
तृणमूल कांग्रेस छोड़ चुके सांसद पार्थ भौमिक की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात हुई. इसके कुछ ही घंटों बाद, पश्चिम बंगाल में उनके अपने बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र में उन्हें 'गद्दार' बताने वाले पोस्टर सामने आए, जिससे एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया.
शुक्रवार को नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) खेमे के कई तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए नेताओं ने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें कीं. उन तस्वीरों की चर्चा हो रही थी कि उसी बीच ये पोस्टर्स सामने आए.
बंगाल की राजनीति में लगभग 15 सालों से प्रमुख हस्ती रहे भौमिक ने 2011 और 2021 के बीच नैहाटी से तीन बार तृणमूल कांग्रेस के विधायक के रूप में काम किया. बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बैरकपुर से 2024 का लोकसभा चुनाव जीता.
हालांकि, चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगने के बाद, भौमिक ने पार्टी छोड़ दी और नई बनी NCPI में शामिल हो गए. उन्होंने INDIA गठबंधन से भी दूरी बना ली और बीजेपी को समर्थन दिया.
बुधवार को भौमिक ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के साथ बैठकें कीं. बैठकों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के तुरंत बाद, बैरकपुर में उनकी तस्वीर वाले पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर लिखा था- इस गद्दार से सावधान रहें.

'बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों' के नाम से लगाए गए इन पोस्टरों में भौमिक की तस्वीर दिखाई गई है और उनपर विश्वासघात का आरोप लगाया गया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस छोड़ने को लेकर राजनीतिक लड़ाई और तेज हो गई है.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, भाटपाड़ा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के हारे हुए उम्मीदवार अमित गुप्ता ने कहा कि पार्टी छोड़ने के भौमिक के फैसले से कई मतदाता नाराज हो गए थे.

गुप्ता ने कहा, 'पार्थ भौमिक अब तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं हैं. इसीलिए उन्हें गद्दार कहा जा रहा है. उन्होंने न केवल ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है, बल्कि उन पांच लाख से अधिक मतदाताओं के साथ भी धोखा किया है जिन्होंने उन्हें 2024 के चुनावों में चुना था. शायद उनमें से कुछ लोग उनके कार्यों से आहत थे, और हो सकता है कि उन्होंने ही ये पोस्टर लगाए हों.'