संभल
संभल (Sambhal) भारतीय गणराज्य के प्रांत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का एक नया जिला है और इस जिले का मुख्यालय बहजोई शहर है. यह मुरादाबाद मंडल का एक हिस्सा है. इस जिले का क्षेत्रफल 2,453 वर्ग किलोमीटर है (Geographical Area).
संभल जिले में एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (Lok Sabha constituency) और कुल चार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र, संभल, असमोली, चंदौसी, गुन्नौर शामिल हैं(Assembly constituency).
2011 की जनगणना के मुताबिक इसकी जनसंख्या (Population) लगभग 22 लाख है और यहां प्रति वर्ग किलोमीटर 987 लोग रहते हैं (Density). यहां का लिंग अनुपात (Sex Ratio) 940 है. सम्भल की 57.00 फीसदी जनसंख्या साक्षर है (Literacy).
12वीं शताब्दी के दौरान, दिल्ली के अंतिम हिंदू शासक, पृथ्वीराज चौहान के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने यहां गजनी साम्राज्य के शासक महमूद गजनी के भतीजे गाजी सैय्यद सालार मसूद के खिलाफ दो युद्ध लड़े थे. लेकिन साक्ष्य न होने के कारण इसे व्यापक रूप से एक किवदंती के रूप में माना जाता है (History).
इसे 28 सितंबर 2011 को राज्य के तीन नए जिलों में से एक के रूप में घोषित किया गया था. पहले इसे "भीमनगर" नाम दिया गया था, बाद में इसे संभल कर दिया गया. यह जिला नई दिल्ली से 158.6 किलोमीटर और राज्य की राजधानी लखनऊ से 355 किलोमीटर दूर है (Formation and location).
संभल में बहन की विदाई के वक्त 16 वर्षीय भाई हमजा ने घर आकर फांसी लगा ली. बताया जा रहा है कि शादी के कपड़ों को लेकर परिजनों से अनबन हुई थी. परिजन बिना पुलिस को बताए शव दफनाने की तैयारी में थे, तभी पुलिस ने पहुंचकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
Sambhal News: यूपी के संभल में पुलिस ने बंगाल की 'लुटेरी दुल्हनों' के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो मुस्लिम लड़कियों का असली धर्म छिपाकर हिंदू नामों से शादियां कराता था. गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनवाकर परिवारों से लाखों रुपये ऐंठता था और शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हन गहने-नकदी लेकर फरार हो जाती थी.
संभल में बंगाल की मुस्लिम लड़कियों को हिंदू नाम और फर्जी आधार कार्ड के जरिए शादियों में उतारने वाले गैंग का खुलासा हुआ है. नूरजहां और आयशा को काजल व दिव्या बनाकर पेश किया गया. धर्म और पहचान बदलने की इस साजिश में 50 हजार से एक लाख रुपये तक की डील होती थी. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नेटवर्क को बेनकाब किया है.
संभल में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा है, जो कुंवारे युवकों को शादी का झांसा देकर लूट लिया करता था. यह गैंग पश्चिम बंगाल से महिलाओं को लाकर उनके फर्जी आधार कार्ड बनवाता और फिर मोटी रकम लेकर उनकी शादी करवा देता था. शादी के महज कुछ ही दिनों बाद ये दुल्हनें जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थीं.
संभल जिले के पतरौआ गांव में बंगाल की लुटेरी दुल्हनों ने कई परिवारों को निशाना बनाया. मैरिज ब्रोकर काजल के जरिए कराई गई चार शादियों के बाद तीन दुल्हनें जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं. चौथी दुल्हन को भागने से पहले पकड़ लिया गया. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.
संभल हिंसा के मास्टरमाइंड और कुख्यात ऑटो लिफ्टर शारिक साठा गैंग के गुर्गे की मणिपुर से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. संभल एसपी केके विश्नोई ने बताया कि शारिक साठा पर 69 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए सभी एंगल से जांच की जा रही है.
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के पद पर नई नियुक्ति की गई है. हाईकोर्ट द्वारा गुरुवार रात जारी की गई नई लिस्ट के अनुसार, कौशांबी के CJM दीपक कुमार जायसवाल का तबादला कर उन्हें संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है.
संभल हिंसा मामले में तत्कालीन ASP अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश देने वाले सीजेएम विभांशु सुधीर का अचानक तबादला चर्चा में है. 12 साल में आठवीं बार ट्रांसफर और एक पद नीचे भेजने को लेकर भी सवाल उठे हैं. विपक्ष ने इसे न्यायपालिका पर दबाव बताया, जबकि चंदौसी में वकीलों ने तबादले के खिलाफ प्रदर्शन कर न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा की मांग की है.
संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.
संभल में पुलिस द्वारा FIR के आदेश के कारण CJM के तबादले पर सियासी आरोप लगाए जा रहे हैं. न्यायपालिका में तबादले-तैनाती के मामले में हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाना भी वाजिब माना जा रहा है. संभल में होने वाली घटनाओं पर राजनीतिक हलचल तेज है और हर छोटी या बड़ी घटना सियासी तौर पर उठाई जा रही है. इस मामले में BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी. देखें...
संभल में हुए दंगे के बाद से लगातार सियासत की बहस जारी है. दंगे के मुख्य आरोपी के घर कुर्की के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच नारेबाजी हुई. वकीलों का आरोप है कि पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने वाले सीजेएम का तबादला सियासी दबाव की वजह से किया गया है. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. 24 दिसंबर और 9 जनवरी को पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर के आदेश देने के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद बढ़ गया.
संभल जिले में चौबीस ग्यारह चौबीस की हिंसा और हत्या के मुख्य फरार अभियुक्त शारिक उर्फ साठा के खिलाफ धारा पच्चीस बीएनएसएस के तहत कुर्की की कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं. माननीय न्यायालय सीजेएम संभल, चंदोसी के आदेश के अनुसार सारिक की चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है.
संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा पर पुलिस और कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. उसका गैंग दुबई से ऑपरेट हो रहा है. उसके खिलाफ 69 आपराधिक केस दर्ज हैं. उसके ISI कनेक्शन की आशंका ने मामले को गंभीर बना दिया है. जानें संभल के इस डॉन की पूरी कहानी.
आज संभल में शारिक उर्फ साठा के घर पर कड़की कारवाई की जा रही है. यह कार्रवाई उन गंभीर आरोपों के चलते हुई है जिनके अनुसार दुबई में बैठे आरोपितों ने हिंसा की साजिश रची थी. परिवार के लोग अपने घर की संपत्ति और दिल की तकलीफ का जिक्र कर रहे हैं. वे कहते हैं कि यह कारवाई गलत है और आरोप गलत हैं.
संभल में शारिक साठा के घर कुर्की पर परिवार वालों के प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसके साथ हमारी बातचीत बहुत समय से नहीं हुई है. उनके पति गाड़ी चलाते है. और वह घर से नौ साल से गायब है इस दौरान कभी कोई बातचीत नहीं हुई और न ही घर की महिलाओं ने कभी बात की है.
उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के खिलाफ पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है. शारिक साठा के नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय स्थित पजाया मोहल्ले में पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है. यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब शारिक साठा लंबे समय से फरार था और पुलिस तथा एसआईटी उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी.
संभल के सिविल जज विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर तबादला हो गया है. संभल के नए CJM के रूप में आदित्य सिंह को नियुक्त किया गया है जिन्होंने जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने पर सुनवाई की थी और मस्जिद सर्वे का आदेश दिया था. विभांशु सुधीर का तबादला इस लिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे संभल के एसपी ने अस्वीकार किया था.
संभल के CJM विभांशु सुधीर के तबादले पर वकीलों ने 'जज साहब को वापस लाओ' के नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया. उन्होंने हाल ही में संभल हिंसा मामले में ASP समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश दिया था. फैसले के कुछ ही घंटों बाद हुए इस ट्रांसफर को लेकर अब तीखी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
यूपी के संभल में सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश और प्रशासनिक विरोध के बीच हुए इस ट्रांसफर ने हलचल मचा दी है. जानिए 2025 से अब तक इस पूरे मामले की टाइमलाइन...
संभल के एसपी केके बिश्नोई ने आज तक से खास बातचीत में खुलासा किया है कि 24 दिसंबर की हिंसा का मास्टरमाइंड शारिक चार राज्यों का वॉन्टेड अपराधी है. वह दुबई में बैठकर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा है, जिसके खिलाफ अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है.
संभल पुलिस ने आज दुबई में छिपे मोस्ट वांटेड गैंगस्टर और संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा का घर कुर्क कर लिया. 69 मुकदमों के आरोपी साठा पर हिंसा भड़काने, हथियार सप्लाई करने और पाकिस्तान निर्मित कारतूसों के जरिए साजिश रचने का गंभीर आरोप है. पुलिस ने उसके तीन गुर्गों को पहले ही जेल भेज दिया है.