Mamata Banerjee SIR Supreme court SIR पर सुप्रीम कोर्ट में अब से कुछ देर बाद अहम सुनवाई होनी है. इस दौरान कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता खुद मौजूद रहेंगी जिसके लिए वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं.. सुनवाई से पहले टीएमसी ने सीएम ममता का एक पोस्टर सोशल मीडिया पर किया पोस्ट किया है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ती दिखाई दे रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीजेआई से दलीलें पेश करने की अनुमति मांगी है. ममता बनर्जी ने EC के खिलाफ खोला मोर्चा खोलते हुए कहा है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त के महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया तो मैं समर्थन करूंगी.
दरअसल, पश्चिम बंगाल में SIR के खिलाफ TMC ने लगातार मोर्चा खोल रखा है. दो टीएमसी सांसदों के साथ-साथ खुद सीएम ममता बनर्जी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है. जिसमें SIR को मनमाना और खामियों से भरा बताते हुए इसे रोकने की मांग की गई है. उधर, TMC के इस आक्रामक रुख के बीच बीजेपी भी हमलावर है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि TMC बंगाल में घुसपैठियों के वोट कटने से डरी हुई है...और इसी वजह से SIR प्रक्रिया का विरोध कर रही है.
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ममता बनर्जी के मामले पर अब लंच के बाद सुनवाई हो सकती है.SC बेंच के मामलों का शेड्यूल बदला गया.पहले इस बेंच को सिर्फ दोपहर 1 बजे तक बैठना था लेकिन अब बेंच पूरे दिन बैठेगी. (इनपुट-अनीशा)
सुप्रीम कोर्ट में SIR की सुनवाई से पहले ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की. ममता बनर्जी ने ECI को वोटर लिस्ट से कोई भी नाम हटाने से रोकने के लिए कोर्ट से तुरंत निर्देश देने की मांग की है. ताज़ा अर्जी में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम काटे जाने का खतरा है. अर्जी में कहा गया है कि ECI ने लोगों के आवेदनों में मामूली गलतियों के लिए भी कई लोगों को सर्कुलर जारी किए हैं ममता ने SC से तीन मुख्य गुहार लगाई है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि 2022 की वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी वोटर का वोट देने का अधिकार न छीना जाए. (इनपुट- संजय शर्मा)
ममता बनर्जी जैसे ही वह सुप्रीम कोर्ट (SC) में दाखिल हुईं, बनर्जी को अपनी टीम से कहते हुए सुना गया,“मैं पीछे बैठूंगी, बिल्कुल पीछे.” दिलचस्प दृश्य ये रहा कि चुनाव आयोग (EC) से मुलाकात के दौरान बनर्जी ने काली शॉल ओढ़ी हुई थी. उनके प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों, जिनमें कथित SIR पीड़ित भी शामिल थे, को भी ऐसी ही काली शॉल दी गई थी. आज सुप्रीम कोर्ट में वह काला स्टोल लिए नजर आईं.
सुप्रीम कोर्ट में SIR की सुनवाई और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के SC के सामने पेश होने पर, शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "...जिस तरह से पश्चिम बंगाल और दूसरे चुनाव वाले राज्यों में SIR किया जा रहा है, वह एकतरफा तरीके से किया जा रहा है. चुनाव आयोग वही कर रहा है जो BJP उनसे करने को कह रही है. ED, CBI और IT पहले से ही यह कर रहे थे अब EC भी इसमें शामिल हो गया है. मैं ममता बनर्जी जो कर रही हैं, उसका समर्थन करती हूं. वह सामने से कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं. अगर BJP की यह मनमानी जारी रही, तो हम यह लड़ाई लड़ेंगे."
ममता बनर्जी अपने आवास से सुप्रीम कोर्ट लिए रवाना हो गई हैं. ममता बनर्जी के साथ अभिषेक बनर्जी भी मौजूद हैं. CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल पंचोली की बेंच आज इस मामले की सुनवाई करेगी. (इनपुट- श्रेया)
आज होने वाली 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) मामले की अहम सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क, भगवान दास रोड पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. पुलिस ने बैरिकेडिंग और सघन चेकिंग के जरिए घेराबंदी की है. (इनपुट- नलिनी)
ममता बनर्जी कानून स्नातक यानी LLB डिग्री होल्डर हैं. लेकिन उन्होंने किसी State Bar Council में Enrollment नहीं कराया. All India Bar Examination (AIBE) पास नहीं किया. Bar Council of India से Certificate of Practice (CoP) नहीं लिया. इसीलिए वे प्रैक्टिसिंग एडवोकेट नहीं मानी जातीं.कानूनी भाषा में कहें तो ममता बनर्जी Law Graduate हैं. लेकिन एडवोकेट नहीं हैं.
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सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट में मामले में बहस करने के लिए CJI से इजाज़त मांग सकती हैं. ममता ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के तौर-तरीकों और प्रक्रिया से पूरी तरह वाकिफ हैं और तय नियमों और चलन के मुताबिक व्यवहार करने का वादा करती हैं. इतना ही नहीं ममता ने कहा कि कि वह राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया के कारण पश्चिम बंगाल के निवासियों को होने वाली ज़मीनी हकीकत से वाकिफ हैं.