संभल (Sambhal) उत्तर प्रदेश के संभल जिले का मुख्य शहर है. यह राज्य के रोहिलखंड क्षेत्र में, मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत स्थित है. संभल राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से लगभग 158 किलोमीटर पूर्व और राज्य की राजधानी लखनऊ से करीब 355 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है. वहीं, मुरादाबाद शहर यहां से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर है.
इसे 28 सितंबर 2011 को राज्य के तीन नए जिलों में से एक के रूप में घोषित किया गया था. पहले इसे "भीमनगर" नाम दिया गया था,
संभल का इतिहास काफी पुराना माना जाता है. हिंदू धार्मिक ग्रंथों जैसे महाभारत, स्कंद पुराण, भविष्य पुराण और कल्कि पुराण में संभल का उल्लेख शंभल नाम से मिलता है. इन ग्रंथों के अनुसार, भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार कल्कि का जन्म यहीं होने की मान्यता है. इसी कारण शहर में श्री कल्कि विष्णु मंदिर भी स्थित है.
इतिहासकारों के अनुसार, संभल मध्यकाल में एक महत्वपूर्ण नगर था. 13वीं और 14वीं शताब्दी के दौरान यह दिल्ली सल्तनत का हिस्सा बना. बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक और फिर फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में भी यह क्षेत्र प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण रहा. 15वीं शताब्दी में सिकंदर लोदी ने कुछ समय के लिए संभल को अपनी राजधानी बनाया था.16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट बाबर ने इस क्षेत्र पर अधिकार किया. बाबर के शासनकाल से जुड़ी कई ऐतिहासिक जानकारियां बाबरनामा में भी मिलती हैं. इसके बाद हुमायूं, अस्करी मिर्जा और अकबर के समय में भी संभल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा. हालांकि बाद में शाहजहां के शासनकाल में क्षेत्रीय प्रशासनिक केंद्र मुरादाबाद स्थानांतरित होने के बाद संभल का राजनीतिक महत्व कम हो गया.
संभल में पुरानी रंजिश को लेकर दो परिवारों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. लाठी-डंडे और पत्थरबाजी के बीच एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया और उसके कान में करीब पांच फीट लंबा सरिया घुसा दिया गया. घायल युवक को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से अलीगढ़ हायर सेंटर रेफर किया गया.
संभल में ASI और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जामा मस्जिद से करीब 500 मीटर दूर मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया. टीम ने निर्माण और जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाई और मौके की फोटोग्राफी की. शिकायत में बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जमीन को लेकर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन टीम ने गाटा संख्या 116 स्थित मस्जिद का निरीक्षण नहीं किया.
संभल में ASI और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जामा मस्जिद से करीब 500 मीटर दूर मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया. टीम ने जमीन और निर्माण से जुड़ी जानकारी जुटाई, लेकिन शिकायत में उल्लेखित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निरीक्षण नहीं किया. इलाके में ड्रोन और CCTV से भी निगरानी रखी गई
संभल के शेर खां सराय इलाके में 50 करोड़ की जमीन को SDM कोर्ट ने दोबारा आर्य समाज मंदिर और ग्राम समाज के नाम कर दिया है. इस फैसले के बाद इस जमीन से अब अवैध रूप से दर्ज मुस्लिम नाम हट गए हैं. इसके साथ ही प्रशासन ने कब्जाधारियों को जमीन खाली करने की चेतावनी दी है.
UPSC में सफलता नहीं मिली तो संभल के बृजकिशोर यादव ने शिक्षक बनने का फैसला किया. 2009 में शिक्षक और 2015 में प्रधानाध्यापक बने. उन्होंने जन सहयोग से स्कूल का कायाकल्प किया, नामांकन 425 तक पहुंचाया और उपस्थिति करीब 90% की. स्मार्ट स्क्रीन, ICT लैब और भारतीय ज्ञान परंपरा से शिक्षा के प्रयासों ने उन्हें अध्यापक राज्य पुरस्कार तक पहुंचाया.
संभल में अवैध मजार पर प्रशासन ने एक्शन लिया और बुलडोजर से मजार को ढहा दिया. आरोप है कि यहां ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा करते ये मजार बना दी गई थी. दरअसल, संभल जिला प्रशासन अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला रहा है. इसी क्रम में लेखपाल ने अपनी एक रिपोर्ट में इस मजार के बारे में बताया. जिसके बाद ये कार्रवाई हुई. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश के संभल में प्रशासन ने सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है. नीमखेड़ा बझेड़ा गांव में चरागाह की भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई मजार को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है. मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
संभल में अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. हयातनगर क्षेत्र के दतावली गांव में पीएसी बटालियन के लिए खरीदी गई जमीन पर बने मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. जमीन के दूसरे हिस्से में हो रही खेती को भी ट्रैक्टर चलाकर हटाया गया.
यूपी के संभल के दतावली गांव में PAC बटालियन के लिए खरीदी गई जमीन से प्रशासन ने कथित अवैध कब्जा हटाया. जमीन के एक हिस्से में बने मजार को हटाया गया, जबकि खेती भी साफ कराई गई. कार्रवाई के बाद करीब 407 बीघा जमीन PAC अधिकारियों को सौंप दी गई.
यूपी के संभल में जामा मस्जिद के पिछले इलाके में महायोजना 2031 के तहत चौड़ीकरण के लिए 36 दुकानों और मकानों को नोटिस जारी किया गया है. प्रशासन का कहना है कि ये निर्माण बिना नक्शा के हुए हैं. एसडीएम विकास चंद्र और जेई ने इसकी जांच की थी. अब डीएम के निर्देश पर नोटिस देकर 7 दिन में जवाब मांगा गया है.
संभल में बारावफात के जुलूस को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मंगलवार देर रात एसपी खुद पुलिस फोर्स के साथ सड़कों पर उतरे और पैदल मार्च किया. शहर के मुख्य इलाकों के साथ चुनिंदा हॉटस्पॉट का जायजा लिया गया. जुलूस के दौरान CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी, सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी.
संभल के SP रहे IPS केके बिश्नोई की विदाई के दौरान जब उनकी आंखों से आंसू छलके तो पास बैठे DM अंकित खंडेलवाल भी खुद को नहीं संभाल सके. यह भावुक पल अब चर्चा में है. लेकिन आखिर कौन हैं IAS अंकित खंडेलवाल? 2017 बैच के IAS और UPSC में 41वीं रैंक हासिल करने वाले खंडेलवाल पहले IPS भी रह चुके हैं.
संभल में करीब 1 साल 11 महीने का कार्यकाल पूरा करने के बाद IPS कृष्ण कुमार विश्नोई का बिजनौर तबादला हो गया. शनिवार को बहजोई पुलिस लाइन में आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने 24 नवंबर 2024 की संभल हिंसा को याद किया और पुलिसकर्मियों के टीमवर्क की सराहना की.
संभल में करीब 1 साल 11 महीने तक पुलिस की कमान संभालने वाले आईपीएस कृष्ण कुमार विश्नोई का बिजनौर तबादला हो गया. शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित विदाई समारोह में संभल हिंसा समेत अपने कार्यकाल की चुनौतियों को याद करते हुए वह भावुक हो गए. उनकी आंखों में आंसू देखकर डीएम अंकित खंडेलवाल भी भावुक नजर आए. विश्नोई ने पुलिस टीम के सामूहिक प्रयासों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया.
IPS KK Bishnoi Emotional Farewell: संभल के चर्चित SP केके बिश्नोई की विदाई का एक बेहद भावुक वीडियो सामने आया है. बिजनौर तबादले पर जब पुलिस लाइन में विदाई समारोह हुआ तो 24 नवंबर की हिंसा को याद कर केके बिश्नोई रो पड़े. वहीं उनकी आईपीएस पत्नी अंशिका वर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद खास संदेश लिखा है...
IPS KK Bishnoi emotional: संभल में 1 साल 11 महीने का कार्यकाल पूरा कर बिजनौर के लिए रवाना हुए IPS केके बिश्नोई की विदाई ने सबको भावुक कर दिया. समारोह में बोलते-बोलते उनकी आंखें भर आईं, तो पास बैठे DM अंकित खंडेलवाल ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला और पुलिसकर्मियों ने सजी हुई गाड़ी को धक्का देकर सम्मान के साथ विदाई दी.
संभल के चर्चित एसपी केके बिश्नोई का तबादला बिजनौर कर दिया गया। 22 अगस्त को आयोजित विदाई समारोह में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए वह भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला और खुद भी भावुक हो गए।
संभल की शाही जामा मस्जिद के आसपास 36 मकान और दुकानों को कथित तौर पर बिना मंजूर नक्शे के निर्माण के मामले में नोटिस जारी किए जाएंगे. प्रशासन ने संभल मास्टर प्लान 2031 के तहत करीब एक सप्ताह पहले इलाके का निरीक्षण किया था. अधिकारियों को कई जगह सड़क पर अतिक्रमण भी मिला. प्रशासन के मुताबिक पहले संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा.
संभल के सिरसी कस्बे में मंदिर की जमीन पर दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर 72 वर्ग मीटर क्षेत्र में निजी स्ट्रक्चर बनाया गया था. प्रशासन ने धारा 67 के तहत बुलडोजर से अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की है.
संभल में जामा मस्जिद के आसपास बने मकान और दुकानों की अब पैमाइश हो रही है. वजह है महायोजना 2031... प्रशासन ने इलाके में ऐसे निर्माणों की पड़ताल शुरू की है, जिनके नक्शे पास नहीं कराए गए हैं. शुरुआती जांच में करीब दो दर्जन मकान और दुकानों के नक्शे नहीं मिले. अब इन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है. टीम मौके पर पहुंची और निर्माण की नपाई भी शुरू कर दी.
उत्तर प्रदेश में 9 IPS अफसरों के तबादले किए गए हैं. इस फेरबदल में 7 जिलों के SP-SSP बदले गए हैं. संभल के चर्चित SP केके बिश्नोई को बिजनौर भेजा गया है, जबकि कई अन्य जिलों में भी नई तैनाती की गई है.