यूपी के संभल जिला निवासी तमन्ना मलिक 2026 की कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से गंगाजल भरकर गाजियाबाद के डासना मंदिर के लिए यात्रा कर रही हैं. वह अपने पति अमन त्यागी और साथी अलीशा बानो के साथ 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी. मुजफ्फरनगर पहुंचने पर हिंदू संगठनों और पुलिस की मौजूदगी में उन्होंने बेबाकी से मीडिया के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार देता है. संभल प्रशासन के नोटिस के बावजूद वह दोबारा कांवड़ यात्रा निकाल रही हैं.
सनातन धर्म और बुर्के पर तमन्ना मलिक का बयान
तमन्ना मलिक ने कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को पूरा इज्जत, सम्मान और जीने का अधिकार मिलता है. उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को सनातन धर्म में आने का आह्वान करते हुए कहा कि दुनिया में इससे अच्छा कोई धर्म नहीं है. बुर्का पहनने के विवाद पर उन्होंने साफ कहा कि बुर्का किसी के बाप की जागीर नहीं है और देश संविधान से चलता है, जो कपड़े पहनने की आजादी देता है.
पुलिस नोटिस पर जताया दुख, फरवरी में फिर कांवड़ का ऐलान
संभल प्रशासन द्वारा पूर्व में दिए गए नोटिस पर तमन्ना ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि जब संविधान में कोई रोक नहीं है तो पुलिस को नोटिस नहीं देना चाहिए था. उन्होंने ऐलान किया कि वह फरवरी में एक बार फिर कांवड़ यात्रा निकालेंगी. साथ ही उन्होंने बताया कि साथ चल रही अलीशा बानो को इस्लाम में इंसाफ नहीं मिला था.
पति अमन त्यागी ने दिया पत्नी का साथ, प्रशासन से की मांग
तमन्ना के पति अमन त्यागी ने कहा कि सनातन धर्म में पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ निभाते हैं, इसलिए वे अपनी पत्नी की इच्छा पूरी कर रहे हैं. उन्होंने कांवड़ियों को भला-बुरा कहने वाले मौलानाओं पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो शिवभक्त कड़ा जवाब देंगे.