ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) साल 2011 से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (CM of West Bengal) हैं. 2026 विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोट से दी मात दी.
वह पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद संभालने वाली पहली महिला हैं. उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होने के बाद 1998 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्थापना की और इसकी पहली अध्यक्ष बनीं. उन्हें अक्सर लोकप्रिय नाम दीदी (Didi) कहकर संबोधित किया जाता है.
बनर्जी का जन्म जन्म 5 जनवरी 1955 (Date of Birth) को कोलकाता में एक बंगाली हिंदू ब्राह्मण परिवार (Bengali Hindu Brahmin) में हुआ था. उनके माता-पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी और गायत्री देवी थे (Mamata Banerjee Parents). बनर्जी के पिता, प्रोमिलेश्वर की मृत्यु चिकित्सा उपचार की कमी के कारण हुई, तब वह 17 साल की थीं. 1970 में, बनर्जी ने देशबंधु शिशु शिक्षालय से उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा पूरी की. उन्होंने जोगमाया देवी कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. बाद में, उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से इस्लामी इतिहास में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद, श्री शिक्षायतन कॉलेज से शिक्षा में डिग्री और जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से कानून की डिग्री हासिल की (Mamata Banerjee Education).
बनर्जी ने दो बार भारत सरकार के रेल मंत्री (Minister of Railways) के रूप में कार्य किया, वह ऐसा करने वाली पहली महिला हैं. वह भारत सरकार की कैबिनेट में पहली महिला कोयला मंत्री ( Minister of Coal) और मानव संसाधन विकास (Minister of Human Resource Development), युवा मामले और खेल (Youth Affairs and Sports), महिला और बाल विकास मंत्री (Women and Child Development) भी रही हैं. ममता तत्कालीन कम्यूनिस्ट सरकार के सिंगूर (Singur) को विशेष आर्थिक क्षेत्र ( Special Economic Zones) बनाने के लिए किसानों के भूमि अधिग्रहण नीतियों के फैसले का विरोध करके राज्य की राजनीति में प्रमुखता से उभरीं. 2011 में, बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एक शानदार जीत हासिल की और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (Communist Party of India) (Marxist) के नेतृत्व वाली 34 साल तक चली वाम मोर्चा सरकार को हराकर इतिहास रच दिया.
वह 2011 से 2021 तक भबानीपुर (Bhabanipur) से पश्चिम बंगाल विधान सभा की सदस्य थीं. 2021 विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम (Nandigram) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) से हार गईं. लेकिन उनकी पार्टी ने भारी बहुमत हासिल किया.
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @MamataOfficial है. उनके फेसबुक पेज का नाम Mamata Banerjee है और वे इंस्टाग्राम पर mamataofficial यूजरनेम से एक्टिव हैं.
पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी ने TMC सरकार, ममता बनर्जी और अरूप बिस्वास पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पांच साल तक उन्हें खेल विभाग में काम नहीं करने दिया गया और सिर्फ 'चाय-बिस्किट' तक सीमित रखा गया. तिवारी ने दावा किया कि उन्हें खेल आयोजनों से दूर रखा गया और सरकार जनता नहीं, बल्कि अपने हितों के लिए काम करती रही.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. चुनाव में सियासी मात खाने वाली ममता बनर्जी से मिलने के लिए अखिलेश यादव कोलकाता जा रहे हैं, जिसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि उनके लिए गाड़ी नहीं रुकेगी. हिमंता ने कहा कि 9 मई को बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण होने जा रहा है.
विशेष में आज बात पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के सबसे बड़े नायक शुभेंदु अधिकारी की. भारतीय राजनीति में ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं. जहां अपनों के ही हाथों सत्ता गंवानी पड़ी. चाहे वो महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे हों, असम में कांग्रेस से आए हिमंता बिस्वा सरमा हों या फिर अब बंगाल में शुभेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी की कहानी हो. शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसे के आदमी थे. और उन्हीं शुभेंदु अधिकारी ने सिर्फ 64 महीने के भीतर ममता बनर्जी से सत्ता लाकर बीजेपी के पाले में डाल दी है. और अब इस बात की पूरी संभावना है कि अगले मुख्यमंत्री भी वही होंगे.
ममता बनर्जी ने टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायकों संग मीटिंग में फिर कहा कि बीजेपी ने चुनाव में धांधली की है. उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए.
SIR Controversy में Supreme Court जाने से क्या Mamata Banerjee का इस्तीफा टल जाएगा? Constitutional Expert PDT Achary का मानना है कि इस मामले में Supreme Court of India में चल रही Proceedings का CM के इस्तीफे से कोई Direct Connection नहीं है.
चुनावी हिंसा, बूथ कैप्चरिंग, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमलों और महिलाओं की सुरक्षा को भी बड़ा मुद्दा बताया. उनके मुताबिक कई मामलों में न्याय न मिलने और सत्ता पक्ष की असंवेदनशील टिप्पणियों ने आम लोगों में गहरी नाराजगी पैदा की.
West Bengal में Election Results 2026 के बाद एक बार फिर Tension बढ़ता दिख रहा है, जहां अलग-अलग इलाकों से Violence की Reports सामने आ रही हैं. इन Incidents के बीच हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब तक तीन लोगों की मौत की खबर भी सामने आ चुकी है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव प्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कुंदरकी उपचुनाव के आंकड़ों और बंगाल चुनाव के अनुभवों का हवाला देते हुए 'मल्टीलेयर इलेक्शन माफिया मॉडल' का खुलासा किया. अखिलेश ने संस्थानों और मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए 2027 की तैयारी का संकल्प जताया.
पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने वाले बयान ने राजनीतिक बहस तेज कर दी है. हालांकि संवैधानिक जानकारों का कहना है कि विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है. चुनाव आयोग अधिसूचना जारी कर चुका है और राज्यपाल नई सरकार बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं. इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है.
भारतीय राजनीति में 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में कई क्षत्रप सामने आए. कांग्रेस को दरकिनार कर तीसरा मोर्चा बनने की मशक्कत करने वाले केसीआर से लेकर ममता बनर्जी, शरद पवार और अरविंद केजरीवाल ने अपनी ही सियासी जमीन खो दी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इनकार करने के बयान के बाद अब इस मुद्दे पर संवैधानिक और कानूनी बहस तेज हो गई है. वकील और संविधान के जानकार ज्ञानंत सिंह के मुताबिक, इस फैसले का असर संवैधानिक से ज्यादा राजनीतिक होगा. इसके अलावा, राज्यपाल के पास उन्हें हटाने का अधिकार होता है.
सीपीआई (एम) का कहना है कि टीएमसी की हार के बाद बंगाल में आतंक का माहौल खत्म हो चुका है. अब स्थिति सामान्य हो रही है. पार्टी कार्यकर्ता लोगों से मिल रहे हैं और बुरे दिन खत्म हो गए हैं.
बांग्लादेश की सत्तारूढ़ BNP ने ममता बनर्जी पर तीस्ता जल बंटवारे के समझौते को रोकने का आरोप लगाया है. BNP ने बंगाल में BJP की जीत को दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत करने वाला कदम बताया है. पार्टी ने कहा कि BJP की सरकार से तीस्ता जल विवाद का समाधान संभव है, जो लंबे समय से अटका हुआ है.
विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक 2024 के आम चुनाव से पहले केंद्र की सत्ता से बीजेपी को बेदखल कर सरकार बनाने के लिए गठित हुआ था. अब इंडिया ब्लॉक के लिए सत्ता हासिल करना बहुत दूर की बात लग रही है, अभी तो जैसे तैसे प्रासंगिक बनाए और अस्तित्व बरकार रखने की लड़ाई लड़ने की नौबत आ गई है.
पश्चिम बंगाल के चुनाव में ममता बनर्जी को हार मिली है.टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी का एक ट्वीट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने ममता और राहुल गांधी पर तंज कसा है. देवोलीना ने बीजेपी की जीत को सपोर्ट किया है.
बुधवार को छह तारीख हो चुकी है. सात मई 2026 को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. ऐसा होने पर सभी पद संवैधानिक रूप से खुद ही समाप्त हो जाएंगे. ऐसे में ममता बनर्जी खुद-ब-खुद सीएम नहीं रहेंगी. यानी वह इस्तीफा दें या न दें, विधानसभा भंग होने के बाद वह वैसे भी सीएम नहीं रहने वाली हैं.
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने और बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद जगह-जगह से हिंसा की खबरें आ रही हैं. कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद, आसनसोल तक से तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें आई हैं.
ममता बनर्जी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान वोटों की गिनती के प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए है. ममता का आरोप है कि बीजेपी ने करीब 100 सीटों पर जनादेश लूटा है. TMC ने कहा है कि वो चुनावी गड़बड़ियों की जांच करेगी और ममता ने 10 सदस्यों की एक फैक्ट फाइंडिंग टीम बनाने का ऐलान किया है.
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव नतीजों ने समाजवादी पार्टी को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है. ममता बनर्जी और एमके स्टालिन की हार के बाद अखिलेश यादव ने चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पैक (I-PAC) से दूरी बना ली है. अब पार्टी 2027 के लिए बाहरी पेशेवरों के बजाय अपने ही संगठन पर भरोसा करेगी.
अभिषक बनर्जी डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से सांसद हैं और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय महासचिव के रूप में काम कर रहे हैं. अगर प्रोफेशनल बैकग्राउंड की बात करें तो राजनीति में आने से पहले उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई (BBA/MBA) की थी, जिसका विवरण उनके चुनावी हलफनामों में भी मिलता है. फिर विवाद क्यों है, जानिए.