scorecardresearch
 

टीम इंडिया की फिटनेस पर BCCI का 'सर्जिकल स्ट्राइक', CoE में अब नहीं चलेगी ढिलाई, सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसे नियम

बीसीसीआई का नया फिटनेस मॉडल सफल रहा, तो आने वाले समय में खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा और नीतीश रेड्डी की इंजरी ने सीओई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

Advertisement
X
बीसीसीआई खिलाड़ियों की इंजरी से परेशान, फिटनेस के नए नियम बनाए. (Photo: AFP)
बीसीसीआई खिलाड़ियों की इंजरी से परेशान, फिटनेस के नए नियम बनाए. (Photo: AFP)

भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने का सिलसिला लगातार जारी है. जसप्रीत बुमराह समेत कुछ स्टार खिलाड़ी चोट के चलते श्रीलंका दौरे का हिस्सा नहीं बन पाए हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि लगभग हर सीरीज से पहले कोई ना कोई अहम खिलाड़ी फिटनेस के कारण बाहर हो रहा है. इसी वजह से अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों के फिटनेस मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया को बदलने का फैसला किया है.

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अब सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस मानक लागू किए जाएंगे. अब तक अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग फिटनेस मानक अपनाए जा रहे थे, जिसे मौजूदा संकट की बड़ी वजह माना जा रहा है.

खिलाड़ियों की इंजरी से बिगड़े हालात
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर हो चुके हैं. वॉशिंगटन सुंदर भी पहले टेस्ट के लिए फिट नहीं थे और उन्हें स्क्वॉड में जगह नहीं मिली. जबकि हर्षित राणा और नीतीश कुमार रेड्डी भी हाल के महीनों में चोट और फिटनेस समस्याओं के कारण टीम से बाहर रहे. लगातार चोटों के कारण कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी नाराज बताए जा रहे हैं. टीम मैनेजमेंट का मानना है कि बार-बार खिलाड़ियों के टूटने से सही प्लेइंग इलेवन चुनना मुश्किल हो गया है.

Advertisement

पिछले साल स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स के आने के बाद बीसीसीआई ने पारंपरिक यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको (Bronco) टेस्ट को ज्यादा महत्व देना शुरू किया. लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह थी कि ब्रोंको टेस्ट के लिए कोई तय न्यूनतम मानक ही नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों को अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य दिए गए, जबकि बाकी खिलाड़ियों के लिए अलग मानक अपनाए गए. इसी असमानता ने पूरे फिटनेस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए.

CoE ने सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान मानक तय किए हैं
• ब्रोंको टेस्ट: 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड
• 2 किलोमीटर रन टेस्ट: 9 से 10 मिनट
• यो-यो टेस्ट: न्यूनतम स्कोर 16.5

अब इन मानकों पर खरा उतरने के बाद ही खिलाड़ी चयन के लिए फिट माने जाएंगे. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज हर्षित राणा का मामला भी सीओई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें चोटिल मानकर वापस भेजा गया, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें गंभीर चोट नहीं, बल्कि क्रैम्प्स हुए थे. साथ ही उनका वजन भी तय सीमा से ज्यादा था.
यह भी पढ़ें: बाबर आजम की कप्तानी में पाकिस्तान की दमदार वापसी, 3 साल बाद विदेश में मिली टेस्ट जीत

Advertisement

सूत्रों के अनुसार, चयन के समय उनका वजन 97 किलोग्राम था. सीओई ने बाद में उनकी अधिकतम वजन सीमा 96 किलोग्राम तय की. फिलहाल उनका वजन 94 किलोग्राम है और अगले सप्ताह फिटनेस क्लीयरेंस मिलने की उम्मीद है. यानी खिलाड़ी को पहले फिट घोषित किया गया और बाद में वजन पर सवाल उठे.
यह भी पढ़ें: टी20 क्रिकेट में जोस बटलर बने इत‍िहास पुरुष, ऐसा करने वाले इकलौते ख‍िलाड़ी... तोड़ा कीरोन पोलार्ड का महार‍िकॉर्ड

सीओई ने टीम मैनेजमेंट को भरोसा दिलाया था कि जसप्रीत बुमराह श्रीलंका टेस्ट सीरीज के पहले मैच तक फिट हो जाएंगे. लेकिन इंजेक्शन और रिहैब के बावजूद वह समय पर फिट नहीं हो सके. इसके बाद मेडिकल टीम और सीओई की कार्यप्रणाली पर सवाल और तेज हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद सिराज समेत कई नियमित टेस्ट खिलाड़ियों को श्रीलंका दौरे से पहले सीओई में अचानक नए फिटनेस टेस्ट देने पड़े. हैरानी की बात यह रही कि खिलाड़ियों को पहले से इन नए फिटनेस मानकों की पूरी जानकारी ही नहीं थी. अब सभी केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को लिखित रूप में नए पैरामीटर सौंप दिए गए हैं.

बीसीसीआई के भीतर यह भी बात हो रही है कि वनडे विश्व कप 2023, टी20 विश्व कप 2024 और चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान अपनाया गया फिटनेस मॉडल ज्यादा प्रभावी था. उस समय हर खिलाड़ी का वर्कलोड, रिकवरी प्लान और फिटनेस टेस्ट उसकी जरूरत के हिसाब से तय किए जाते थे. यो-यो टेस्ट भी हर कुछ महीने में या चोट से वापसी के समय ही कराया जाता था.

Advertisement

अब खिलाड़ियों से बार-बार ब्रोंको टेस्ट, 2K रन टेस्ट और यो-यो टेस्ट कराए जा रहे हैं, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है. टीम इंडिया के सामने श्रीलंका टेस्ट सीरीज, न्यूजीलैंड दौरा, एशियन गेम्स और फिर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जैसी बड़ी चुनौतियां हैं. ऐसे में बीसीसीआई अब फिटनेस को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहता.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement