोगों के दस्तावेज सही निकले.
इस जांच के लिए 295 पुलिसकर्मियों की 23 अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं. पुलिस को पहले से जानकारी मिली थी कि कुछ जगहों पर संदिग्ध विदेशी नागरिक रह रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीमों ने ऐसी 29 जगहों पर पहुंचकर एक साथ जांच की. यह पूरी कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बेगुर, परप्पना अग्रहारा, बांडेपल्या, हुलेमावु और हेब्बागोडी थाना इलाकों में की गई.
बेगुर में मिले सबसे ज्यादा 8 बांग्लादेशी
जांच के दौरान सबसे ज्यादा 8 बांग्लादेशी नागरिक बेगुर इलाके से पकड़े गए, जबकि परप्पना अग्रहारा में 7 की पहचान हुई. बाकी चार थाना क्षेत्रों में कोई भी बांग्लादेशी नागरिक नहीं मिला. अगर थाने के हिसाब से देखें, तो इलेक्ट्रॉनिक सिटी में 550, परप्पना अग्रहारा में 355 और बेगुर में 339 लोगों के कागजात जांचे गए. वहीं बांडेपल्या में 244, हुलेमावु में 219 और हेब्बागोडी में 202 लोगों की चेकिंग हुई.
एक साल में 47 बांग्लादेशी किए गए डिपोर्ट
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बीते एक साल में इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन से बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े 64 मामले सामने आए. इनमें से 47 लोगों को उनके देश वापस (डिपोर्ट) भेजा जा चुका है. बाकी 17 मामलों की फाइल आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को सौंपी गई है.
फिलहाल, जिन 15 लोगों की पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई है, उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस इस मामले में सभी जरूरी रिकॉर्ड का मिलान कर रही है. जांच पूरी होने के बाद तय कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.