शुक्र
शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है (second planet from the Venus). इसका नाम प्रेम और सुंदरता की रोमन देवी विनस के नाम पर रखा गया है. शुक्र की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से छोटी है, लेकिन इसकी अधिकतम लम्बाई 47° है. इस प्रकार, इसे न केवल सुबह या शाम को सूर्य के पास देखा जा सकता है, बल्कि सूर्योदय या सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले या बाद में, पर्यवेक्षक के अक्षांश और शुक्र और सूर्य की स्थिति पर निर्भर करता है. ज्यादातर इसे सुबह या शाम को देखा जा सकता है. कभी-कभी यह पूरी तरह से अंधेरे आकाश में भी देखा जा सकता है (Venus).
6 नवंबर को धनतेरस है और इस दिन शुक्र के तुला राशि में रहने से मालव्य राजयोग रहने वाला है. मालव्य राजयोग को पंच महापुरुष राजयोगों में से एक माना जाता है. आइए जानते हैं कि धनतेरस के दिन यह शुभ योग किन राशियों को लाभ देने वाला है.
29 अक्टूबर को करवा चौथ से पहले ही तुला राशि में बुध और शुक्र अस्त हो गए हैं. ज्योतिष में शुक्र को दांपत्य सुख, आकर्षण, सौन्दर्य और प्रेम के कारक माना गया है. जबकि बुध को बुद्धि, वाणी, संचार और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है. बुध और शुक्र का अस्त होना चार राशियों के लिए अशुभ माना जा रहा है.
इस साल करवा चौथ का त्योहार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागनें पति की लंबी उम्र सुखी दांपत्य जीवन के लिए निर्जला उपवास करती हैं. हालांकि इस बार करवा चौथ पर शुक्र अस्त होने वाला है और इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा.
29 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा. ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस दिन सुबह शुक्र उदित होंगे. ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सौंदर्य और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है. इस दौरान ग्रहों की विशेष स्थिति के चलते वृषभ, मिथुन, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए अनुकूल संकेत बताए जा रहे हैं. हालांकि, रिश्तों में बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए बातचीत और आपसी समझ जरूरी होगी.
29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन शुक्र उदित होने वाले हैं. इस वक्त वक्री शुक्र तुला राशि में सूर्य के नीचत्व को भी भंग कर रहा है. यह दुर्लभ संयोग पांच राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. आइए इन लकी राशियों के बारे में जानते हैं.
शुक्र 14 अक्टूबर को तुला राशि में अस्त होने वाला है. ज्योतिषविदों का कहना है कि शुक्र 14 से 30 अक्टूबर तक अस्त रहेंगे और इस अवधि में चार राशियों को आर्थिक मोर्चे नुकसान देंगे. इसलिए इन राशियों को महीने के अंत तक बहुत संभलकर रहने की सलाह दी जा रही है.
Shukra Asta 2026: 14 अक्टूबर से शुक्र तुला राशि में अस्त होने वाले हैं. इसके बाद शुक्र 30 अक्टूबर को उदयवान होंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि यह परिवर्तन चार राशियों को आर्थिक मोर्चे पर लाभ देने वाला साबित हो सकता है.
Shukra Uday 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 30 अक्टूबर 2026 को भौतिक सुख और वैभव के कारक शुक्र ग्रह उदित होने जा रहे हैं. शुक्र का यह उदय मेष, वृषभ, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों के जीवन में ढेरों खुशियां लेकर आ रहा है.
Shukra Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 यानी आज से सुख और वैभव के कारक शुक्र ग्रह तुला राशि में वक्री होने जा रहे हैं. अगले 42 दिनों तक रहने वाली इस उल्टी चाल से कई जातकों को धन, करियर और प्रेम के मामले में विशेष लाभ मिलने वाला है.
शुक्र ने 2 सितंबर को तुला राशि में गोचर किया था और अब 6 सितंबर तक इसी राशि में संचरण करने वाले हैं. तुला राशि में रहते हुए शुक्र कई राशियों के लिए आर्थिक और पारिवारिक जीवन में अच्छे बदलाव के संकेत दे रहे हैं. जबकि तीन राशियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
शुक्र 3 अक्टूबर को वक्री होने जा रहे हैं और 14 नवंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे. ज्योतिषविदों का कहना है कि इस अवधि में मेष, मिथुन और कर्क राशि वालों को करियर, कारोबार, रिश्तों और आर्थिक मामलों में लाभ हो सकता है.
इस विशेष ज्योतिषीय कार्यक्रम में ज्योतिष विशेषज्ञ शैलेंद्र पांडे शुक्र ग्रह के विभिन्न शुभ योगों और उनके हमारे जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहे हैं. शुक्र ग्रह को ज्योतिष में सुख, सौंदर्य, प्रेम और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है. जब कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को जीवन में हर प्रकार का भौतिक सुख और वैभव प्राप्त होता है. इस चर्चा में मुख्य रूप से मालव्य योग, शुक्र-चंद्रमा की युति और चतुर्थ भाव में शुक्र की स्थिति के महत्व को समझाया गया है. देखें भाग्य चक्र.
Shukra Vakri 2026: दिक ज्योतिष के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को धन और वैभव के कारक शुक्र अपनी स्वराशि तुला में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. शुक्र के इस बदलाव से कई राशियों पर खतरा मंडरा रहा है. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
शुक्र ग्रह 3 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में वक्री होने वाले हैं और 14 नवंबर तक इसी अवस्था में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार इस दौरान प्रेम, धन, सुख-सुविधाओं और साझेदारी से जुड़े मामलों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. चार राशियों सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. खर्च, कामकाज, रिश्तों और निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर माना गया है.
Shukra Ki Ulti Chaal 2026: ज्योतिष शास्त्र में जितना महत्वपूर्ण शुक्र का गोचर होता है, उतना ही शुक्र की वक्री चाल भी है. शुक्र उल्टी चाल पूरे 18 महीने बाद बदलने जा रहे हैं. जो आइए जानते हैं कि शुक्र की वक्री चाल किन राशियों के लिए बढ़िया रहने वाली है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र देव को धन, ऐश्वर्य, प्रेम और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है. 3 अक्टूबर से शुक्र वक्री चाल शुरू करेंगे, जो 14 नवंबर तक रहेगी. इस दौरान चार राशियों के लिए धन, करियर, व्यापार और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के योग बताए जा रहे हैं. वृषभ, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों को पुराने कामों में फायदा मिल सकता है.
इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा. ज्योतिष गणना के अनुसार इस दौरान चार ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे. शनि, राहु और केतु पहले से वक्री हैं, जबकि 3 अक्टूबर को शुक्र भी उल्टी चाल चलेंगे. एक साथ चार ग्रहों का वक्री होना खास संयोग माना जा रहा है. ज्योतिषविदों के अनुसार इसका असर सिंह, वृश्चिक, मकर और मीन राशि वालों पर देखने को मिल सकता है.
शुक्र को ज्योतिष में प्रेम, सौंदर्य, धन और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. सितंबर में तुला राशि में प्रवेश करने के बाद शुक्र 6 नवंबर 2026 तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कन्या, तुला, कुंभ, मकर और धनु राशि के जातकों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव की संभावना बताई जा रही है.
शुक्र ग्रह 3 अक्टूबर को वक्री होने जा रहे हैं. इसके बाद शुक्र 14 नवंबर तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र की इस उल्टी चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ेगा. लेकिन मेष, मिथुन और कर्क राशि के जातकों पर शुक्र की शुभ दृष्टि रहेगी.
Shukra Vakri 2026: शुक्र देव 3 अक्टूबर से लेकर 14 नवंबर तक वक्री चाल चलेंगे. शुक्र की उल्टी चाल कई राशियों के लिए चुनौतियां लेकर आ सकती हैं. इनके लिए संवाद, खर्च, करियर, निवेश और अचानक आने वाली परिस्थितियों में सावधानी बरतना जरूरी होगा.
Shukra Asta 2026: 23 सितंबर से शुक्र देव अस्त अवस्था में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, इस अवधि में शुक्र की वक्री चाल 4 राशियों के लिए वरदान साबित होगी और संचित धन में वृद्धि करेगी. जानें किस राशि की किस्मत चमकेगी.