सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त यानी आज है. सावन का ये सोमवार त्रयोदशी तिथि यानी प्रदोष व्रत के संयोग में आया है. सावन सोमवार को व्रत के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अत्यंत शुभ होती है. वहीं, त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में शिव पूजा करने की सलाह दी गई है. इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र, शमी पत्र, भस्म, रुद्राक्ष और पंचामृत चढ़ाने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.
ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे के अनुसार, सावन के सोमवार संध्या या रात्रिकाल में कुछ उपाय करना बहुत उत्तम होता है. यह उपाय करने से इंसान के जीवन में चल रही हर बाधा का अंत हो सकता है और मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है.
1. भगवान शिव के सामने घी का दीपक जलाकर एकांत में बैठकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें. इसके बाद शिवजी से कामना पूर्ति की प्रार्थना करें.
2. त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में करने की सलाह दी गई है. प्रदोष काल सूर्यास्त के 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक माना गया है. इस अवधि में भगवान की पूजा कर उन्हें उनकी प्रिय चीजें अर्पित करें.
3. सावन सोमवार पर भगवान शिव को अलग-अलग फूल और पत्तियां अर्पित करने से अलग-अलग फल मिलने की मान्यता बताई गई है. मनोकामना के अनुसार पूजा में इनका प्रयोग किया जा सकता है.
धतूरे का फूल: शिवलिंग पर धतूरे का फूल अर्पित करने से मनचाही संतान की प्राप्ति की मान्यता बताई गई है.
बेलपत्र: कम से कम तीन या नौ बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित करने से इच्छा पूर्ति और आयु वृद्धि का फल मिलने की बात कही गई है.
गुड़हल: जपा कुसुम यानी गुड़हल का फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से शत्रुओं और विरोधियों के शांत होने की मान्यता है.
हरसिंगार: हरसिंगार के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने से धन और संपत्ति की प्राप्ति का फल बताया गया है.