टेस्ट क्रिकेट
टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket), क्रिकेट का एक प्रारूप है जिसमें मैच की सबसे लंबी अवधि, लगभग पांच दिनों तक होती है. इसे खेल का उच्चतम मानक माना जाता है. टेस्ट मैच राष्ट्रीय प्रतिनिधि टीमों के बीच खेले जाते हैं जिन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा निर्धारित और सम्मानित टेस्ट दर्जा दिया गया है.
पांच दिनों तक खेले जाने की वजह से इसे टेस्ट कहा जाता है क्योंकि मैचों की लंबी पारी, उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परखती है. 11 खिलाड़ियों की दो टीमें प्रत्येक चार-पारी का मैच खेलती हैं. इसे आम तौर पर एक टीम की सहनशक्ति और क्षमता की सबसे संपूर्ण परीक्षा माना जाता है (Five Days Match).
पहला आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त टेस्ट मैच 15 और 19 मार्च 1877 को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला गया था (First Test Cricket Match). अक्टूबर 2012 में, आईसीसी ने टेस्ट मैचों के लिए खेलने की स्थिति में बदलाव किया, जिसमें दिन/रात टेस्ट मैचों की अनुमति दी गई. 27 नवंबर से 1 दिसंबर 2015 को एडिलेड ओवल, एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पहला दिन / रात का खेल हुआ था (First Day –Night Cricket Match).
भारतीय क्रिकेट टीम ने 1932 के सत्र में "अखिल भारतीय" शीर्षक के तहत इंग्लैंड का दौरा किया. उनकी कप्तानी पोरबंदर के महाराजा ने की थी. 1911 के आस पास भारत को आईसीसी पूर्ण सदस्य का दर्जा दिया गया था और उन्होंने जून में लॉर्ड्स (Lord’s) में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था. यह इस दौरे पर आयोजित एकमात्र टेस्ट था, जिसमें इंग्लैंड ने दो पारियों में 259 और 275/8 डी स्कोर करने के बाद 158 रन से जीत हासिल की, जबकि भारत 189 और 187 पर आउट हो गया (First Test Cricket Match of India).
हसन की हैट्रिक न सिर्फ उनके करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए भी खास पल है. अब टीम की कोशिश इस बढ़त का फायदा उठाकर मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करने की होगी.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ ने बल्ले से गजब का प्रदर्शन किया. रेनशॉ ने 9 साल बाद टेस्ट में दूसरा शतक जड़ते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. इससे पहले उन्होंने साल 2017 में शतक लगाने का कारनामा किया था.
निक मैडिनसन की कहानी केवल टेस्ट टीम में वापसी तक सीमित नहीं है. गंभीर बीमारी के इलाज के बाद घरेलू क्रिकेट में लौटना और फिर ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना उनके लिए लंबी यात्रा का नतीजा है. अब उनकी नजरें इस मौके का पूरा फायदा उठाने पर हैं.
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस उस्मान ख्वाजा की आने वाली आत्मकथा को लेकर चिंतित नहीं हैं. माना जा रहा है कि इस किताब में 2018 के बॉल टैंपरिंग कांड से जुड़े कुछ पहलुओं का जिक्र हो सकता है. कमिंस ने कहा कि उस मामले की जांच बहुत पहले पूरी हो चुकी है और टीम पिछले आठ साल में आगे बढ़ चुकी है.
एक ऐसा खिलाड़ी जिसने बचपन में रिकॉर्ड तोड़े, साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला और घरेलू स्तर पर लंबा करियर बनाया, उसका क्रिकेटिंग सफर आखिरकार बैन के साथ खत्म हुआ. थामी सोलेकिले की कहानी साउथ अफ्रीकी क्रिकेट के उन अध्यायों में शामिल है, जिसमें प्रतिभा, वापसी और विवाद- तीनों साथ दिखाई देते हैं.
श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है. धनंजय डी सिल्वा ने टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने तत्काल प्रभाव से कप्तानी से इस्तीफा दिया. डी सिल्वा ने कहा कि उनका मानना है कि अब नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है. वह बतौर खिलाड़ी श्रीलंका के लिए उपलब्ध रहेंगे.
युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से टीम इंडिया के सेटअप से बाहर चल रहे हैं. वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल जैसे स्पिनर्स के चलते चहल को जगह नहीं मिली. क्योंकि ये दोनों बैटिंग करने में भी माहिर हैं और चहल सिर्फ गेंदबाजी के चलते टीम इंडिया में ज्यादा नहीं टिक सके.
भारत के लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे. तभी उन्होंने लॉर्ड्स के मैदान से अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा था कि द लास्ट डांस. इसके बाद से कयास लगाए जाने लगे थे कि चहल अब जल्द ही क्रिकेट से दूरी बना सकते हैं.
इंडिया-ए की जीत में कुमार कुशाग्र ने बल्ले से शानदार योगदान दिया. वहीं गेंदबाजी में शम्स मुलानी, तुषार देशपांडे समेत अन्य गेंदबाजों का योगदान निर्णायक रहा. अब दूसरे मुकाबले के जरिए ऑस्ट्रेलिया-ए सीरीज बराबर करने उतरेगा, जबकि इंडिया-ए के पास सीरीज अपने नाम करने का मौका होगा.
22 साल के मुहम्मद शहजाद ने ताबड़तोड़ शतक लगाकर मिस्बाह उल हक को पीछे छोड़ दिया. उनकी पारी ने यह भी दिखाया कि पाकिस्तान के घरेलू क्रिकेट में एक ऐसा बल्लेबाज दस्तक दे रहा है, जो तेजी से रन बनाने की क्षमता रखता है.
क्रिकेट के मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग अब गेम शो राइज एंड फॉल सीजन 2 को होस्ट करने वाले हैं. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी बॉयोपिक का जिक्र किया.
मार्क वुड के करियर के अंतिम दौर में इंजरी सबसे बड़ी चुनौती बन गईं. पिछले साल नवंबर में पर्थ में खेला गया एशेज टेस्ट इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी मुकाबला साबित हुआ. इसके बाद एक और इंजरी ने उनकी वापसी मुश्किल कर दी. वुड के मुताबिक मेडिकल सलाह के बाद उनके लिए टेस्ट और 50 ओवर्स क्रिकेट खेलना संभव नहीं है.
भारत की टेस्ट टीम में रिजर्व ओपनर की जगह के लिए साई सुदर्शन के सामने अमन मोखाडे की भी चुनौती है. श्रीलंका-ए के खिलाफ अमन को कुछ अच्छी शुरुआत मिली थी, लेकिन वह उन्हें बड़ी पारियों में नहीं बदल सके. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ सुदर्शन के पास अपनी दावेदारी को और मजबूत करने का मौका है.
वैभव सूर्यवंशी को लेकर लगातार चर्चाओं का माहौल गर्म है. अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था. जिसके बाद फैन्स बेहद निराश नजर आए.
कर्नाटक के तेज गेंदबाज विजयकुमार वैशाक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं. फिलहाल विजयकुमार वैशाक पूरी तरह फिट नहीं हैं. हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण वो टीम के साथ पुडुचेरी नहीं जा सकेंगे.
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ऋषभ पंत को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है. टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद पंत चयनकर्ताओं की पसंद नहीं बने. ध्रुव जुरेल को दूसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है. पंत अब ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी करेंगे. हालांकि उनका वनडे करियर खत्म हुआ है, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी और आगे मौके बन सकते हैं.
पाकिस्तान अब नवंबर में श्रीलंकाई टीम की मेजबानी करेगा. दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी. मुकाबले रावलपिंडी और लाहौर में होंगे. पाकिस्तान के लिए यह सीरीज खास तौर पर अहम होगी. इंग्लैंड के खिलाफ करारी हार और स्लो ओवर रेट ने उसके डब्ल्यूटीसी अभियान को बड़ा झटका दिया है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए अब अगला सवाल सिर्फ खिलाड़ियों के चयन का नहीं, बल्कि पूरे टेस्ट सेटअप की दिशा तय करने का है. यही वह दौर होगा जब पीसीबी यह तय कर सकता है कि माइक हेसन को रेड-बॉल क्रिकेट में भी फुलटाइम कोच बनाया जाए या नहीं.
इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में 62 रनों की नाबाद पारी खेलकर सचिन तेंदुलकर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। रूट टेस्ट क्रिकेट में 69 अर्धशतकों के साथ सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सचिन के नाम 68 अर्धशतक हैं।
तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तानी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और उसे एक भी जीत नहीं मिली. अब कप्तान बाबर आजम के बयान के बाद टीम सेलेक्शन, खिलाड़ियों की भूमिका और भविष्य की रणनीति को लेकर होने वाली बैठक पर सबकी नजरें रहेंगी.
इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम टेस्ट मैच में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने बल्ले से भी कहर बरपाया. रजाउल्लाह ने टेस्ट डेब्यू पर पारी में 9 छक्के लगाए और वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. रजाउल्लाह ने पाकिस्तान के लिए पहली पारी में शानदार गेंदबाजी भी की थी.