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CJP प्रोटेस्ट पर भारत से सवाल करें रुबियो, 6 अमेरिकी सांसदों ने लिखी चिट्ठी

अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित अत्यधिक बल प्रयोग, दमन और गलत हिरासत के मामलों को लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो से हस्तक्षेप की अपील की है. सांसदों ने दिल्ली और अन्य हिस्सों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर चिंता जताई है.

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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में रुबियो के साथ बातचीत करेंगे
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में रुबियो के साथ बातचीत करेंगे

अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत के छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर हुए अत्यधिक बल प्रयोग का मुद्दा उठाने की अपील की है. सांसदों ने दिल्ली और भारत के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई, कथित दमन और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने को लेकर चिंता जाहिर की है. 

इन सांसदों में प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलीब, एलेनोर होम्स नॉटर्न और जीसस गार्सिया शामिल हैं. इन्होंने शुक्रवार को रुबियो को लिखे पत्र में भारत के छात्र के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई को लेकर चिंता जाहिर करते हुए यह मुद्दा उठाने की अपील की है. 

सांसदों ने आरोप लगाया कि भारत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया. उन्होंने भारतीय दूतावास और अमेरिका के अन्य शहरों में स्थित वाणिज्य दूतावासों पर भी आरोप लगाए हैं, उनका आरोप है कि इन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों की निगरानी के लिए फोटोग्राफरों को तैनात किया था. 

भारत ने की आलोचना
प्रमिला जयपाल ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का भी जिक्र किया है. उन्होंने भारत में मतदाता सूची के लोगों के नाम हटाने जाने को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया है. वहीं, अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने जयपाल की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इसे भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया. क्वात्रा ने साफ कहा कि भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करना अस्वीकार है. 

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'अमेरिका के आंतरिक मामलों पर दें ध्यान'
इसके अलावा, डेमोक्रेटिक नेता और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार अजय जैन भुटोरिया ने भी इस पत्र की आलोचना की है. उन्होंने साफ कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. वहां अपनी अदालतें हैं, स्वतंत्र प्रेस हैं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इन सांसदों को भारत के आंतरिक मामलों में उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं हैं. साथ ही, उन्होंने सांसदों के पत्र की आलोचना करते हुए उन्हें अमेरिका के आंतरिक मामलों पर ध्यान देने की हिदायत दी. 

बता दें, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में रुबियो के साथ बातचीत करेंगे और अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शामिल होने वाले हैं. 

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