मंगल और शनि का केंद्र संबंध सामान्य तौर पर तनाव और रुकावट से जुड़ा माना जाता है. मंगल ऊर्जा और अग्नि का प्रतीक है. जबकि शनि ठहराव और अनुशासन से जुड़ा ग्रह है. फिर भी कुछ राशियों के लिए यही प्रभाव मजबूती, मेहनत और सफलता का कारण बन सकता है.
Shukra Gochar: 5 नवंबर से शुक्र कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. जानिए किन 7 भाग्यशाली राशियों के लिए यह गोचर रहेगा बेहद शुभ और बरसेगा धन.
जन्माष्टमी पर ग्रहों की एक दुर्लभ स्थिति बनने वाली है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन सिंह राशि में त्रिग्रही योग बनेगा. सूर्य, केतु और बुध तीनों ही ग्रह इस दिन सिंह राशि में एकसाथ विराजमान रहेंगे. इतना ही नहीं, सूर्य-बुध मिलकर यहां बुधादित्य राजयोग का निर्माण भी करेंगे.
Garud Puran: हिंदू धर्म में किसी व्यक्ति के निधन के तुरंत बाद उसके पार्थिव शरीर को बिस्तर से उतारकर जमीन पर लिटाने की परंपरा सदियों से निभाई जा रही है. लेकिन क्या यह केवल एक पुरानी रस्म है या इसके पीछे कोई गहरा धार्मिक रहस्य है. आइए जानते हैं.
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी से पहले घर में कुछ खास चीजें लाना शुभ माना जाता है. जानें बांसुरी, तुलसी, गाय-बछड़े की प्रतिमा समेत कौन-सी 5 चीजें घर लाने की है मान्यता.
Krishna Janmashtami 2026: साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस बार जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में ठीक वैसा ही दुर्लभ संयोग बन रहा है जैसा भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय बना था अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की उपस्थिति.
Shukra Gochar: आज 2 सितंबर 2026 को शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे. शुक्र गोचर से मिथुन, धनु समेत 3 राशियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. जानें किन राशियों को धन के मामले में सावधानी बरतनी होगी.
Malavya Rajyog 2026: 2 सितंबर यानी आज हुए शुक्र के इस गोचर से पंचमहापुरुष योगों में शामिल अत्यंत दुर्लभ मालव्य राजयोग का निर्माण हो रहा है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को फायदा होगा.
Quote of the Day: चाणक्य नीति के अनुसार जीवन में कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हर किसी से शेयर नहीं करना चाहिए. जानें वे 5 बातें, जिन्हें गुप्त रखना ही समझदारी है और क्यों.
आजतक के कार्यक्रम भाग्य चक्र में शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि मंगल ग्रह की वजह से कौन-कौन सी स्वास्थ्य की समस्याएं होती हैं और अगर मंगल की वजह से स्वास्थ्य की समस्याएं हो रही हैं तो ज्योतिष के अनुसार उनका समाधान क्या है? साथ ही उन्होनें12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में चर्चा की.
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि कान्हा की गूढ़ लीलाओं को याद करने का पावन दिन है. तो चलिए जन्माष्टमी पर जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के वो 4 अनसुने पहलू जिन्होंने पूरे जगत को प्रेम और कर्तव्य का सही अर्थ सिखाया.
Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व द्वापर युग जैसे ऐतिहासिक और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाया जाएगा. इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में विराजमान रहेंगे और रोहिणी नक्षत्र की साक्षी के साथ 'सर्वार्थ सिद्धि योग' व 'हर्षण योग' का अति शुभ महासंयोग भी निर्मित हो रहा है. तो आइए जानते हैं कि कौन सी राशियां लकी कहलाएंगी.
Shukra Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को धन, वैभव, सुख-सुविधा, कला, प्रेम और आकर्षण का कारक माना जाता है. जब शुक्र अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश करता है, तो ज्योतिषीय दृष्टि से इसकी स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है. कुंडली में शुक्र की मजबूत स्थिति से कुछ विशेष योगों का निर्माण हो सकता है.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे पूजा का महत्व और बढ़ गया है. भक्त निशिता काल में लड्डू गोपाल का अभिषेक और श्रृंगार कर जन्मोत्सव मनाएंगे. रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक पूजा का शुभ समय रहेगा. माखन मिश्री, पंचामृत, खीर और पंजीरी समेत कई प्रसाद भगवान को अर्पित किए जाएंगे.
शुक्र देव 2 सितंबर को तुला राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और 6 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार शुक्र का यह गोचर चार राशियों के लिए खास शुभ माना जा रहा है. मेष, मिथुन, सिंह और वृश्चिक राशि वालों को करियर, कारोबार, धन और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव मिल सकते हैं. रुके काम पूरे होने, नए अवसर मिलने और आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं.
Shri Krishna Janmashtami 2026 kab hai: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 की तारीख को लेकर लोगों के बीच भ्रम बना हुआ है. आखिर इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी या 5 सितंबर को? अष्टमी तिथि कब शुरू होगी, कब समाप्त होगी और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का शुभ समय क्या रहेगा. आइए ज्योतिष और धर्म के जानकार प्रवीण मिश्र जी से जानते हैं कि कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी 4 या 5 सितंबर.
2026 में कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे करीब 15 साल बाद होने वाला बताया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म भी इसी संयोग में हुआ था।
Aaj 2 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 2 सितंबर 2026, दिन- बुधवार, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष, पंचमी तिथि सुबह 06.12 बजे तक फिर षष्ठी तिथि, भरणी नक्षत्र, चंद्रमा- मेष में, सूर्य- सिंह में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.28 बजे से दोपहर 15.18 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.21 बजे से दोपहर 13.56 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.
Aaj 2 September 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्रा का कहना है कि सितंबर का महीना सभी राशियों के लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आने वाला है. कन्या और मीन राशि के जातकों की आय में वृद्धि इस महीने संभव है. हालांकि कुछ लोगों को आर्थिक मोर्चे पर सावधानी से काम लेने की सलाह भी दी गई है.
7 सितंबर को गुरु और चंद्रमा कर्क राशि में मिलकर गजकेसरी योग का निर्माण करने वाले हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि गजकेसरी योग इस बार तीन राशियों को लाभ देने वाला है. मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा.