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चाय बनाते वक्त देशी कट्टे से लगी गोली, जोधपुर ले जाती एंबुलेंस पलटी... होटल कर्मचारी की दर्दनाक मौत

राजस्थान के नागौर में होटल कर्मचारी रामकुमार मंडल को चाय बनाते समय मजाक में दिखाए गए देशी कट्टे से गोली लग गई. इसके बाद उसे जोधपुर ले जाते समय खींवसर के पास एंबुलेंस पलट गई, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस आरोपी महिपाल विश्नोई की तलाश में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पुलिस आरोपी महिपाल की तलाश में छापेमारी कर रही है (फोटो-ITG)
पुलिस आरोपी महिपाल की तलाश में छापेमारी कर रही है (फोटो-ITG)

राजस्थान के नागौर जिले में एक होटल कर्मचारी की मौत की ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया. पहले होटल में चाय बनाते समय मजाक-मजाक में देशी कट्टे से चली गोली युवक के सीने में जा लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए जोधपुर ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में हादसे का शिकार हो गई. इस दोहरी त्रासदी में घायल युवक की मौत हो गई. 

यह घटना नागौर जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित खरनाल गांव के होटल नीलकंठ में तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई. मृतक की पहचान रामकुमार मंडल उर्फ रामदास के रूप में हुई है, जो बिहार के मधेपुरा जिले के श्रीनगर का रहने वाला था. वह पिछले तीन-चार वर्षों से होटल नीलकंठ में काम कर रहा था. पुलिस के मुताबिक, जोधपुर ग्रामीण के भोपालगढ़ थाना क्षेत्र के नांदिया प्रभावती गांव निवासी महिपाल विश्नोई अपनी गाड़ी से होटल पहुंचा और खाना खाने के बाद रामकुमार से चाय बनाने को कहा.

पुलिस जांच में सामने आया कि महिपाल और रामकुमार पहले से एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे. चाय बनाते समय दोनों के बीच हंसी-मजाक चल रहा था. इसी दौरान महिपाल ने अपना देशी कट्टा निकालकर रामकुमार को दिखाना शुरू किया. तभी अचानक कट्टे से गोली चल गई. गोली रामकुमार की छाती के दाहिने हिस्से में लगी और बाजू को चीरते हुए बाहर निकल गई. गोली लगते ही रामकुमार जमीन पर गिर पड़ा, जबकि महिपाल मौके से फरार हो गया.

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घटना के बाद मौके पर मौजूद रामप्रसाद जाट ने अपनी बोलेरो से घायल रामकुमार को तुरंत नागौर के जेएलएन अस्पताल पहुंचाया. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया. इसके बाद एक निजी एंबुलेंस से रामकुमार को जोधपुर ले जाया जा रहा था. एंबुलेंस में होटल मालिक रामप्रसाद, मृतक का भाई रणजीत कुमार और चालक राकेश भी मौजूद थे.

लेकिन रास्ते में खींवसर के पदमसर चौराहे के पास एक और बड़ा हादसा हो गया. पुलिस के अनुसार, अचानक सड़क पर गाय आ जाने से चालक ने एंबुलेंस को बचाने के लिए कट मारा. इससे एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे गड्ढे में जा घुसी और पलट गई. इस हादसे में एंबुलेंस में सवार चारों लोग घायल हो गए. सभी को खींवसर राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गोली से घायल रामकुमार ने दम तोड़ दिया. अन्य घायलों का इलाज जारी है.

मृतक के भाई रणजीत कुमार (25) ने खींवसर अस्पताल में पुलिस को रिपोर्ट दी. इसके बाद पुलिस ने होटल नीलकंठ को सील कर दिया. जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और सदर थाना प्रभारी किताब चौधरी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने होटल और आसपास के इलाके की जांच शुरू कर दी है. साथ ही हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है.

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आरोपी महिपाल विश्नोई की गिरफ्तारी के लिए नागौर, जोधपुर ग्रामीण और फलोदी जिले के सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी कर दी गई है. पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

कार्यवाहक जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने बताया कि रामकुमार होटल में पिछले तीन-चार साल से काम कर रहा था और महिपाल विश्नोई उससे परिचित था. महिपाल ने होटल में खाना खाने के बाद चाय बनाने को कहा था. इसी दौरान उसने मजाक में देशी कट्टा निकाला और देखते ही देखते उससे गोली चल गई. गोली रामकुमार के सीने में लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई.

उन्होंने बताया कि घायल को एंबुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया था, लेकिन खींवसर में पुलिया निर्माण कार्य के कारण सड़क पर अव्यवस्था थी. इसी दौरान सामने गाय आने से चालक ने वाहन मोड़ा और एंबुलेंस गड्ढे में पलट गई. खींवसर अस्पताल में इलाज के दौरान रामकुमार की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक आरोपी महिपाल की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है.

इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पहला सवाल यह है कि आखिर एक व्यक्ति खुलेआम देशी कट्टा लेकर होटल तक कैसे पहुंच गया और मजाक के नाम पर हथियार निकालने की हिम्मत कैसे हुई. यह कानून-व्यवस्था और अवैध हथियारों पर नियंत्रण की स्थिति पर सवाल उठाता है. अगर हथियार न होता तो यह हादसा शायद टल सकता था.

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दूसरी ओर, खींवसर क्षेत्र में पिछले करीब दो वर्षों से अधूरा पड़ा ओवरब्रिज, सड़क पर बने गड्ढे और निर्माण कार्य के कारण बनी अव्यवस्था भी हादसों की बड़ी वजह बन रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का गृह क्षेत्र है, इसके बावजूद निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका. एक घायल की जान बचाने निकली एंबुलेंस भी इन्हीं हालात का शिकार बन गई.

फिलहाल रामकुमार का शव खींवसर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. वहीं इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर अवैध हथियारों की बढ़ती चुनौती और अधूरे बुनियादी ढांचे से होने वाले हादसों पर गंभीर बहस छेड़ दी है.

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