शुक्र
शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है (second planet from the Venus). इसका नाम प्रेम और सुंदरता की रोमन देवी विनस के नाम पर रखा गया है. शुक्र की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से छोटी है, लेकिन इसकी अधिकतम लम्बाई 47° है. इस प्रकार, इसे न केवल सुबह या शाम को सूर्य के पास देखा जा सकता है, बल्कि सूर्योदय या सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले या बाद में, पर्यवेक्षक के अक्षांश और शुक्र और सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है. ज्यादातर इसे सुबह या शाम को देखा जा सकता है. कभी-कभी यह पूरी तरह से अंधेरे आकाश में भी देखा जा सकता है (Venus).
Shukra Gochar 2026: 6 फरवरी को शुक्र का कुंभ राशि में गोचर होगा, जहां पहले से राहु मौजूद हैं. कुंभ राशि में राहु-शुक्र की युति कई राशियों के लिए लाभकारी मानी जा रही है. इन लोगों की आय में बढ़ोतरी हो सकती है. पैतृक संपत्ति का लाभ भी मिल सकता है.
6 फरवरी को सूर्य और शुक्र क्रमश: राशि व नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं. शुक्र मकर से कुंभ में प्रवेश करेंगे, जबकि सूर्य धनिष्ठा नक्षत्र में जाएंगे. ज्योतिष अनुसार, यह दुर्लभ संयोग तीन राशि के जातकों को भाग्यशाली बना सकता है.
6 फरवरी को शुक्र कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से राहु मौजूद है. शनि के स्वामित्व वाली कुंभ राशि में शुक्र-राहु की युति से अपार धन योग बनेगा. ज्योतिष के अनुसार यह शुभ योग तीन राशियों को आर्थिक मोर्चे पर जबरदस्त लाभ दे सकता है.
4 मार्च को होली है और 2 मार्च को शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में शुक्र उच्च के माने जाते हैें. मीन राशि मे शुक्र-शनि की युति भी होगी, जो तीन राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है. आइए इन लकी राशियों के बारे में जानते हैं.
आज शुक्र ग्रह मकर राशि में उदयवान हो गए हैं. शुक्र देव 12 अक्टूबर 2026 तक लगभग 9 महीने इसी अवस्था में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, उदयवान शुक्र चार राशियों के सौभाग्य, धन और सुख में वृद्धि कर सकता है.
6 फरवरी को शुक्र का कुंभ राशि में गोचर होगा, जहां पहले से राहु मौजूद है. शुक्र-राहु की यह युति 2 मार्च तक रहेगी. राहु-शुक्र की इस युति को तीन राशि के जातकों के लिए बहुत ही अशुभ माना जा रहा है.
6 फरवरी को शुक्र मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करने वाले हैं और 2 मार्च तक वहीं रहेंगे, कुंभ में पहले से राहु और शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. इसलिए कुंभ राशि में शुक्र-राहु की युति बनेगी जो तीन राशियों के लिए भाग्य, धन और सुख के द्वार खोलेगी.
1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन शुक्र देव मकर राशि में उदय होंगे. लगभग नौ महीने तक उदयावस्था में रहने के बाद शुक्र 12 अक्टूबर को पुन: अस्त हो जाएंगे. इस दौरान शुक्र तीन राशि में धन लाभ, मान-सम्मान और पारिवारिक सुख की दृष्टि बनाए रखेंगे.
Shukra Uday 2026: फरवरी 2026 की शुरुआत शुक्र ग्रह के उदय से होने जा रही है, जिसके साथ ही शादी, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत होगी. शुक्र उदय और कुंभ राशि गोचर के कारण फरवरी में कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं.
केतु ने 25 जनवरी को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश किया है, जहां वे 29 मार्च तक रहेंगे. शुक्र के इस नक्षत्र में केतु का प्रवेश चार राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. चैत्र नवरात्र तक इन राशियों को लाभ, सफलता और बाधाओं से राहत मिलने की संभावना है.
23 फरवरी को कुंभ राशि में मंगल और शुक्र मिलकर धनशक्ति राजयोग बनाने वाले हैं. इससे पहले 6 फरवरी को शुक्र और फिर मंगल का गोचर होने वाला है. इस दौरान सूर्य, बुध और राहु भी साथ रहेंगे. यह योग तीन राशि के जातकों को आर्थिक लाभ दे सकता है.
कुंभ राशि में मंगल और शुक्र की विशेष युति बनने वाली है. 6 फरवरी को कुंभ राशि में शुक्र और 23 फरवरी को मंगल के गोचर से यह संयोग बनेगा. ज्योतिष अनुसार, यह युति तीन राशियों के लिए बेहद शुभ है. इन राशियों में भाग्य, धन और उन्नति के योग बनेंगे.
Laxmi Narayana Rajyog 2026: फरवरी में कुंभ राशि में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने वाला है. यह लक्ष्मी नारायण राजयोग 6 फरवरी से लेकर 2 मार्च तक प्रभावी रहने वाला है. करीब 30 दिनों तक यह राजयोग चार राशियों को धन और प्रगति का लाभ देगा.
1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन शुक्र उदय होने वाले हैं और करीब 9 महीने इसी अवस्था में रहेंगे. शुक्र अब 12 अक्टूबर यानी दिवाली से ठीक पहले अस्त होंगे. इन 9 महीनों में शुक्र चार राशि वालों की आर्थिक परेशानियां दूर करेंगे. व्यापार, निवेश में अचानक मुनाफा अर्जित करेंगे.
Ardha Kendra Yog 2026: 28 जनवरी 2026 को शनि और शुक्र के बीच अर्धकेंद्र योग बनेगा, जो 30 साल बाद हो रहा है. यह योग कई राशियों के लिए लाभकारी माना जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार, इस संयोग के बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, सफलता के नए अवसर मिलेंगे और जीवन में तरक्की के योग बनेंगे.
1 फरवरी को शनि और शुक्र 40 डिग्री के विशेष कोण पर स्थित होकर चालीसा योग बनाएंगे. ज्योतिष के अनुसार, यह दुर्लभ संयोग चार राशियों के लिए अत्यंत शुभ रहने वाला है. इस दौरान आपके भाग्य में सुधार, रुके हुए कार्यों में गति और जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं.
Laxmi Narayana Rajyog 2026: फरवरी की शुरुआत में कुंभ राशि में शुभ राजयोग बनने जा रहा है. 3 फरवरी को बुध और 6 फरवरी को शुक्र के गोचर से कुंभ राशि में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा. ज्योतिष अनुसार यह शुभ योग चार राशियों के लिए धन, समृद्धि और तरक्की के प्रबल अवसर लेकर आएगा.
Shukra Asta 2026: अभी शुक्र तारा अस्त चल रहा है. शुक्र ग्रह 31 दिसंबर 2025 को अस्त हुआ था. शुक्र 1 फरवरी 2026 को उदयवान होंगे. उसके बाद ही विवाह का मुहूर्त खुलेगा. इस साल ज्येष्ठ मास में अधिक मास भी पड़ने वाला है. ऐसे में 17 मई से लेकर 15 जून तक भी शादी-विवाह का मुहूर्त बंद रहेगा.
Shukra Gochar 2026: शुक्र ग्रह का 6 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में प्रवेश कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है. इस दौरान कई राशियों को आर्थिक मजबूती, करियर में नए अवसर और पारिवारिक रिश्तों में सुधार की उम्मीद है.
28 जनवरी की सुबह शुक्र और शनि 45 डिग्री पर आकर दुर्लभ अर्ध केंद्र योग बनाने वाले हैं. इस दौरान शनि मीन और शुक्र मकर राशि में रहेंगे, जहां पहले से चतुर्ग्रही योग भी बना हुआ है. ज्योतिषविदों के अनुसार, यह संयोग कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ और लाभदायक साबित हो सकता है.
15 जनवरी 2026 को शुक्र और शनि 60 डिग्री कोण पर स्थित होकर दुर्लभ लाभ दृष्टि योग बनाएंगे. ज्योतिष के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में बनने वाला यह विशेष संयोग तीन राशियों के लिए अत्यंत शुभ रहेगा और उन्हें धन, सुख, समृद्धि व उन्नति के कई अवसर प्रदान कर सकता है.