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Navratri Akhand Jyoti Niyam: नवरात्र में अखंड ज्योति जलाने का क्या है सही नियम? इन छोटी-छोटी बातों का जरूर रखें ध्यान

Navratri Akhand Jyoti Vidhi Niyam: नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने से पहले सही दिशा और वास्तु से जुड़ी बातों को जान लें. यहां जानें माता की चौकी कहां रखें, सही विधि क्या है और ज्योति जलाते समय किन बातों का ध्यान रखें.

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जानें नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का तरीका (Photo: ITG)
जानें नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का तरीका (Photo: ITG)

Shardiya Navratri Akhand Jyoti Niyam: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है. यह पर्व मां दुर्गा को समर्पित है, जो पूरे नौ दिनों तक चलता है.  इस दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ अखंड ज्योति जलाने की भी परंपरा है. कई भक्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाते हैं. मान्यता है कि नौ दिनों तक लगातार जलने वाली ज्योति मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का प्रतीक है. हालांकि, अखंड ज्योति जलाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.

अखंड ज्योति जलाने के लिए सही दीपक, बत्ती और घी या तेल का इस्तेमाल करना जरूरी है. साथ ही, इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि दीपक में घी या तेल कम न हो और उसकी लौ लगातार जलती रहे. तो आइए जानते हैं नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का सही तरीका क्या है. साथ ही जानिए इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

अखंड ज्योति जलाने की शुभ दिशा

वास्तु के अनुसार, नवरात्रि में अखंड ज्योति रखने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को शुभ माना जाता है. इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से है. पूजा घर में जगह हो, तो यहां दीपक रख सकते हैं. ध्यान रखें कि ज्योति ऐसी जगह हो, जहां उसकी देखभाल आसानी से हो सके और आग लगने का खतरा भी न रहे.

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नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने की सही विधि

नवरात्रि के पहले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा घर की सफाई कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा की तैयारी करें.  फिर अखंड ज्योति रखने के लिए साफ-सुथरा जगह चुनें. अब एक लकड़ी की चौकी पर साफ लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर दीपक रखें. दीपक ऐसी जगह रखें, जहां वह स्थिर रहे और आसानी से गिर न सके.

अखंड ज्योति के लिए ऐसी बत्ती चुनें, जो लंबे समय तक जल सके.  आप गाय के घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर घी उपलब्ध न हो तो तिल या सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.  इस बात का ध्यान रखें कि बत्ती को दीपक में ठीक तरह से लगाएं, ताकि लौ स्थिर बनी रहे.

दीपक जलाने से पहले मां दुर्गा का ध्यान करें. नवरात्रि के नौ दिनों तक पूजा करने का संकल्प लें. मन में अपनी श्रद्धा और मनोकामना व्यक्त करते हुए देवी से पूजा पूरी करने की प्रार्थना करें. इसके बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें. फिर दीपक के पास फूल और अक्षत अर्पित करें. इसके बाद मां दुर्गा की पूजा करें. साथ ही, आरती के साथ उनका स्मरण करें.

अखंड ज्योति जलाते समय इन बातों का रखें ध्यान

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अगर आपने नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लिया है, तो इसकी देखभाल के लिए पहले से इंतजाम कर लें. घर में कोई न कोई व्यक्ति इसकी निगरानी  जरूर करें. जलते हुए दीपक को अकेला छोड़ने से आग लगने का खतरा हो सकता है.

अखंड ज्योति को चौकी पर रखना शुभ माना जाता है. दीपक को हमेशा समतल और सुरक्षित जगह पर रखें. इसके आसपास पर्दे, कागज या कपड़े जैसी चीजें न रखें. साथ ही, दीपक को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें.

दीपक में घी या तेल कम होने पर ज्योति बुझ सकती है. इसलिए समय-समय पर घी या तेल की मात्रा चेक करते रहें. इसे डालते समय सावधानी बरतें और दीपक को पूरा न भरें. साथ ही, बत्ती का आकार दीपक के हिसाब से रखें. इसके अलावा अखंड ज्योति से दूसरा दीपक जलाने और बार-बार उसकी बत्ती बदलने से बचना चाहिए. 

अखंड ज्योति का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में दीपक को रोशनी, आस्था और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाकर भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और नौ दिनों तक उनकी आराधना करते हैं. मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

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