Makar Sankranti 2026: वाराणसी के कथावाचक और ज्योतिषविद दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, इस साल मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा. और अगले 54 साल यानी 2080 तक मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी. हालांकि उनके इस तर्क को कुछ ज्योतिष विद्वानों ने गलत बताया है.
Makar Sankranti 2026:मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है. यह हर साल जनवरी के मध्य, आमतौर पर 14 जनवरी को मनाया जाता है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिससे उत्तरायण की शुरुआत होती है. यह पर्व नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में खुशहाली का संदेश देता है.
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण के हो जाते हैं. उत्तरायण को देवताओं का काल कहा गया है. इस दौरान स्वर्ग के द्वार खुले रहते हैं. इसलिए जिस इंसान की मृत्यु उत्तरायण के सूर्य में होती है, उसे सीधे स्वर्ग मिलता है.
Makar Sankranti 2026 पर किन कामों से बचना चाहिए? जानिए शास्त्रों के अनुसार forbidden things, पूजा-दान के नियम और lucky tips for prosperity.
Makar Sankranti 2026 Date: सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश के साथ ही उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है. हालांकि, इस वर्ष मकर संक्रांति की तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा जी से जानते हैं कि मकर संक्रांति की सही तिथि 14 जनवरी रहेगी या 15 जनवरी. क्या 15 जनवरी को उदया तिथि के हिसाब से ही मकर संक्रांति मनाना ज्यादा उत्तम रहेगा.
Makar Sankranti 2026: यह दिन सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक माना जाता है, जिसे शुभता, ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन का समय कहा गया है. शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति पर किए गए उपाय पूरे वर्ष सुख, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकते हैं.
आज कैसा रहेगा आपका दिन और आपको किन बातों का ध्यान का विशेष ध्यान रखना होगा? इसे जानने के लिए ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे बता रहे हैं मेष से मीन तक के सभी राशियों का हाल. बता रहे ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे और प्रवीण मिश्र. देखें ये खास एपिसोड.
Shukra Gochar 2026 Rashifal: मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी यानी आज शुक्र ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेगा, जो कई राशियों के जीवन में सुख, धन और संबंधों में सकारात्मक बदलाव लाएगा. ज्योतिष के अनुसार, यह गोचर आर्थिक स्थिरता, करियर में प्रगति और पारिवारिक जीवन में मधुरता का संकेत दे रहा है.
Chaturgrahi Rajyog 2026: मकर संक्रांति के आसपास बनने वाला चतुर्ग्रही राजयोग ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद दुर्लभ और प्रभावशाली माना जा रहा है. सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की एक ही राशि में युति न सिर्फ करियर और धन के नए अवसर खोलेगी, बल्कि भाग्य का भी पूरा साथ दिला सकती है. तो आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में.
Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के दुर्लभ संयोग ने लोगों के मन में दोनों पर्वों की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. एक ओर शास्त्र सूर्य गोचर के दिन संक्रांति मनाने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर एकादशी के नियम खिचड़ी पर्व की तारीख पर सवाल खड़े कर रहे हैं. ऐसे में सही तिथि जानना भक्तों के लिए बहुत जरूरी हो गया है. तो आइए जानते हैं इस पर्व की सही तिथि.
Lohri 2025: लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो खासतौर पर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है. यह पर्व हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है और सर्दियों के अंत और फसल के नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक है.
Aaj 13 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 13 जनवरी 2026, दिन- मंगलवार, माघ मास, कृष्ण पक्ष, दशमी तिथि दोपहर 15.17 बजे तक फिर एकादशी तिथि, विशाखा नक्षत्र, चंद्रमा- तुला में शाम 17.21 बजे तक फिर वृश्चिक में, सूर्य- धनु राशि में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.09 बजे से दोपहर 12.51 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 15.07 बजे से दोपहर 16.26 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.
Aaj 13 January 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): आज का पंचांग
14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन सूर्य शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य-शनि का यह मिलन मेष, कुंभ और मीन राशि वालों को साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत दिला सकता है. ज्योतिष अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से साढ़ेसाती के प्रभाव को कम किया जा सकता है.
Shattila Ekadashi 2026 Date: माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 17 मिनट से आरंभ होगी. और 14 जनवरी को शाम 5 बजकर 52 मिनट पर इसका समापन होगा. ऐसे में षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी को रखना ही उचित होगा.
23 फरवरी 2026 को मंगल कुंभ राशि में गोचर करेंगे, जहां पहले से राहु मौजूद है. इससे 18 साल बाद कुंभ राशि में राहु-मंगल की युति बनेगी और अंगारक योग का निर्माण होगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह दुर्लभ संयोग पांच राशियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.
14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि की मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष में सूर्य-शनि का यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए शुभ रहने वाला है. खासतौर पर धन, आय और आर्थिक स्थिरता के मामले में लाभ के योग बनते दिख रहे हैं.
मकर संक्रांति पर दान-स्नान जैसे शुभ कार्य पुण्य काल में करना अच्छा माना जाता है. हालांकि इस बार मकर संक्रांति की तिथि की कन्फ्यूजन में लोगों को पुण्यकाल की सही जानकारी नहीं है. आइए जानते हैं कि इस दिन पुण्यकाल का समय क्या रहने वाला है.
Lohri Upay 2026: मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के उत्तरायण होने की खुशी में भी मनाया जाता है. लोहड़ी मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है. मान्यता है कि लोहड़ी की अग्नि नकारात्मकता को दूर करती है और सुख-समृद्धि लाती है. इस रात कुछ खास करने से भाग्य का साथ मिलता है, रुके हुए काम पूरे होते हैं.
13 जनवरी को शुक्र ग्रह मकर राशि में गोचर करने वाला है. यह शनि की राशि है जहां 14 जनवरी को सूर्य भी गोचर करने वाले हैं. ऐसे में मकर राशि में सूर्य-शुक्र की युति शुक्रादित्य योग का निर्माण करेगी जो तीन राशियों के लिए लाभकारी होगा.
Makar Sankranti 2026 Date: मकर संक्रांति 2026 की तिथि को लेकर इस बार लोग असमंजस में हैं. कुछ लोगों का कहना है कि इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा तो कुछ का कहना है कि 15 जनवरी को. वाराणसी के ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, इस बार मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाना ही शुभ माना जा रहा है.